--सदन से बाहर तो कई अन्य अन्य मामले भी चर्चा में
आगरा, संस्थाओं की जमीनों पर कब्जे
करने की नियत से सक्रिय दो काकसों के कभी भी जांच के दायरे में आजाने
की संभावना है।
पर एम जी रोड स्थित माथुर वैश्य समाज के
छात्रावास की जमीन जमीन पर आगरा हेरिटेज सेंटर बनाने के नाम पर एक सोसाइटी द्वारा जमीन
हड़पने की कोशिश किए जाने का मुद्दा विधानसभा में गूंजते ही कई और मामलों को भी उठाये
जाने की कोशिशें शुरू हो गयी हैं। सरकार की ओर संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने कहा कि
यह गंभीर मसला है और इसे दिखवाया जाएगा।
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| (एमजीरोड स्थिति वैश्य समाज आगरा का हॉस्टल ,जिसे हैरिटेज सेंटर बनाये जाने के लिये शासनने जारी कर रखाहै शासनादेश्ा।) |
विधानसभा में गुरुवार को भाजपा के योगेंद्र उपाध्याय ने यह मसला
नियम -56 के तहत उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारियों ने दिल्ली में एक सोसाइटी बना ली और उनकी निगाह यहां के छात्रवास की जमीन पर है। यह सोसाइटी बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना की तर्ज पर यहां आकर जमीन पर कब्जे की कोशिश में है। यह सब आगरा हेरिटेज सेंटर बनाने के नाम पर हो रहा है।
नियम -56 के तहत उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारियों ने दिल्ली में एक सोसाइटी बना ली और उनकी निगाह यहां के छात्रवास की जमीन पर है। यह सोसाइटी बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना की तर्ज पर यहां आकर जमीन पर कब्जे की कोशिश में है। यह सब आगरा हेरिटेज सेंटर बनाने के नाम पर हो रहा है।
आजम खां ने कहा कि इस मामले में यह भी देखने की बात है कि दो पार्टियों के
झगड़े में कोई तीसरा तो इस पर निगाह नहीं लगाए बैठा है। भाजपा के सुरेश खन्ना ने कहा
कि सरकार कम से कम पिछले साल 28 दिसंबर के शासनादेश
पर तो रोक लगा ही दे ताकि इसके जरिए कब्जा न हो सके। आजम खां ने कहा कि यह मामला कहीं
पे निगाहें कहीं पर निशाना सरीखा लगता है। इसलिए इस पर सभी पहलुओं को देखा जाएगा।
