9 जनवरी 2016

असैनिकों का सेना की बर्दी को बेचना और पहनना गैर कानूनी

--सेना ने जारी किये बर्दी उपयोग संबधी दिशा निर्देश

आगरा: छीपीटोला कबाडा मार्केट में भले ही सेना और पुलिस की पुरानी बर्दियां बिकने का काम जारी हो  किन्‍तु
पठानकोट हमले के बाद सेना की ओर से इस प्रकार की बिक्री को गैरकानूनी बतायाहै साथ ही कहा है कि नागरिक खुद भी सेनाकी ड्रैस से मिलती जुलती को न तो खुद खरीदें और नहीं पहनें। सेना ने दुकानदारों से भी अपील की है कि वे नागरिकों को इस तरह के कपड़े ना बेचें. सेना ने आतंकी हमलों से बचने और आतंकवाद के साथ मुकाबला करने के लिए आम नागरिकों को संबोधित एक ताजा दिशा-निर्देश में यह अपील की है.

सेना की पंजाब में स्‍थित
स्‍टैटिक फर्मेशनों के माध्‍यम से जारी एक दिशानिर्देशों में कहा गया है कि सेना की वर्दी से मिलते-जुलते कपड़े बेचना और खरीदना कानून अपराध है. एक अधिकारी ने बताया, इसी प्रकार आम नागरिकों द्वारा ऐसे कपड़े पहनना गैरकानूनी है और इससे गलत संकेत जाता है जिसका शत्रु गलत फायदा उठाते हैं। अधिकारी ने आगे कहा, 'जो व्यापारी और दुकानदार सेना की वर्दी बेचने में दिलचस्पी रखते हैं, उन्हें स्थानीय सैन्य प्रशासन व अधिकारियों से संपर्क कर सेना की दुकानों व मान्यता प्राप्त जगहों में इन वर्दियों को बेचने की अनुमति मांगनी चाहिए. अनुमति मिलने के बाद ही उन्हें सेना की वर्दी बेचनी चाहिए। अनधिकृत लोगों को सेना की वर्दी बेचना गैरकानूनी है। बताया गया है कि  इस प्रकार के  दिशानिर्देश जनहित में जारी किया गया है और इसका मकसद आतंकी   हमलों से सुरक्षा है।सेना ने पुलिस और प्रशासन से भी अपील की है कि वे इस नियम  का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें।

सेना के प्रवक्ता ने कहा, 'हम देश के युवाओं से अपील करते हैं कि वे सोशल मीडिया के द्वारा इस विषय में अधिक-से-अधिक लोगों को जागरूक करें. युवा मिलकर सेना की वर्दी-उपकरण के गलत और बेजा इस्तेमाल के खिलाफ एक जन अभियान शुरू करें.' उन्होंने कहा कि सेना और पुलिस को सैन्य वर्दी पहनकर और कंधे पर बैग टांगकर घूम रहे संदिग्ध लोगों के बारे में जानकारी मिलती रहती है।