--डा सुब्रहामण्यम स्वामीने कहा कि विरोधी ‘असहष्णू’ हैं
--सपा के बुक्कल नवाब भी राम मन्दिर की हिमायत में उतरे
नई दिल्ली: राम मंदिर से जुडे तथ्यों पर जहां दिल्ली
विश्वविद्यालय में आयोजित सेमीनार को छात्रों के एक वर्ग ने
कडा विरोध कर आयोजन में व्यवधान डालने का प्रयास किया है,वहीं दूसरी ओर राम मंदिर के मुद.दे पर नाकारात्मक रुख
रखने वाली समाजवादी पार्टी ने भी अपने रवैय में बदलाव का संकेत दिया है। जहां
पूर्व में एक राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त नेता बिजनौर के ओमपाल
नेहरा को राम मन्दिर के संबध में नरम बात कहने पर
पार्टी जनों ने निकाल बाहर किया था वहीं अब पार्टी के टैलीविजन की बहसों में
प्रतिनिधित्व करने वाले एवं मुख्यमंत्री
अखिलेश यादव के बेहद करीबी होने का दावा करने वाले श्री बुक्कल नवाब ने अयोध्या
में राम मंदिर का निर्माण कराने की मांग की है। यही नहीं श्री बुक्कल
नवाब तो राम
मंदिर का निर्माण मार्च 2017 तक चाहते हैं।![]() |
| (सपा नेताबुक्कल नबाब और डा सुब्रहामण्यम स्वामी पार्टियां अलग लेकिन लाइन एक) |
प्राप्त
जानकारी के अनुसार पार्टी में आंतरिक तौर पर फैसला लिया गया हे कि पार्टी के
नेताओं में से कुछ को हिन्दू मतदाताओं के नकारात्मक खत्म करने के लिये चर्चित
चेहरा बनाया जाये। यही नहीं उनके माध्यम से बहस चलवाकर यह साबित किया जाये कि
समाजवादी पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र में विभिन्न विचारों पर बहस के लिये
भरपूरजगहहै।
उधर दिल्ली विश्विवद्यालय में आयोजित राम मंन्दिर सेमीनार
के खिलाफ एनएसयूआई, वामपंथी संगठन, आम आदमी पार्टी का छात्र संघ समेत तमाम शिक्षक एक जुट हो गये । इनका विरोध
इतना उग्र हो गया है कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और कई कार्यकर्ताओं को
गिरफ्तार भी करना पड़ा।
'राम जन्मभूमि मंदिर : उभरता परिदृश्य' नाम के विषय पर आयोजित दो दिवसीय सेमीनार का का शिनवार को पहला दिन थे।
इसका आयोजन विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत नेता अशोक सिंघल द्वारा स्थापित शोध
संस्थान ‘अरूंधती वशिष्ठ अनुसंधान पीठ’ द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय के कला संकाय में हो रहा है। भाजपा का छात्र
संगठन एबीवीपी इस सेमिनार का समर्थन कर रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सुब्रमण्यम स्वामी इस संगठन के
अध्यक्ष हैं। अंतरिम रूप से उन्होंने ही इस सेमिनार का पूरा आयोजन करवाया है। इसके
उद्घटन सत्र की शुरूआत अपने भाषण से की। डा स्वामी ने कहा कि उन्होंने जैसा कहा
वहीं हुआ मसलन राजा 2G में जेल जाएंगे, वह गए। अब कह रहा हूं राम मंदिर अयोध्या में बनेगा। राजीव गांधी ने 1989
में कहा था, देश में रामराज्य होगा। वह अच्छे
इंसान थे।
विरोध करने वालों पर उन्होंने कहा, वे असहनशील हैं। उन्होंने बताया कि यहां राम मंदिर से
जुड़े तथ्यों और रिसर्च पेपर को यहां लोग पेश करेंगे। यहां समान विचारधारा वालों
को बुलाया गया है। इसका विरोध करने वाले खुद असहिष्णु हैं।
इस सेमिनार में इतिहासकार, पुरातत्वविद और कानून विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे। इन विषयों
में 'भगवान राम का चरित्र और मूल्य, भारतीय
संस्कृति में उनके प्रभाव', 'राममंदिर का इतिहास अैर संबंधित
पुरातत्व तथ्य', 'राम मंदिर से जुड़े कानूनी पहलू' और 'राम मंदिर के अनुभव तथा भविष्य' आदि शामिल हैं।
