30 जनवरी 2016

सामाजिक जागरूकता से ही नशेबाजी पर रोकथाम संभव

 सोई व्‍यवस्‍था को जाग्रत करने को चिम्‍मन लाल जैन की कोशिशें सामायिक


( गांधीजी के बलिदान दिवस पर आयोजित संगोष्‍ठी में  गांधीवादी चिम्‍मन लाल जैन ,
 डा आलोक पुराणिक, साधवी खोसला, रोली सिन्‍हा,अनिल शर्मा,,फादर पॉलथनिकल, अध्‍यक्षता राजीव सक्‍सेना ने की)
आगरा : देश की मजबूती और समाज के उस व्‍यक्‍ति जो कि अंतिम पंक्‍ति में खडा है को खुशहाल करने के लिये  महात्‍मा गांधी  का बताया रास्ता ही आज भी प्रासंगिक है। यह कहना है प्रमुख अर्थशास्त्री  एवं दिल्ली  विश्‍विद्यालय के एसोसियेट प्रोफेसर आलोक पुराणिक का जो कि वायोबृद्ध स्‍वतंत्रता सेनानी श्री चिम्‍मन लाल जैन के नेतृत्‍व में चल रहे  मूवमेंट अगेंस्‍ट ऐडिक्‍शन ' के तहत सेंटपीटर्स कॉलेज हाल में महात्‍मा गांधी  बलिदान  दिवस पर...
आयोजित   चेलैंज बिफोर सोसायटी एंड रोल आफ यूथ कॅटेंट इट विषय पर संवाद और परिचर्चा ' कार्यक्रम को सम्‍बोधित कर रहे थे। श्री पुराणिक ने कहा कि नशेबाजी की लत देश में तजी के साथ बढी है, अब तक महिलायें इसे नियंत्रित करने में अहम भूमिका निर्वाह करती थी किन्‍तु कष्‍टकारी संयोग है कि अब वे भी मौजूदा सामाजिक माहौल में इस लत से अछूती नहीं रही हैं।उन्‍हों ने कहा कि नशेबाजी पहले जहां केवल एल्‍कोहल का सेवन करने तक ही सीमित थी किन्‍तु अब अन्‍य प्रकार के मादक पदार्थो के सेवन की लत भी तेजी से बढ रही है।श्री पुराणिक ने कहा कि सरकारें नशेबाजी कम करने के लिये कानून बनायेंगी और उन्‍हें सख्‍ती से लागू करेंगी यह सोचना उम्‍मीद से अधिक अपेक्षा किया जाना है। हकीकत में सरकारों की शराब से होने वाली एक्‍साइज टैक्‍स इनकम इसमें सबसे बडी बाधा है। इस लिये समाज में जागरूकता और शराब सेवन विरोधी माहौल खडा करके ही इसके बढते असर को प्रभावी ढंग से सीमित किया जा सकता है।इसके लिये उन्‍हों ने श्री चिम्‍मन लाल जैन के उठाये गये कदम को सामज के एक वर्ग को अटपटा लगने के बावजूद अत्‍यंत प्रभावी एवं सार्थक बताया।

नशेबाजी के विरुद्ध संगठित मोर्चा बनाकर पंजाब और दिल्‍ल्‍ी में संघष रत श्रीमती साध्‍वी खोसला ने कहा कि शराब और अन्‍य नशों की बढती लत ने अनाज का कटोरा माने जाने वाले पंजाब को बरबादी के कागार पर खडा कर दिया है। कभी देश की सेना में मजबूती का पर्याय माना जाने वाला पंजाबी नौजवान अनफिट मानाजाने लगा है। खेती और परिवार बर्बाद हो रहे हैं। ड्रग के इंजैक्‍शन खुराक की शक्‍ल अख्‍तियार करते जा रहे हैं।हाल में ही उन्‍होंने एक फिल्‍म बनाने के लिये पंजाब में काम किया तो उन्‍हें उस वक्‍त और अधिक निराशा हुई जब पाया कि पिच्‍चहत्‍तर प्रतिशत नौजवान नशेबाजी की लत का शिकार हो चुका है। उन्‍होंने श्री चिम्‍मन लाल जी के द्वारा की जा रही चीख पुकार को उ प्र सरकार और समाज के लिये एलार्मिंग इंडीकेटर बता इसकी गंभीरता स्‍वीकार करने को कहा।
पैरों से विकलांग कलाकार सुश्री गीत ने कहा कि शारीरिक अंगो से लाचार तो तब भी कुछ करने की स्‍थ्‍िति में होता है किन्‍तु नशे की लत का शिकार तो पूरी तरह से समाज पर बजन ही होता है। डनहोने कहा कि गांधीवादी नेता की सकिृयता उन सभी के लिये अनुकरणीय है जो कि कुछ करने की चाह के बावजूद क्षमतावान होने पर भी हाथ पर हाथ धरे घर पर बैठे हैं।
श्री चिम्‍मन लाल ने गांधीजी के स्‍वदेशी और नशाबन्‍दी संबधी विचारों को व्‍यापक बनाने तथा नशेबाजी के प्रचार और प्रसार का विरोध करने को होने वाले किसी भी प्रयास में सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा कर सेंटपीटर्स कॉलेज के प्रधानाचार्य फादर पॉल थनिकल का खास तौर पर आभार जताया।
कार्यक्रम में शिक्षक नेता और समाजवादी विचारक श्री बृजेन्‍द्र सिह नरवार, बच्‍चन सिह सिकरवार, अन्‍ना हजारे के मूवमेंट के सदस्‍य पूर्व सैनिक राजेन्‍द्र सिह,राजेश,सुप्रीम कोर्ट मानीटरिंग के सदस्‍य रमन ,जलधारा संगठन के वरिष्‍ठ पदाधिकारी ए केउपाध्‍याय आदि की भी अभिव्‍यक्‍तियां रही।
फादर पाल थनिकल ने स्‍वागत किया, 'मूवमेंट अगेंस्‍ट एडिक्‍शन ' के कॉर्डीनेटर श्री अनिल शर्मा ने विस्‍तार से अब तक मूवमेंट के तहत चली गतविधयों की जानकारी दी।कार्यक्रम का संचालन रेडियो स्‍टेशन 'एम एम 90.8' की ऐंकर सुश्री रोली सिन्‍हा ने किया जबकि अध्‍यक्षता पत्रकार राजीव सक्‍सेना ने की।
संगोष्‍ठी के बाद प्रस्‍तुत किये गये सांस्‍कृतिक कार्यक्रम के  तहत विकलांक टेलीविजन कलाकार सुश्री गीत ने फिल्‍मी गीतों पर नृत्‍य एवं कु:अनुष्‍का सिन्‍हा ने अंग्रेजी के गाने प्रस्‍तुत किये।कार्यक्रम मे भाग लेने के लिये बिचपुरी विकास खंड के 8 गांवों के प्रधान भी आये थे , जो कि बना शराब प्रलोभन का उपयोग किये चुनाव जीते हैं।

संगोष्‍ठी के बाद श्री चिम्‍मन लाल जैन की अगुवाई में मीटिंग हाल से चर्च परिसर में स्‍थित मदर मैरी की प्रतिमा तक कैंडिल मार्च निकाला गया।