25 जनवरी 2016

ताजमहल इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब बनेगा सैफई में

--बाह के भदरौलीगांव का भी पार्टीजनों की फेस सेविंग को करवाया जायेगा अध्‍ययन

आगरा:ताज महल भले ही आगरा से नहीं ले जाया जा सकता हो किन्‍तु इसके नाम पर बनने वाला
इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब यहां नहीं बनने जा रहा है। उ प्र शासन के सचिव एस के रघुवंशी के द्वारा राज्‍य सरकार की ओर से लिखे पत्र के सार्वजनिक हो जाने के बाद यह अब पूरी तरह से स्‍पष्‍ट हो गया है।
शासन के सचिव स्‍तार से
लिखे गये इस पत्र में एयरपोर्ट अथार्टी आफ इंडिया(ए ए आई) से राज्‍य सरकार ने इटावा जनपद के सैफई और आगरा जनपद की बाह तहसील के भद्रौली गांव में से किसी एक में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाये जाने को अध्‍ययन तय करने को कहा है।
 ए ए आई से जा अध्‍ययन करने को  बिन्‍दू अपेक्षित किये गये हैं उनमें इंडिया मैट्रोलाजीकल डिपार्टमेंट (आई एम डी ) के पांच साल के डाटाओं पर आधारित  हवा के रूख का अध्‍ययन भी मौसम विश्‍लेषण के आंकडों में शामिल है।भारत सर्वेक्षण के आधारपरदोनों ही स्‍थानों का डाटा दिया जना भी शामिल है।
श्री रघुवंशी के अनुसार राज्‍य सरकार वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में पहले से ही इस अध्‍ययन के लिये धन स्‍वीकृति व अन्‍य संबधित कार्यों के लिये वित्‍तीय एव प्रशासनिक स्‍वीकृतियां दी हुई हैं।राज्‍य सरकार के ताजा कदम के बाद स्‍थानीय जनप्रतिनिधियों के द्वारा जताया गया जनाक्रोष स्‍पष्‍ट रूप से नजर अंदाज कर दिया माना जा रहा है।
 सबसे दिलचस्‍प तथ्‍य है कि आगरा के भद्ररौली गांव का नाम प्रस्‍तावित स्‍थानों डमी के रूप में ही शामिल किया गया है। एसा करके सपा सरकार ने जहां एक ओर पार्टी के संभावित पोलिटिकल डैमेज को बचाने की कोशिश की है वहीं आगरा के सपाईयों को स्‍थानीय पर्यटन लाबी के समक्ष फेस सेविंग का फार्मूला भी मान रही है।जहां तक भाजपा का सवाल है, इसके द्वारा इस मामले पर ज्‍यादा कुछ किये जाने की स्‍थिति नही नहीं बची है।
केन्‍द्रय मंत्री महेश शर्माके द्वारा ग्रेटर नोयडा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट की घोषणा के बाद से भाजपा के द्वारा आगरा के लिये नूराकुश्‍ती करने के अलावा कुछ बचा ही नहीं है।क्‍यों कि ग्रेटर नोयडा में जिस स्‍थान पर इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्र्रस्‍तावित है उससे आगरा की एरियल दूरी100 कि मी से भी कम होने से  आगरा के लिये  कोयी संभावना पहले ही नहीं छोडी गयी है।
 भाजपाई की सबसे बचकानी हरकत आगरा एयरपोर्ट(सिविल एन्‍कलेव) की सेवाओं के परामर्ष के लिये स्‍थानीय स्‍तर की एयरपोर्ट अथार्टी के द्वारा नोटी फाइड केमेटी में इंटर नेशनल एयरपोर्ट का मामला जिन तेवरोंके साथ उठाया गया वह कमेटी के अधिकार क्षेत्र की तकनीकि जानकारी रखने वालों की दृष्‍टि में केवल फेस सेविंग की एक्‍सरसाइज भर थी।क्‍योंकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्‍ट के लिये प्रपोजल भारत सरकार और उ प्र शासन के अधिकार क्षेत्रों का विषय है न कि एयरपोर्ट अथार्टी के आधीनकिसी सिविल टर्मिनल के प्रबंधन और वहां उपलब्‍ध सेवाओं के संबध में सुझाव देने के अधिकार क्षेत्र तक सीमित कमेटी का।
आम जनता के खास कर नागरिक संगठन असमंजस में हैं कि चुने हुए जनप्रतिनिधि आगराके हक की बात संसद और विधान मंडल के सदनों में उठाने के स्‍थान पर अन्‍य उन असरहीन फोरमों पर पर उठाये जाने तक ही सीमित हैं जिनका उपयोग सामान्‍य नागरिकों और उनके संगठनों के लिये ही अधिक उपयुक्‍त माना जाता है।