आगरा: -अब तक केवल ट्रांसपोर्ट प्लेन और हैलीकाप्टर चालन तक सीमित थीं
आगरा: भारतीय वायुसेना में महिलाओं को लड़ाकू
विमान पायलट बनाने की अनुमति दे दी गयी है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार
महिलाओं की सशस्त्र सेनाओं में शामिल होने की आकांक्षा को देखते हुए यह निर्णय किया
गया है। विकसित देशों की सशस्त्र सेनाओं में पहले से ही महिलाओं को शामिल करने की
परम्परा है। हमारे संवाददाता ने बताया है कि भारतीय वायु सेना अकादमी में
प्रशिक्षण के पूरा हो जाने के बाद वर्तमान बैच से ही महिला पायलटों का चयन किया
जाएगा। इस समय वायु सेना में लगभग 15सौ
महिलाएं कार्यरत हैं, जो परिवहन और हेलिकाप्टर उड़ाने जैसे कार्यों में तैनात हैं। सरकार द्वारा लड़ाकू विमान में पायलट बनने के प्रस्ताव को मंजूरी के बाद महिलाएं अब वायुसेना के सभी क्षेत्रों में कार्य करने के योग्य हो गई है। रक्षा मंत्रालय सशस्त्र सेनाओं में अल्पकालीन और पूर्ण कमीशन में महिलाओं की भर्ती को लेकर व्यापक समीक्षा भी कर रही है। इस पर अंतिम निर्णय के बाद अन्य शाखाओं में महिलाओं को प्रवेश का मौका मिल सकेगा। गौरतलब है कि वर्तमान में थल सेना के इंजीनियरिंग सिगनल्स और शिक्षा जैसी शाखाओं के साथ-साथ नौ सेना के शिक्षा और एयरट्रैफिक कंटोलर में ही महिलाओं की भर्ती की जाती है। (ए आई आर )