वित्तमंत्री अरूण जेटली ने कहा है कि केंद्र आगामी 3 से 4 वर्षों में स्वच्छ भारत अभियान के समान नमामि गंगे परियोजना को बड़ी सफलता दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। जेटली केरल में कोल्लम जिले के अमृतपुरी में आध्यात्मिक गुरू माता अमृतानंदमयी से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत और नमामि गंगे परियोजना के तहत गंगा नदी के किनारे निर्धन गांवों में शौचालय निर्माण के लिए 100 करोड़ रूपए का चेक प्राप्त करने के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होनें कहा कि चालीस प्रतिशत भारतीय गंगा नदी पर निर्भर हैं और पवित्र नदी को साफ करने के लिए करोड़ो रूपए खर्च किए जा चुके हैं। स्वच्छ भारत अभियान के पहले चरण के अंतर्गत सभी स्कूलों में शौचालय के निर्माण के लक्ष्य को बेहद सफलता मिली है और सभी घरों मे शौचालय प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस अभियान में समाज के सभी क्षेत्रों से लोगों
और अनिवासी भारतीयों के शामिल होने से यह अभियान सरकारी अभियान से बढ़कर एक जन अभियान बन चुका है। 100 करोड़ रूपये का यह दान अन्य लोगों को एक सांकेतिक संदेश देगा। अगले पांच वर्षों में 20,000 करोड़ रूपये के आवंटन के साथ नमामि गंगे परियोजना को सरकार ने इस वर्ष मई में अनुमति प्रदान की।
इस अवसर पर बोलते हुए माता अमृतानंदमयी ने कहा कि गरीबों की दयालुतापूर्वक सेवा करना ही असली पूजा है। इस परियोजना से लोगों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा सकेगी। इसके साथ ही केरल में शौचालयों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रूपये की लागत से एक अन्य परियोजना की जल्दी ही शुरूआत की जाएगी।
इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ओ.राजागोपाल और सांसद के.सी वेणुगोपाल और अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और माता अमृतानंदमयी ने नमामि गंगा परियोजना में माता अमृतानंदमयी की भागीदारी के संबंध में उनकी 28 मार्च, 2015 को दिल्ली यात्रा के दौरान चर्चा की थी। प्रधानमंत्री ने मठ द्वारा स्वच्छ भारत अभियान के अनुरूप पर्यावरण संबंधी कार्यक्रम में भागीदारी के लिए उनका धन्यवाद दिया था।
