सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्री थावर चन्द्र गहलोत ने कानपुर में कृत्रिम अंग बनाने की सस्ती और आधुनिक सुविधा का उद्घाटन किया। इस परियोजना की अनुमानित लागत 6 करोड़ रुपये है।
प्रधानमंत्री की मेक इन इंडिया पहल के अंतर्गत भारत का कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एएलआईएमसीओ) सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत कार्य कर रहा है। उसने देश में विकलांग व्यक्तियों के लिए सस्ते दामों पर कृत्रिम अंग बनाने के लिए प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण तथा तकनीकी और परामर्श सेवा के सम्बन्ध में बहुराष्ट्रीय कम्पनी ऑटोबोक के साथ समझौता किया है। इस नई उत्पादन इकाई के साथ एएलआईएमसीओ तकनीकी दृष्टि से आधुनिक कृत्रिम प्रणाली बना सकेगा जिससे समाज के सभी वर्गों के ऐसे व्यक्तियों की निर्भरता कम हो सकेगी जिनका कोई अंग खराब है।
विकलांग व्यक्तियों को मुफ्त सहायक उपकरण प्रदान करने के कार्य में लगातार लगे कानपुर के एएलआईएमसीओ ने कानपुर देहात जिले में एक अन्य सफल शिविर लगाया। गहलोत ने विभिन्न प्रकार की विकलांगता से ग्रसित 692 व्यक्तियों को कृत्रिम अंग वितरित किए। उन्हें सरकार की एडीआईपी योजना के अंतर्गत 60 लाख रुपये मूल्य से अधिक के सहायक उपकरण तथा कृत्रिम अंग प्रदान किए गए। लाभान्वितों की पहचान इस वर्ष अगस्त में आयोजित आकलन शिविर में कर ली गई थी।
