6 सितंबर 2015

चीन की सेना में होने जा रही है, दस प्रति‍शत तक कटौती

--औरों से नौकरि‍यां छीनकर छंटनीशुदाओं को दि‍या जायेगा वैकल्‍पक रोजगार

--मन्‍दी की मार के असर को कम करने के उपाये साबि‍त हो रहे हैं बेअसर


तीन लाख की  छटनी 
 नर्इ्र दि‍ल्‍ली:चीन अपनी लडखडाई अर्थव्‍यवस्‍था को दष्‍टि‍गत अब अंति‍म उपाय के रूप में सेना के खर्चे में ही कटौती करने जा रहा है, इसके तहत उसके वह अपने सात मि‍लि‍ट्री कमानों में से दो  को समाप्‍त करने जा रहा है। तीन सैन्‍य कोरों पर भी वि‍लोपन का खतरा लटक रहा है।

चीन की डि‍फेंस मि‍नि‍स्‍ट्री के सामने इस समय सरकार से सेना के नि‍यमि‍त अफसरो और सैनि‍कों के लि‍ये वेतन बांटते रहना समस्‍या बन चुका है। सि‍कुडते वि‍त्‍तीय संसाधनों के चलते डि‍मांड के सापेक्ष चीनी सरकार धन को उपलब्‍ध नहीं करवा पा रही है।फि‍लहाल  सेना में तीन लाख सैनि‍क और अधि‍कारि‍यों तथा डि‍फेंस प्रोडैक्‍शन यूनि‍टों के दो लाख कर्मचारि‍यों की छंटनी होने जा रही है।  
 चीनी सरकार सेना से छंटनी कि‍ये जाने वालों के लि‍ये नये रोज़गार  को ढूढने को लेकर सबसे ज्‍यादा परेशान है। ये सभी प्रशि‍क्षि‍त सैनि‍क हैं, अगर काम नहीं मि‍ला तो इनमें संगठि‍त असंतोष भडक सकता है।जि‍से चीनी सरकार कि‍सी भी सूरत में टाले रखना चाहती है। इसी लि‍ये ज्‍यादातर को डि‍फेंस प्रोडेक्‍शन यूनि‍टों में कर्मचारि‍यों के हटाये जाने से रि‍क्‍त स्‍थानों को भरने के नाम पर नये अवसर प्रदान कि‍ये जाने का मंसूबा है।
फि‍लहाल छंटनी के इस खेल में करीब 1.70 लाख अफसरों की नौकरी जा रही है। इनमें लेफ्टिनेंट से लेकर कर्नल स्तर तक के अफसर शामिल हैं। देश की कमजोर वि‍त्‍तीय स्‍थि‍त के कारण सेना पर पड रहे प्रति‍कूल असर को चर्चा में आने से बचाने को प्रचारि‍त कि‍या जा रहा है कि‍ ‘राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सेना चुस्त करो योजना के तहत’ यह छंटनी हो रही है। सात में से दो मिलिटरी कमान और तीन सैन्य कोर खत्म की जा रही हैं। चीन की सेना में 23 लाख सैनिक हैं। इस प्रकार छंटनी के बाद दुनिया की इस सबसे बड़ी सेना में से लगभग 10.4 प्रति‍शत छंटनी हो जायेगी।

‘ साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’  के अनुसार, छंटनी किए जा रहे अफसरों को बेहतरीन रिटायरमेंट पैकेज दि‍ये जाने के लि‍ये प्रयास प्रारंभ हो गये हैं। करीब 50,000 अफसरों को सिविल सेवा में भेजा जाएगा और इतने ही सैनिक बर्खास्त होंगे। सेंट्रल मिलिटरी कमीशन के अधीन आने वाली बीजिंग छावनी बंद नहीं की जाएगी। राजधानी बीजिंग की सुरक्षा इसीके जिम्मे है। इस छंटनी के साथ ही पैरामि‍लि‍ट्री फोर्स की तर्ज पर सक्रि‍य सभी प्रांतीय और निगमों की सेनाओं को भंग भी किया जाएगा।