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| डॉ.जितेन्द्र सिंह |
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डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि आने वाले वर्षो में, शेष दुनिया में भारत युवा कौशल का एक प्रमुख स्रोत बनने जा रहा है क्योंकि देश की जनसंख्या का 65 से 70 प्रतिशत से ज्यादा 35 वर्ष की आयु से कम है।
इससे भारत ना सिर्फ विश्व में सबसे युवा देश होगा बल्कि दुनिया को कुशल युवा और उदयमशील युवाओं की आपूर्ति करने वाला देश होगा। अन्य शब्दों में, उन्होंने कहा ‘’मेक इन इंडिया’’ युवा दुनिया के हर कोने में दिखाई देखा और हमें इस परिदृश्य को साकार रूप देने के लिए अगले पांच वर्षों में तैयार करना होगा।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रत्यके वर्ष देश में सरकारी क्षेत्र में लगभग सिर्फ 40 लाख रोजगार उपलब्ध हैं जबकि बेरोजगारी की संख्या हर वर्ष तीन गुणा बढ़ जाती है जो 1.5 करोड़ से ज्यादा है। इस चुनौती से निपटने के लिए, समय की आवश्यकता सिर्फ सरकारी नौकरियों पर ही निर्भर रहने की नहीं होनी चाहिए बल्कि युवाओं को सरकारी संरक्षण के बिना रोजगार योग्यता के लिए तैयार किया जाना चाहिए।
