14 अगस्त 2015

अति‍क्रमण हटाने वाली टीम के सक्रि‍य सदस्ये को ही हटवा डाला

--नये अधि‍कारी का नाम तय नहीं न हीं अवैध कब्‍जे हटवान की र्कायोजना ही

आगरा, नगर नि‍गम के पर्यावरण अभि‍यंता राजीव राठी का स्‍थानान्‍तरण के बाद कार्यमुक्‍त कर दि‍ये जाने के भी अति‍क्रमण हटाओ अभि‍यान को लेकर अब तक वैकल्‍पि‍क व्‍यवस्‍था के बारे में कोई कार्यनीति‍ नि‍र्धारि‍त नहीं हो सकी है।
नगर नि‍गम में जि‍स प्रकार से श्री राठी का स्‍थानान्‍तरण हुआ है,वैसे ही कुछ साल पूर्व तत्‍कालीन नगरायुक्‍त श्री वि‍नय शंकर पांडेय का उस समय हुआ था जबकि‍ वह आगरा को पॉलि‍थीन मुक्‍त करवाये जाने के अभि‍यान का एक चरण पूरा
करके अगले चरण में प्रवेश की तैयारी में जुटे थे। दरअसल नगर नि‍गम के अधि‍कारि‍यों की सक्रि‍यता अमेशा सत्‍ता दलों को अखरने वाली रहती आयी है। प्रदेश में चाहे सपा का शासन हो या फि‍र बसपा का नेताओं की अपेक्षा रहती है कि‍ महानगर में जो भी हो उनके ही सीधे दखल  या सहमति‍ से हो।
श्री राठी के मामले में भी यही हुआ। जि‍न जमीनों को वह मुक्‍त करवा रहे थे उनके कारण सबसे ज्‍यादा वे लोग प्रभावि‍त हो रहे थे जो अपने को सपा नेताओं के नजदीक मानते हैं।
अभि‍यान चलाये जाने के कारण सबसे ज्‍यादा नाराजगी तो वैसे नगर मजि‍स्‍ट्रेट रेखा चौहान को लेकर है कि‍न्‍तु वह सीधे तौर पर लोक प्रशासन से जुडी हुई हैं और वि‍रोध करने वालों के साथ ही उनके समर्थन में भी एक लाबी खडी हो गयी है इस लि‍ये फि‍लहाल उनके मामले मे सत्‍तादल के नेता खामोश हो गये हैं। उनका मानना है कि‍जब नगर नि‍गम सक्रि‍य सहयोग नहीं देगा तो फि‍र नगर मजि‍स्‍ट्रेट चाहे भी तो कुछ खास नहीं कर सकेंगी। खास तौर से नजूल की जमीनो के कब्‍जे मुक्‍त करवाये जाने को लेकर।
उल्‍लेखनीय है कि‍ लंबे अरसे बाद शहर में ऐसा अभियान चला , जिसमें करोड़ों कीमत की नजूल की भूमि की मुक्त कराई गई है। इसके चलते अवैध कब्जे करने वालों की मुश्‍कि‍ले लगातार बढ रही थीं। एक बार तो खुफिया पुलिस ने रिपोर्ट दे दी कि अभियान से माहौल बिगड़ सकता है। कुशल प्लानिंग के चलते कहीं भी अभि‍यान के दौरान सामूहि‍क विरोध नहीं हुआ। यही नहीं वि‍कल्‍प न देख कर  लोग खुद अपनी दुकान से अतिक्रमण हटाने लगे। कई जगह तो दुकानदारों ने अवैध कब्जे खुद ही मजदूर लगाकर तुड़वाए।

अभि‍यान पूरा होने तक इंतजार जरूरी था:रमन

सुप्रीम कोर्ट मानीटरि‍ग कमेटी के सदस्‍य रमन ने कहा है कि‍ सरकारी अधि‍कारि‍यों के ट्रांसफर और पोस्‍टि‍ंगों के मामले पर वह हमेशा खामोश ही रहते हैं कि‍न्‍तु नगर नि‍गम के पर्यावरण अभि‍यंता श्री राजीव राठी के मामले में वह इतना जरूर कहना चाहते हैं कि‍ श्री राठी शहर की आधार भूत जरूरत पूरी करने वाले एक अभि‍यान में महत्‍वपूर्ण  भागीदारी कर रहे थे, इस लि‍ये कम से कम काम पूरा होने का इंतजार तो करना ही चाहि‍ये था।उन्‍हों ने कहा कि‍ अगर जनमत लि‍या जाये तो जनता श्री राठी के स्‍थान्‍तरण को सरकार का एक गलत कदम मानती है।