नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने सूक्ष्म और मध्यम उद्यमों को क्रेडिट की वर्ष दर वर्ष 20 प्रतिशत वृद्धि, सूक्ष्म उद्यम खातों की संख्या में 10 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि अर्जित करने और सूक्ष्य उद्यमों को सूक्ष्य मध्यम उद्यमों की 7 प्रतिशत अग्रिम राशि आवंटित करने की सलाह दी है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को सरल क्रेडिट फ्लो की सुविधा के अलावा सरकार ने अगस्त 2000 में सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी निधि योजना शुरू की थी जिसके अधीन सूक्ष्म और लघु उद्यमों को अतिरिक्त मुक्त क्रेडिट उपलब्ध कराया जाता है। मंत्रालय ने प्रधानमंत्री के रोजगार सृजन कार्यक्रम और क्रेडिट से जुड़ी पूंजीगत अनुदान योजना भी लागू की है जिसमें ऋण की प्रभावी लागत को कम करने के लिए मार्जन राशि और पूंजीगत सहायता प्रदान की जाती है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने मंत्रालय और लघु उद्योग विकास बैंक ने क्रेडिट गारंटी
निधि न्यास नामक न्यास स्थापित किया है। 