30 मार्च 2015

श्रीनाथ ‍नि‍शुल्क जलसेवा में सौ आईस बाक्सों का भी उपयोग होगा

--आर ओ प्‍लांट का शोधि‍त पानी एटी एम माध्‍यम से दि‍लवाये जाने की होगी व्‍यवस्‍था

(श्री नाथ जल सेवा के मुख्‍य श्री बांके बि‍हारी महेश्‍वरी
 का  पत्रकार राजीव सक्‍सेना ने कि‍या  अभि‍नन्‍दन
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--जनजीवन को तत्‍कालि‍क राहत के लि‍ये यमुना नदी में हथनी कुंड से डि‍स्‍चार्ज बढाया जाये

आगरा,ग्रीष्‍म ऋतु आ गयी ,श्‍हर भर के लि‍ये जरूरत के पानी का इंतजाम जलसंस्‍थान को करना है और प्रशासन को करवाना है,पता नहीं इसके लि‍ये अभी ग्रीमष्‍म कालीन जलप्रबंधन को परंपरागत बैठक हो पयी है या नहीं कि‍न्‍तु महानगर की फ्लोटिग पौपुलेशन के लि‍ये श्री नाथ नि‍शुल्‍क जल सेवा अपने परंपरागत इंतजाम पूरे कर चुकी है और अर्पेल महीने के पहले हफ्ते में ही नागरि‍कों खासकर राहगीरों को इनका लाभ मि‍लना शुरू हो जायेगा।
देहली गेट
स्‍थि‍त होटल गोबर्धन में सोमवार को आहूत पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए सेवा के मुख्‍य नेतृत्‍वकर्त्‍ता श्री बांके महेश्‍वरी ने बताया कि‍ इस बार जलसेवा में सौ आइस बौक्‍सों का उपयोग ठंडा जलउपलब्‍ध करवाने के लि‍ये कि‍या जायेगा।ये बक्‍से तैयार कर लि‍ये गये हैं,कोशि‍श होगी कि‍ महानगर के हर चौराहे पर इनका ठंडा पानी उपलब्‍ध हो।एक अन्‍य जानकारी में कहा कि‍ इस बार आर ओ प्‍लांट का भी शुद्ध पेयजल उपलब्‍ध करवाने में उपयोग कर देखा जा रहा है। यह पानी एटी एम के माध्‍यम से उपलब्‍ध करवाया जायेगा।अगर नागरि‍कों द्वारा प्रयासों के प्रति‍ सकारात्‍मक रूख रहा तो शुद्ध पेयजल उपलब्‍धता की व्‍यवस्‍था  को और अधि‍क वि‍स्‍तृत कर दि‍या जायेगा।
श्री महेश्‍वरी ने कहा कि‍ आगरा का जनजीवन पानी के मामले में यमुना नदी पर ही नि‍र्भर करता है,दुखद है कि‍ यह स्‍त्रोत जो हमारे  स्‍वास्‍थ्‍य स्‍वास्‍थ्‍य का आधार रहता आया है,वर्तमान में खुद बीमार है।इसको ठीक करना भी हमारा संकल्‍प है।इसके लि‍ये हमारा तो नागरि‍कों से एक ही अनुरोध है कि‍ यमुना जल को प्रदूषि‍त करने के काम को खुद तो न करें ही साथ ही दूसरों को भी नदी को गंदा करने से रोकने का प्रयास करें।
यमुना एक्‍टवि‍स्‍ट एवं श्रीनाथ जल सेवा के मुख्‍य सहयोगी श्री बृज खंडेलवाल ने कहा कि‍ यमुना मे न्‍यूनतम बहाव बनाये रखने के लि‍ये के लि‍ये जरूरी पानी की बहुत कमी है ।जब तक कोई वैकल्‍पि‍क योजना अमल में नहीं आती है तब तक हथनी कुंड से पानी का डि‍स्‍चार्जै बढाया जाये।अगर नदी में शीघ्रता से बहाव की स्‍थि‍ति‍ नहीं बनायी जा सकी तो वह दि‍न दूर नहीं जब कि‍ यह स्‍ि‍ाायी रूप से नाले के रूप में तब्‍दील हो जायेगी।

इस अवसर पर उपस्‍थि‍त श्री श्रवण भाई का कहना था कि‍ श्री नाथ नि‍शुल्‍क जल सेवा श्री बांके ि‍हारी जी ने छत्‍तीस गढ के राजामंडी स्‍टेशन पर चालीस साल पूर्व हुए एक एक्‍सीडैट के पीडि‍तों को पीने के पानी को उपलब्‍ध करवाने के प्रयास से शुरू की थी सुखद संयोग है कि‍ आज यह स्‍वयं सेवी क्षेत्र में शहर की देश भर में पहचान बन गयी है।सभी से अग्रह हे कि‍ इस सेवा को बैहतर बनाने और वि‍स्‍तार देने के लि‍ये इससे जि‍स रूप में भी संभव हो जुडें ।सेवा के लि‍ये शुरू से ही समर्पि‍त रहे गोबर्धन होटल के संचालक श्री सुरेन्‍द्र शर्मा ने उम्‍मीद जतायी कि‍ आईस बाक्‍स का प्रयोग उपयोगी साबि‍त होगा।