28 मार्च 2015

नेतृत्व की सुप्त‍ता से कामरेडों में बढ रही है बेचैनी

--यू पी में तेजी के साथ कम होता जा रहा है जनाधार
\(का;मोहन सि‍ह जादूगर)
 आगरा: आगरा,मार्क्‍सवादी कम्‍यूनि‍स्‍ट पार्टी में भी अब आंतरि‍क रूप से बेचैनी बढती जा रही है। पार्टी के घटते जानाधार का कारण पार्टी के शीर्ष नि‍काय से जुडे नेताओं के बीच जनता गैर आम कामरेडों के बीच जाने की प्रवृत्‍ति‍ में लगातार कमी होते जाना है। पार्टी के पुराने कामरेड मोहन सि‍ह जादूगर जो कि‍ चुनावी राजनीति‍ में भी पार्टी की झंडा बरदारी कर चुके हैं का कहना है कि‍ पार्टी में नौकरशाहों जैसी प्रवत्‍ति‍ का बढते जाना,संगठन की उच्‍च इकाईयों में बैठे कामरेडों में आम पार्टीजनों के बीच पहुंच संवाद कायम करने की प्रवृत्‍ति‍ में,संगठन की उच्‍च इकाईयों में बैठे कामरेडों में आम पार्टीजनों के बीच पहुंच संवाद कायम करने की प्रवृत्‍ति‍ में आती रहने वाली कमी,कामरेडों की परेशानि‍यों और शि‍कायतों के प्रति‍ संवेदानाओं नेतृत्‍व कत्‍ताओं में आती जा रही कमी वे कारण जि‍नके फलस्‍वरूप पार्टी अब राजनैति‍क परि‍दृष्‍य में खि‍सकते खि‍सकते हाषि‍ये
पर आ चुकी है।वर्तमान में हालत यह है कि‍ मार्क्‍सवादी कम्‍यूनि‍स्‍ट पार्टी की पहचान पूरे उत्‍तर प्रदेश मेंं हाशि‍ये पर है।जि‍ला यूनि‍टे कागजी तौर पर संचालि‍त तो है कि‍न्‍तु प्रदर्शनख्,धरना जैसे जनहि‍तों क लि‍ये कि‍ये जाने वाले प्रतीकात्‍मक प्रयास भी कि‍ये जाना बन्‍द हैं।पार्टी की यूनि‍टों की बात तो अलग है राजय मुख्‍यालय तक पर सन्‍नाटा छाया रहता है,समाजवादी पार्टी का मि‍त्रदल होने के बावजूद शायद ही राज्‍य के मुख्‍यमंत्री ने पि‍छले ढाई साल में पार्टी नेताओं को कि‍सानो,सांप्रदायि‍क्‍ता,भूमि‍ अधग्रहण आदि‍ जैसे मुद्दो पर वि‍चार वि‍मर्ष के लि‍ये बुलाये जाने के बारे में सोचा हो।वैसे पार्टी ही नहीं बाम मोर्चे के अन्‍य दलों में से सी पी आई की राज्‍य इकाई भी सुप्‍त स्‍थि‍ति‍ में है।