नई दिल्ली:भारत में बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने और अगले कुछ वर्षों में निर्यात में कमी लाने के लिए चिप निर्माण और डिजाइनिंग को पर्याप्त बल दिया जाएगा। सॉफ्टवेयर निर्यात संवर्धन परिषद (ईएससी) द्वारा नई दिल्ली में आयोजित प्रथम भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपो को सम्बोधित करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार, में सचिव आर.एस. शर्मा ने बताया कि सरकार गुजरात और उत्तर प्रदेश में चिप निर्माण सुविधाओं की स्थापना के लिए 10 अरब (बिलियन) अमरीकी डॉलर का निवेश करवाने का मार्ग प्रशस्त किया जायेगा।, जहां विनिर्माण इकाइयों का संघ उत्पादन आधार की स्थापना के लिए आगे आया है। भारत माइक्रो-प्रॉसेसर के भारतीय संस्करण के विकास पर 40 करोड़..
अमरीकी डॉलर निवेश करेगा। ये अत्यंत नवाचार पर केंद्रित इको-सिस्टम तैयार करने की दिशा में उठाये जा रहे कदमों का अंग हैं। उन्होंने बताया कि देश में ऐसे और तंत्रों की स्थापना को प्रोत्साहन देने के लिए उद्यम पूंजी कोष का इस्तेमाल करने हेतु इलेक्ट्रॉनिक विकास कोष नामक एक कोष की स्थापना की गई है।
अमरीकी डॉलर निवेश करेगा। ये अत्यंत नवाचार पर केंद्रित इको-सिस्टम तैयार करने की दिशा में उठाये जा रहे कदमों का अंग हैं। उन्होंने बताया कि देश में ऐसे और तंत्रों की स्थापना को प्रोत्साहन देने के लिए उद्यम पूंजी कोष का इस्तेमाल करने हेतु इलेक्ट्रॉनिक विकास कोष नामक एक कोष की स्थापना की गई है।
