12 जनवरी 2015

अब छावनि‍यों में उपाध्यक्षों के चुनाव का खेल होगा शुरू


--भाजपा केवल कानपुर ,झांसी और शाहजहांपुर छावनि‍यों में ही जमा सकी कब्‍जा

--प्रदेश की 11 छावनी परि‍षदों के कुल 78वार्डों में से 23 में ही खि‍ला कमल का फूल

(भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष लक्ष्‍मीकांत बाजपेयी)
आगरा, छावनी परि‍षद के चुनाव में भाजपा को आगरा ही नहीं समूचे प्रदेश में भारी धक्‍का लगा है। पार्टी पूर्व में इस चुनव को अपने चुना चि‍न्‍ह पर नहीं लडती थी ।इस बार भी पार्टी नेताओं को यही प्रक्रि‍या अपनाये जाने की उम्‍मीद थी। कि‍न्‍तु कानपुर ,झांसी और शाहजहांपुर में ही सात सात वडों मे से चार –चार पर कब्‍जा जमा सकी है। जबकि‍ अन्‍य बोर्डों में से लखनऊ और वाराणसी से पूरी तरह से साफ रही। जबकि मथुरा में 7में से 2, फैजाबाद में 7 मेसे 2, बरेली 7में से 3, आगरा 8 में से 1, इलहाबाद 7मे से 1 तथा बबीना में 7 में से 1 सीट ही जीत सकी है।
पार्टी अध्‍यक्ष लमीकांत बाजपेयी का कहना है कि‍ ‍ कानपुर, लखनऊ, वाराणसी और फैजाबाद में पार्टी अगर चुनाव चि‍न्‍ह पर लडती तो बैहतर प्रदर्शन रहता।।अब इनक्षेत्रों में बूथस्‍तर पर काम
होगा।
 उत्‍तर प्रदेश में 11 शहरों में छावनि‍यां हैं ।इनमें से 10छावनी बोर्ड में सात –सात सदय जनता के द्वारा नि‍र्वाचि‍त होकर पहुंचते हैं जबकि‍ आगरा में आठ। इस प्रकार से 78सीटो में से 23 को ही  भाजपा जीत सकी है।
 अन्‍य पार्टि‍यों खासकर कांग्रेस और सपा ने अब तक तो तठस्‍थता बनाये रखी है कि‍न्‍तु चुनाव परि‍णाम आ जाने के बाद से सक्रि‍य हो गयी हैं। ये दोनो ही पार्टि‍यां जहां एक ओर गैर भाजपा प्रभाव को उपाध्‍यक्ष चुनाने को प्रयत्‍नशील हैं,वहीं नि‍र्दलि‍यों को पार्टी में जोडने की कोशि‍श में हैं।