--रूसी दल ने डा.अम्बेडकर वि वि कुलपति से की मुलाकात
-- प्रो.हरिमोहन और डा.जितेन्द्र रघुवंशी देंगे संभावनाओं पर सुझाव
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| (प्रो.मौ.मुज़म्मिल से चर्चा रत रूसी मेहमान) |
एसोशिएट प्रोफ़ेसर इंदिरा ए.गाज़ियेवा ने कुलपति से
मुलाक़ात कर दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षिक आदान-प्रदान का प्रस्ताव दिया दोनों
शिक्षण संस्थानों के बीच पारस्परिक सहयोग पर चर्चा की गयी। परपर हुए विमर्ष
में माना गया कि. रूसी विद्यार्थी क.मुं.हिन्दी विद्यापीठ में हिंदी पढें और
भारतीय विद्यार्थी रूसी भाषा के अध्ययन के लिए मास्को जा सकेंते हैं। .कुलपति ने
इस पर प्रसन्नता प्रकट कर विद्यापीठ के निदेशक प्रो.हरिमोहन और विदेशी भाषा विभाग
के पूर्व अध्यक्ष डा.जितेन्द्र रघुवंशी को
इसकी व्यावहारिक सम्भावनाओं पर सुझाव देने की ज़िम्मेदारी दी। उन्होंने कहा कि इस दौर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षिक संस्थाओं के बीच सहयोग और सहकर्म की बहुत ज़रुरत है.
इसकी व्यावहारिक सम्भावनाओं पर सुझाव देने की ज़िम्मेदारी दी। उन्होंने कहा कि इस दौर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षिक संस्थाओं के बीच सहयोग और सहकर्म की बहुत ज़रुरत है.
अतिथियों के सम्मान में विद्यापीठ में एक आत्मीय समारोह का आयोजन हुआ.इसे आमंत्रित शिक्षकों प्रो. स्तोल्यारोव और डा.गाज़ियेवा के अतिरिक्त विद्यार्थियों ओल्गा उवारोवा,आन्ना याकोव्ल्येवा,आर्त्योम सेलेज्नोव ने हिंदी में संबोधित किया और कविताओं का पाठ किया.विदेशी भाषा विभाग के छात्र इकलास अली ,आकाश गुप्ता,हैदर अली रूसी में बोले तथा कविताओं व गीतों की प्रस्तुति की.अनुज गर्ग ने स्वागत में पुश्किन की काव्य-रचना पढी.प्रो.जयसिह 'नीरद' ने अपनी सद्यःप्रकाशित पुस्तकें "आग एक सम्भावना" और "नरक के सींग" भेंट कीं.समारोह की अध्यक्षता प्रो.हरिमोहन ने व सञ्चालन डा.रघुवंशी ने किया.इस अवसर पर विभिन्न विभागों से प्रो.एच.एस.सोलंकी,प्रो.प्रदीप श्रीधर,डा.गिरजाशंकर शर्मा,डा.अजय शर्मा,डा.आदित्य प्रकाश,डा.योगेन्द्र शर्मा,डा.नीलम यादव,रंजीत भारती,डा.देशबंधु,डा.रितेश आदि मौजूद थे .उदय राज सिह ने धन्यवाद दिया.
