आगरा और मथुरा में डूब क्षेत्र के अतिक्रमणों का हो चुका है
सर्वेक्षण :
आगरा: यमुना के फ्लड प्लेन क्षेत्र से आतिक्रमण हटाये जायेंगे,यह
स्पष्ट आदेश एक बार फिर से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने गुरुवार को 'मैली से निर्मल यमुना पुर्नद्धार-2017' प्रोजेक्ट भारत सरकार के द्वारा पेश किये जाने पर
दिया है। मामला हालांकि दिल्ली राज्य सीमा का ही था किन्तु मामले की
सुनवायी के तहत समूची नदी ही चर्चा में रही। अब नदी संरक्षण निदेशालय के द्वारा इस सम्बन्ध में अलग से पत्र लिखा जायेगा।
डूब क्षेत्रों (फ्लड प्लेंस)
को अवैध निर्माणों और अतिक्रमण से खाली करवाने के लिए एनजीटी के निर्देश अनुार यमुना के पूरे डूब क्षेत्र की पहचान करते हुए
उसे डिमार्क करे। उन इलाकों में किसी तरह की निर्माण गतिविधि पर रोक रहेगी।आगरा,मथुरा
जनपदो में इस प्रकार के क्षेत्र की निशानदेही सिचाई विभाग और विकास प्राधिकरण
तैयार कर चुके हैं किन्तु आगे की कार्रवाही अब तक नहीं हो सकी।
फिलहाल दिल्ली के मामले में सख्ती है, ट्रिब्यूनल द्वारा गठित
प्रिंसिपल कमिटी मौजूदा समय में इन इलाकों में आने वाली इमारतों की पहचान करेगी और
बताएगी कि किस किस इमारत को गिराया जाना
है । अनधिकृत और अवैध इमारतों के खिलाफ इस कार्रवाई की पूरी संभावना है। हालांकि
ट्रिब्यूनल ने कमिटी को इस दौरान उन इमारतों का खास ख्याल रखे जाने का निर्देश
दिया है, जिनसे किसी
तरह की आस्था जुड़ी हो या जो ऐतिहासिक धरोहर हो। उनके लिए अलग से नियम तय किए
जाएंगे।