1 जनवरी 2015

सरकारी वेतन भोगि‍यों के बच्चे शासकीय स्कूलों में पढ़ाए जायें

--कोशि‍श फॉऊंडेशन ने प्रधानमंत्री को लि‍खा सरकारी स्‍कूलों की बदहाली पर खत

आगरा: कोशि‍श फाऊंडेशन ने भी सरकारी कर्मचारि‍यों और अधि‍कारि‍यों के बच्‍चों को सरकारी स्‍कूलों में ही शि‍क्षा लेना अनि‍वार्य करने की मांग उठायी है।इ म्‍बन्‍ध में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी को लि‍खे एक वि‍स्‍तृत पत्र में फाऊंडेशन के अध्‍यक्ष नरेश पारस ने कहा है कि‍ तमाम धन राजाकोश...
से खर्च कि‍ये जाने के बावजूद ये वि‍द्यालय स्‍तरहीनता की स्‍थि‍ति‍ से नहीं उभर सके। यह स्‍थि‍ति‍ तभी बदल सकती हैं जबकि‍ सरकारी खजाने से बेतनभोगि‍यों बच्‍चे भी इन्‍हीं में पढने लगें। आर टी आई एक्‍टि‍वि‍स्‍ट के रूप में सरकारी वि‍द्यालयों के
बारे में तमाम जानकारि‍यां रखने वाले श्री पारस का कहना है कि‍ इन वि‍द्यालयों के  अध्यापक तथा अध्यापिकाओं का वेतन सर्वाधिक होता है लेकिन वह बच्चों को पढ़ाने में कोई रूचि नहीं लेते हैं।यहां तक कि‍ समय से विद्यालय में पढ़ाने तक नहीं पहुंचते। इन स्कूलों में सिर्फ गरीबों के बच्चे ही पढ़ते हैं।अत्‍यधि‍क वि‍पन्‍नता की पारवारि‍क पृष्‍टभूमि‍यों से ये बच्चे सिर्फ मुफ्त की किताबेंड्रेस तथा मिड-डे मील खाने ही तक ही सीमि‍त होकर रह जाते हैं।  इनमें से अधि‍कांश स्‍कूलों इमारतें भी जर्जर स्थिति में हैं।