केंद्रीय पर्यटन, संस्कृति और नागर विमानन राज्यमंत्री डॉ.महेश शर्मा ने कहा कि भारत अगले तीन वर्षों में विश्व के कुल पर्यटकों में से एक प्रतिशत का स्वागत करने के लिए तैयार है। गांधी नगर में प्रवासी भारतीय दिवस के समापन सत्र के अवसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि फिलहाल भारत में प्रतिवर्ष 7 मिलियन विदेशी पर्यटक आते हैं। हमारा लक्ष्य है कि आगामी तीन वर्षों में विश्व के कुल पर्यटकों में से एक प्रतिशत पर्यटक देश में आयें जो लगभग 1.1 बिलियन होंगे। डॉ. शर्मा ने कहा कि पर्यटन, वैश्विक रूप से प्रमुख सामाजिक, आर्थिक गतिविधियों में से एक है और यह भारत...
की अर्थव्यवस्था के लिए भी बहुत प्रासंगिक है। दस लाख रूपये के निवेश से कृषि में 18 नौकरियां, विनिर्माण में 45 नौकरियां और पर्यटन क्षेत्र में 78 नौकरियां जुटाई जा सकती हैं। इसलिए पर्यटन को भारत के सामाजिक, आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण घटक बनाना है।
की अर्थव्यवस्था के लिए भी बहुत प्रासंगिक है। दस लाख रूपये के निवेश से कृषि में 18 नौकरियां, विनिर्माण में 45 नौकरियां और पर्यटन क्षेत्र में 78 नौकरियां जुटाई जा सकती हैं। इसलिए पर्यटन को भारत के सामाजिक, आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण घटक बनाना है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 27 नवंबर, 2014 को 43 देशों के लिए इलेक्ट्रॉनिक यात्रा प्राधिकार (ईटीए) शुरू किया है। पिछले 5 सप्ताह के दौरान ऑनलाइन 22,179 से अधिक वीजा जारी किए गए हैं। विश्व स्तर पर इन 43 देशों का, भारत के पर्यटन बाजार में लगभग 42 प्रतिशत योगदान है। गृह मंत्रालय से, चीन, इंग्लैड, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन और इटली को भी ईटीए देशों की सूची में शामिल करने का अनुरोध किया गया है। ये देश भारत के लिए विश्व पर्यटन बाजार का 20 प्रतिशत हिस्सा लायेंगे। सरकार ने पर्यटन के मूल ढांचे के विकास के लिए ‘तीर्थ यात्रा पुर्नरूद्धार और आध्यात्मिक संवर्द्धन पर राष्ट्रीय मिशन (पीआरएएसएडी)’ नामक दो और योजनाओं की घोषणा की है और पांच एकीकृत सर्किटों के विकास के लिए 500 करोड़ रूपये की अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई है।
