30 दिसंबर 2014

मोदी ने मेक इन इंडिया पर दुबारा जोर दिया

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महत्वपूर्ण निर्णय लेने की प्रक्रिया में सभी साझीदारों को शामिल करके उनकी सरकार ने पीपीपी ( पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल में नया आयाम जोड़ा है। "मेक इन...
इंडिया" पर राष्ट्रीय कार्यशाला के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कार्यशाला में न केवल सभी साझीदार के सरोकारों पर चर्चा की गई बल्कि उन्हें सामूहिक रुप से हल करने के तरीके खोजने के लिए कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि सरकार अभी तक गोपनीय तरीके से काम करती थी लेकिन यह कार्यशाला खुलेपन और वांछित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मिलकर काम करने का एक उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह "मिनिमम गवर्नमेंट. मेक्सिमम गवर्नेंस" के उनके दृष्टिकोण का एक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला में जो निर्णय लिए गए सामान्य स्थिति में उनके बारे में फैसले करने वर्षों लग जाते। 
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार अभी तक जिस जड़ता में काम करती रही है उसे खत्म करना उनके मुख्य लक्ष्यों में से एक रहा है। सितंबर में शुरू किए गए 'मेक इन इंडिया' को दोहराते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले तीन महीनों में सरकारी मशीनरी गतिमान हुई है, और अब यह नियम, कानूनों में बदलाव औऱ काम काज में तेजी लाने के लिए तैयार है।