1 अक्टूबर 2014

जन प्रति‍नि‍धयों की भी भागीदारी से ही योजनाओं का प्रभावी क्रि‍यान्वधयन संभव

--होटल एंड रैस्‍टोरैट एसोसि‍येशन ने पूरे कि‍ये 25साल मनाया रजत जयंती वर्ष--सरकारी तंत्र काम काज की पारदर्शि‍ता अभी भी बहुतकुछ होना अपेक्षि‍त 

आगरा, ताज नगरी का विकास तभी संभव है, जबकियहां योजनाओं के लिये आनेवाले धन का सही प्रकार से उपयोग सुनिश्चि हो।किन्‍तु  अब तक यह संभव नहीं हो का है।वर्तमान में स्थितियह है कि तो योजनाआं के क्रियान्वयन की प्रथमिक्ता तय कराये जाने में और हीं उनके बनाये जाने में ही जनप्रतिनिधियों की कोई सहभागिता रही है।यह कहना है फतेहपुर सीकरी के सांसद चौ बाबूलाल का जो कि‍ होटल एंड रैस्‍टोरेंट एसोसि‍येशन के पच्‍चीसवें थपना दि‍वस पर होटल ताज वि‍लास में आयोजि‍त रजत जयंती समारोह को  सम्‍बोधि‍त कर रहे थे।
उन्‍होने कहा कि‍ योजनाओं के क्रि‍यान्‍वन की जानकारी तो तब ही उन्‍हें और अन्‍य चुने हुए जनप्रति‍नि‍धयों को हो पाती है जबकि‍ अपव्‍यय खर्च के कि‍स्‍से मीडि‍या के माध्‍यम से सुर्खि‍यां पाने लगते हैं।  प्रदेश के कार्मि‍क कि‍यान्‍वयन मंत्री राम सकल गुर्जर ने कहा कि‍ प्रदेश सरकार आगरा के पर्यटन उद्योग को वि‍कसि‍त करने के लि‍ये पूरी तरह से सक्रि‍य है।कईयोजनायें जनपद में लागू की जा रही हैं। प्रदेश के कार्यक्रम क्रि‍यान्‍वन मंत्री राम सकल गुर्जर ने कहा कि‍ प्रदेश सरकार वि‍कास कार्यों को लेकर पूरी तरह से सचेत है और आगरा के लि‍ये तमाम योजनाये मुख्‍यमंत्री ने यहां की पर्यटन व्‍यवसाय की जरूरतो को दृष्‍टि‍गत ही दी हैं। लघु उद्योग विकास निगम चेयरमैन शिवकुमार राठौर, जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव, विधायक जगन प्रसाद गर्ग, योगेंद्र उपाध्याय, समाजसेवी अशोक जैन सीए आदि‍ ने भी विचार व्‍यक्‍त कि‍ये ।
एसोसि‍येशन के अध्‍यक्ष राकेश चौहान ने बताया कि‍ संगठन हमेशा गतशील रहा है,करो की मार ,नीति‍गत नि‍र्णयों में बदलाव और अनुचि‍त दबावों के वि‍रूद्ध हमेशा आवाज उठायी है।इस अवसर पर एसोसि‍येशन के द्वारा प्रकाशि‍त  नए टूरिस्ट मैप, नियम, ब्रोशर और इंफोरमेशन लीफलेट का विमोचन भी कि‍या गया। इस अवसर पर संस्‍थापक अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, सहि‍त पूर्व अध्‍यक्ष अतुल शर्मा और संदीप अरोरा का सम्मान किया गया, वहीं अब तक के अध्यक्षों के बारे में जानकारी दी गई। मौजूदा पदाधिकारियों संजीव जैन, संजय सिंह, संजीव भारती, राजेश कालिया, अजय भार्गव, नरेंद्र गुप्ता, राजकुमार खंडेलवाल, मुनींद्र शर्मा, इम्तियाज बेग, विकास कश्यप को स्मृति चिन्ह दिए गए। डी एम पंकज कुमार, एस एस पी शलभ माथुर,राजीव तिवारी,देवकी नन्दन सोन,संजय शर्मा,प्रह्लाद अग्रवाल,  हाकिम सिंह सोलंकी, वकील कुरैशी, पर्यटन संस्था संस्कृति वेकेशंस के राजीव सक्सेना, गोविंद ,संदेश जैनआदि उपस्‍थि‍त थे।

काफी संघर्ष कि‍या अब पौधा फल रहा है

एसोसि‍येशन के अध्‍यक्ष राजेन्‍द शर्मा ने कहा कि‍ खुशी है कि‍ अब संगठन व्‍यापक स्‍वरूप ले चुका है,इसका असर बढा है और पर्यटन सम्‍बन्‍धी कार्य व नीति‍यों में हमारी भागीदारी रहतीहै।होटल संचालकों को अब आत्‍म  सम्‍मान के साथ  व्‍यसाय चलाने चलाना अधि‍क आसान हुआ है।

अब स्‍थायी सचि‍वालय भी है जरूरी

होटल एंड रैस्‍टोरेंट ऐसोसि‍येशन के पच्‍चीस साल पूरे होने के अवसर पर जहां तमाम बाते कही गयी वहीं संगठन के लि‍ये स्‍थायी सचि‍वालय बनाये जाने की जरूरत का मामला नहीं उठाया गया। जबकि‍ इस व्‍यवसाय में केन्‍द्र सरकार, राज्‍य सरकार सहि‍त पर्यटन व्‍यवसाय के संगठनों से लगातार कार्डीनेशन बनाये रखने के लि‍ये इस प्रकार के कार्यालय की सख्‍त जरूरत है।एसोसि‍येशन अगर जमीन का प्रबंध अपने स्‍तर से कर सके तो बाकी काम यानि‍ स्‍तरीय कार्यालय बनाये जाने के लि‍ये सरकार पर धन की कमी नहीं है।यू पी चैम्‍बर आफ इंडस्‍ट्रीज आगरा और आगरा आयरन फाऊडर्स एसोसि‍येशन के कार्यालयों का अपने संगठन को सदस्‍यों के लि‍ये रहता आया योगदान  इस सम्‍बन्‍ध में अपने आप में प्रत्‍यक्ष उदाहरण हैं। यह बात अलग है कि‍ व्‍यापक संभानाओं के वि‍द्यमान होने के बावजूद भारत सरकार के पर्यटन वि‍भाग का और नहीं राज्‍य पर्यटन वि‍भाग तक ने अपने लि‍ये तक स्‍तरीय कार्यालयों का इंतजाम  नहीं कि‍या हुआ है।

एक्‍सपीरि‍यंस एंड लर्नि‍ग टूर

वि‍श्‍व भर में अगर कोयी भी ट्रेड फेयर लगता है तो उसमें टूरि‍ज्‍म की मार्कि‍टि‍ग का प्रयास जरूर होता हे, इसके अलावा टेरि‍ज्‍म ट्रेड के अलग से भी पैकेज या प्रोडैक्‍ट के अपने मार्कटि‍ग प्रयास होते हैं।अगर एसोसि‍येशन प्रयास करे तो थोडी सी भी सक्रि‍यता से इसके सदस्‍यों को भी भारत से जाने वाले डैलीगेशनों में प्रति‍नि‍धत्‍व मि‍लसकता है।वैसे भी टूरि‍ज्‍म ट्रेड में ताज सि‍टी का अपना रुतवा है,बस थोडा सा प्रयास करना होगा।यह बात अलग है कि‍ बजट होटलों के संचालको में से काफी अपने संसाधनों से वि‍देश जाकर नि‍जी तौर पर जरूर  अनुभव धन्‍य होते रहे हैं।

अब बदल चुका है पर्यटन का स्‍वरूप

इटरनेट और मोबाइल फोन आने के बाद से पर्यटन उद्योग का स्‍वरूप ही बदल गया है, जो बि‍जनि‍स केवल अच्‍छी लोकेशन वाले पर्यटन प्रति‍ष्‍ठानों खासकर होटलों तक ही सीमि‍त था अब  राज्‍य पर्यटन वि‍भाग से मान्‍याता प्राप्‍त लगभग सभी होटलों के वि‍वरण आन लाइन उपलब्‍ध होने से सभी लोकशनो के प्रति‍ष्‍ठान आने वाले मेहमानों की पहुंच वाले हो गये हैं।लोकशनों के साथ ही अब सर्वि‍स एफीशि‍येसी, वेकेसी,और रेट रि‍यायत भी कारोबार को प्रभावि‍त करने वाले प्रवल कारण बनचुके हैं । होटलों में 75 प्रति‍शत  बुकि‍ग  भी आनलाइन ही हो जाती है।रूपये का अवमूल्‍यन भले ही होता रहा हो कि‍न्‍तु मनमोहन सि‍ह की यू पी ए सरकार के कार्यकाल में रूपये को ‘कनवर्टेवि‍ल करेसी’ की मान्‍यता मि‍लजाने से छोटे होटलों के सामने इंटरनेशनल गैस्‍टों से भुगतना को लेकर खडी होती रहने वाली परेशानी लगभग समाप्‍त हो गयी है।यही नहीं होटल सचालक भी गैस्‍टों की सुवि‍धाओं और सुरक्षा को लेकर अपनी ओर से पूरी सावधानी बरतते हैं।अपवादों को अगर छोड दिया जाये तो रहाबचा सुधार टूरि‍स्‍ट थाने के बनजाने के बाद हो गया है।

धर्मशाला से होटल तक

पर्यटन आगरा की इकनामी की रीढ है,सराय और धर्मशाला काल से पांच सि‍तारा होटलों तक का इस शहर को उत्‍तर प्रदेश में सबसे अधि‍क अनभव है।पच्‍चीस साल पूर्व शहर के होटल एंड रैस्‍टोरेंट एसोसि‍येशन(एच आर ए ए) का गठन हुआ था,र्सि‍फ पाच होटल संचालक इसके सदस्‍य थे।पहले तो कुछ ाल तक इे गैर जरूरी माना जाता रहा ि‍न्‍तु संस्‍थापक अध्‍यक्ष सुरेन्‍द्र शर्मा इसे सक्रि‍य बनाये रखने में लगे रहे ।अंतत:टेरि‍स्‍ट ट्रेड से संबधि‍त प्रति‍ष्‍ठानों के सचालक  संगठन से जुडते चले गये ।अब स्‍थि‍ति‍ यह है कि‍ सदस्‍य संख्‍या और सक्रि‍यता की दृष्‍टि‍ से आगरा जनपद ही नहीं आगरा मंडल के सबसे प्रभावी संगठन के रूप में इसे मान्‍यता मि‍लती है।केन्‍द्र या राज्‍य सरकार के द्वारा पर्यटन संबधी कि‍सी भी योजना या कार्यक्रम बनाते समय एसोसि‍येशन के सैकेट्रि‍येट से जरूर संपर्क में रहती है।पूर्व में जनपदमें केवल टरि‍ज्‍म गि‍ल्‍ड आफ आगरा संगठन ही मुख्‍य रूप से सक्रि‍य था।