उत्थान इंडिया फाउंडेशन के स्वयंसेवकों ने आनंद इंजीनियरिंग कालेज, कीठम के समीप रोशू गांव
में एक स्मृति वाटिका विकसित करने, पर्यावरण को सुरक्षित करने और प्राकृतिक नैसर्गिकता की
अनुभूति कराने के मकसद से पौधारोपड़ का आयोजन किया। इस पौधारोपड़ कार्यक्रम में
251 पौधे लगाए गए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर वी. के. शर्मा ने स्वंयसेवकों को
पौधारोपड़ के जीवनचक्र में महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि पेड़
प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने का सबसे सरल एवं प्रभावी तरीका बताया। पौधारोपड़ के
बाद लगातार लगाए गए पौधे की देखभाल का संकल्प लेकर कम से कम एक साल तक पौधे को
जीवित बनाए की जरूरत पर बल दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं आर्य महासभा मथुरा के प्रधान श्री लक्ष्मण
प्रसाद शर्मा ने प्रकृति, मानव एवं जीव का संबंध और आपस में उनका संतुलन बनाए रखने की
आवश्यकता को समझाया।
प्रोफेसर वी. के. गुप्ता ने पेड़ के आर्थिक फायदे को समझाते हुए बताया कि यदि
एक पेड़ की औसत आयु पचास साल मानी जाए तो एक पेड़ अपने जीवनकाल में करीब एक करोड़
पांच लाख रुपये का फायदा समाज को देता है। श्री गुप्ता ने अपने संबोधन में काफी
विस्तार से वर्गीकरण कर फायदों के मूल्यों को समझाया।
इस कार्यक्रम की सफलता का एक बढ़ा कारण यह भी रहा कि सभी स्वयंसेवकों ने इस
तरह प्रतिवर्ष पौधारोपड़ कार्यक्रम करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में सचिव श्री मनीष गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इं.
कपिल गुप्ता, इं. के. पी. शुक्ला, इं. वाई. सी. धोते, इं. भावना ठाकरे, इं. सुमित पंचाल, इं. अमित सक्सैना, समाजसेवी श्री शांति स्वरूप गुप्ता के साथ करीब सौ
स्वयंसेवकों की सहभागिता से कार्यक्रम संपन्न हुआ।