आगरा के बाजारों में कारोबार करने का तरीका धीरे-धीरे बदल रहा है। अब ग्राहक को दुकान तक बुलाने के साथ दुकानदार खुद भी मोबाइल के जरिए उस तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। छोटी दुकानों से लेकर पारंपरिक कारोबार तक, सोशल मीडिया ने प्रचार का एक नया रास्ता खोल दिया है।
इस बदलाव को समझने के लिए आगरा के कमला नगर के नारायण सिंह की कहानी याद आती है। करीब चार दशक तक कांजी बड़ा बेचकर परिवार चलाने वाले नारायण सिंह की दुकान अक्टूबर 2020 में अचानक चर्चा में आ गई थी। कोरोना काल में उनका कारोबार काफी प्रभावित हुआ था। एक स्थानीय फूड ब्लॉगर ने उनकी दुकान का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग उनके कांजी बड़े का स्वाद लेने पहुंचे। उनकी दुकान की चर्चा शहर से बाहर तक होने लगी।
नारायण सिंह की यह कहानी केवल एक वायरल वीडियो की कहानी नहीं थी। इसके पीछे एक छोटे दुकानदार का संघर्ष था, जिसे सोशल मीडिया ने कुछ समय के लिए बड़ा मंच दे दिया। हालांकि, उनका जीवन मुश्किलों से बाहर नहीं निकल सका। 12 जून 2021 को कैंसर से इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। उनके निधन के बाद परिवार की बहू बबली ने इस कारोबार को आगे बढ़ाने की कोशिश की।
आगरा के दूसरे कारोबारों में भी डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल देखने को मिलता है। फुटवियर कारोबार से जुड़े Shoegaro ने स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की पहल की। इसके संस्थापक अंकित कुमार ने सोशल मीडिया मार्केटिंग के अपने अनुभव का इस्तेमाल इस काम में किया। 2022 की एक प्रकाशित रिपोर्ट में इस पहल से जुड़े करीब 250 कारीगर परिवारों का उल्लेख किया गया था।
पारंपरिक कारोबार भी इस बदलाव से अछूते नहीं हैं। सुभाष बाजार में 1948 से
कारोबार कर रहा HK Sales अपनी वेबसाइट पर WhatsApp के जरिए दूसरे शहरों के ग्राहकों और रीसेलर्स से संपर्क की जानकारी देता है। इससे पता चलता है कि पुराने कारोबारी भी ग्राहकों तक पहुंचने के नए तरीकों को अपना रहे हैं।हालांकि, सोशल मीडिया पर दुकान की मौजूदगी और कारोबार बढ़ने में अंतर है। नियमित रूप से उत्पादों की तस्वीरें डालना, ग्राहकों के सवालों का जवाब देना और ऑर्डर की डिलीवरी संभालना छोटे दुकानदारों के लिए आसान नहीं है। कई बार दुकान संभालने के साथ उन्हें यह अतिरिक्त काम भी करना पड़ता है।
आगरा में अभी ऐसा नहीं है कि हर दुकानदार ऑनलाइन कारोबार कर रहा हो। पुराने ग्राहक और बाजार की अपनी पहचान आज भी महत्वपूर्ण हैं। लेकिन अब कारोबारियों के सामने एक नया सवाल जरूर है—क्या केवल अच्छी दुकान और अच्छे उत्पाद से काम चलेगा, या आने वाले समय में मोबाइल पर अपनी पहचान बनाना भी कारोबार की जरूरत बन जाएगा?