17 दिसंबर 2021

आगरा में नया सिविल एन्‍कलेव वायु प्रदूषण उत्‍सर्जन शून्‍य प्रवृत्‍ति का होगा

सिविल एन्‍कलेव के डारैक्‍टर ए ए अंसारी के साथ चर्चारत 
 शिरोमणी सिह ,अनिल शर्मा और राजीव सक्‍सेना
 

-लैंडंग और टेकआफ करने वाले वायुयान पुशबैक सिस्‍टम से हैंडिल किये जायेंगे

आगरा में बनने जा रहा सिविल एन्‍कलेव अति न्‍यून लगभग नागण्‍य प्रदूषण ही उत्‍सर्जित करेगा। इसके लिये यहां से उडने और लैंडिंग करने वाले यात्री वायुयानों के लिये अब तक जहां   पावर बैक ( powerback / Power in Power out )सिस्‍टम प्रयोग में है, वहीं अब नये एन्‍कलेव में पुश बैक तकनीकि का इस्‍तेमाल होगा, नये सिस्‍टम में एयर फोर्स स्‍टेशन आगरा के रनवे पर वायुयान लैंडिंग और टेकआफ करने तक ही अपने पावर बैक सिस्‍टम का इस्‍तेमाल करेगा जबकि इसके बाद  उसे  सिविल एन्‍कलेव के टैक्‍सी ट्रैक और उसकी पार्किंग तक आने जाने में पुशबैक (Push Back ) सिस्‍टम का इस्‍तेमाल होगा ।

पावर बैक सिस्‍टम में वायुयानों 

को पार्किंग और हैंगरों तक पहुंचने के लिये अपने इंजन सपोर्टेड सिस्‍टम का ही इस्‍तेमाल करना होता है,जिसमें आवाज और फ्यूल कंजैम्‍शन बहुत अधिक खर्च होता है,जबकि पुशबैक सिस्‍टम में वायुयान के इंजन लैंडिंग करने के बाद व टेकआफ करने तक बन्‍द रहते हैं। उसे एन्‍कलेव से हैंगर या पार्किंग से वायुसेना क्षेत्र में स्‍थित  हवाई पट्टी तक लाने या लेजाने का कार्य ट्रैक्‍टर या ट्रालरों के द्वारा किया जाता है।

इस प्रकार सिविल एन्‍कलेव परिसर वायुयान से जनित वायुप्रदूषण से लगभग मुक्‍त होगा। वैसे ट्रेलरों और ट्रैक्‍टरों में भी वायुप्रदूषण कारी इंधन का उपयोग नहीं होगा. उपरोक्‍त के फलस्‍वरूप सिविल एन्‍कलेव परिसर में एयरक्राफ्ट आपरेशन एक्‍टविटीज से जनित प्रदूषण के उत्‍सर्जन की संभावनायें शून्‍य प्राय हो जायेंगी।
एस टी पी लगेगा
सिविल एन्‍कलेव परिसर में जनित सीवर और गंदेपानी का ट्रीटमेंट करने के लिये आधुनिकत तकनीकि का एस टी पी लगाया जायेगाजहां ट्रीटड एफ्यूलैट का डिसपोजल 'रियूज्‍ड वाटरके रूप में होगा. इस पानी का उपयोग सिविल एन्‍कलेव परिसर और आसपास के क्षेत्र में हरियाली अच्‍छादन के लिये किया जायेगा।सिविल एन्‍कलेव की कार्ययोजना में 3500 पेडों के प्‍लांटेशन करवाया जाना शामिल है ।
सिविल एन्‍कलेव डायरैक्‍टर ए ए अंसारी और इंडिगो
 केे एयरपोर्ट मैनेजर प्रवीन भारद्वाज आदि।
   
इन पेडों की प्रजातियों का  चयन उनकी वायु प्रदूषणा चूषण ( Sequester absorbers )प्रकृति के आधार पर किया गया है। इस प्‍लांटेशन से ध्‍वनि प्रदूषण भी कम होगा। क्‍यों कि इन पेडों वायु प्रदूषण कम करने की गुण्‍सवत्‍ता के साथ ही ध्‍वनि तरंगे भी अवशोषित करने की प्रवृत्‍ति होती है।

पॉल्‍यूशन रोकने के मानको                 

 की फोर स्‍टार व्‍यवस्‍था

नये सिविल एन्‍कलेव को भारत में प्रदूषण संबधित मानकों (ग्रेडिंग) सिस्‍टम      अनुसार  4-मानक( 4 star ) की सुविधाओं व व्‍यवस्‍थाओं से युक्‍त होगा। जिनके तहत यहां पावर जनरेशन के सिस्‍टम में केवल सी एन जी (  Compressed Natural Gas ) का ही उपयोग होगा,ध्‍वनि और वायु प्रदूषण निरोधी हरियाली छत्र अच्‍छादन (Green belt) , सीवरेज और गंदेपानी को शोधित  कर पुन उपयोग लायक बनाये जाने के लिये यांत्रिक या जैविक अवस्‍थापना की व्‍यवस्‍था परिदृश्यता युक्‍त बागवानी (  landscaping ) सिविल एन्‍कलेव परिसर में केवल इलैक्‍ट्रिक वाहनों का संचलन आदि अपेक्षायें की जाती हैं ।
 इनमें से लगभग सभी नये सिविल एन्‍कलेव में मौजूद होंगी।यही नहीं पब्‍लिक के वाहनों से जनित प्रदूषण को कम करने के लिये मल्‍टी लेविल पार्किंग भी इस प्रकार डिजायन करवायी गयी है जिससे वाहन को खडा करने के बाद जब उसे पुन: लेजाना हो तो बैक गियर अनावश्‍यक यू टर्न नहीं करने पडें।गाडी सीधे पार्किंग में ले जायी जा सके और बापसी में स्‍टर्ट कर स्‍टेयरिंग का न्‍यूनतम उपयोग कर मुख्‍य मार्ग पर लेजाया जा सके ।

 नागरिक उड्डयन के लिये व्‍यापक संभावनायें

आगरा में नागरिक उड्डयन सेवा विस्‍तार की व्‍यापक संभावनाये हैं,दुर्भाग्‍य यह है कि उ प्र शासन इनके प्रति पूरी तरह से लापरवाह बना रहा है। जहां न्‍यायालयों में ताजमहल की पर्यावरण से सुरक्षा को लेकर जो भी विधिक प्रकरण लंबित हैं उनमें अब तक हुए आदेशों और अंतरिम आदेशों के क्रम में जो व्‍यवस्‍थायें अब तक आगरा में हुई हैं उनका ताज संरखण पर कोयी अनुकूल प्रभाव नहीं पडा है,इसके स्‍थान पर स्‍थानीय अर्थव्‍यवस्‍था का स्‍वभाविक विकास तक ठप प्राय हो गया है। एयर कनैक्‍टिविटी  भी इन्‍हीं में शामिल है। दरअसल अदालती वादों में उ प्र सरकार के द्वारा वस्‍तुस्‍थित और तथ्‍यपरक जानकारियों सुनवायी कर रही पीइों के समक्ष न रखा जाना इसका मुख्‍य कारण ।

आगरा में आप्रेटिड एयरलाइंस के इंडिगों के प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार आगरा में बैंगलूर ,हैदराबाद मुम्‍बई जैसे रूटो की नहीं स्‍थानिय महत्‍ता के जयपुर ,दिल्‍ली,ग्‍वलियर कनैक्‍टिंग रूटों के लिये लगातार मांग बढ रही है। एयरलाइंस का कार्गो डिवीजन भी व्‍यस्‍त है, फिलहाल बाहर से काफी सामना एयर श्रूट से ही आ रहा है,अर्जुन नगर में ही इसकी डिलीवरी के लिये डिपो बनाया हुआ है।बाहर के लिये भी माल की बुकिंग शुरू हो जायेगी एयरपोर्ट अथार्टी के द्वारा इसके लिये निर्धारित 'एस ओ पी' के अनुकूल सभी व्‍यवस्‍थाये की हुइ हैं,बस नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अनुमति अपेक्षित है।

प्रभावी पैरोकारी जरूरी

क्‍या सरकार को मुकदमे की फइल पर यह नहीं लाना चाहिये था कि धनौली का सिविल एन्‍कलेव प्रोजेक्‍ट नया न होकर एक शिफ्टिंग प्रोजेक्‍ट भर है। वायु यान टेकआफ और लैंडिंग आप्रेशन के अलावा अपनी परी उडान एयरपोर्ट अथार्टी के द्वारा निर्धारित एयरकारीडोरों में ही भरता है,जो सामान्‍यत: बादलों से भी ऊंचाई पर होता है। ताज ट्रिपेजियम अथार्टी के अधिकार क्षेत्र और अध्‍ययन में बादल (cloud)तक नहीं आते ।फिर उनसे भी अधिक ऊंचाई पर उडने वाले हवाई जहाज से ताजमहल को कैसे खतरा हो सकता है।

जनप्रतिनिधि सजगता बर्तें

जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा है कि वे अपनी भूमिका समझें और आगरा के सिविल एन्‍कलेव शिफ्टिंग प्रोजेक्‍ट (धनौली सिविल एन्‍कलेव) को शीघ्रता के पूरा करवाने के लिये लंबित अनुमतियों को शीघता से दिलवायें। हमारी उ प्र सरकार से भी अपेक्षा है कि न्‍यायलय में सक्षम पक्षकार के रूप में अपनी भूमिका निर्वाहन करे। अब राज्‍य सरकार संबधित वाद में पक्षकार है ,जबकि पूर्व में केवल पैरोकार की ही भूमिका मे थी और केवल वही हलफनामें देती रही जो कि न्‍यालय में मांगे जाते रहे। जनप्रतिनिधियों से उ प्र नागरिक उड्डयन मंत्रालय और उ प्र शासन के विधि विभाग को आगरा के प्रोजेक्‍ट में हो रहे विलंब पर चिता जताना सामायिक जरूरत है ,जो अपनी कर्मभूमि के लिये उनका राजनैति व सामाजिक दृष्‍टि से नैतिक कर्त्‍तव्‍य भी है।

उल्लेखनीय है कि सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा  के प्रतिनिधि मंडल ने एयरपोर्ट डायरेक्टर  श्री ए ए अंसारी से मुलाकात कर आगरा के नये सिविल एन्क्लेव के बारे में मुलाकात  कर आगरा की एयर कनैक्‍टिविटी को विस्तार  दिये संबधी नागरिक  अपेक्षाओ पर चर्चा की थी। प्रतनिधि मंडल की इंडिगो के एयरपोर्ट मैनेजर श्री प्रवीन भरद्वाज से  भी मुलाकात हुई थी। सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा  के प्रतिनिधि मंडल में डा शिरोमणी सिह पार्षद नगर निगम आगरा ,जर्नल सैकेट्री श्री अनिल शर्मा एवं राजीव सक्‍सेना  शामिल थे।