2 अप्रैल 2020

लॉक डाउन के बीच राम नवमी पर्व पर हुए परंपरागत आयोजन

--सोशल डि‍स्‍टैंसि‍ग और सैनेटाइजेशन पर रखा गया ध्‍यान
राम नवमी
(घर घर में याद कि‍ये गये श्री राम )
 रामराम नवमी पर्व के अवसर पर महानगर में मन्‍दि‍रों की परंपरागत सजावट तो जरूर हुई कि‍न्‍तु कोरोनटाइन -लॉकडाउन के कारण भक्‍तों की मौजूदगी अत्‍यंत सीमि‍त रही। जो मन्‍दि‍रों में पहुंचे भी उन्‍होंने सोशल डि‍स्‍टैंसि‍ग के नि‍र्देशों का पालन कि‍या। मन्‍दि‍रों में जो गये वह तो पूर्जाअर्चना कर ही आये कि‍न्‍तु रामायण सीरि‍यल को जरूर घर घर देखा गया। 
राम नवमी पर भंडारों के आयोजन तथा भक्‍ति‍ भजन करवाने की परंपरा रही है। लेकि‍न कोरोना को लेकर बने हुए हालातों के चलते सभी कार्यक्रम केवल औपचारि‍क्‍ताओं तक ही सीमि‍त रहे।
--वि‍धवा आश्रम में करवाया भोजन
बजीरपुरा के डा उपाध्‍याय परि‍वार की ओर से घटि‍या आजम खां स्‍थि‍त वि‍धि‍वा आश्रम में महि‍लाओं को भोजन करवाया तथा प्रसाद वि‍तरि‍त कि‍या। सीमि‍त लोगों के इस आयोजन के दौरान सोशल डि‍स्‍टैंसि‍ग का पूरा ध्‍याय रखा गया। पूरे आश्रम को पहले सैनेटाइज कि‍या गया फि‍र
भोजन करवाया।
राम नवमी के पर्व पर वि‍धवा आश्रमकी संवासनि‍यों को
उपाध्‍याय परि‍वार ने करवाया गया भोजन।
फोटो :असलम सलीमी।
कार्यक्रम के तत्‍काल बाद सफाई की व्‍यवस्था भी सुनि‍श्‍चि‍त की गयी। आयोजन में उपाध्‍याय परि‍वार के डा वि‍जय उपाध्‍याय व सुश्री माधुरी उपाध्‍याय कई अन्‍य स्‍थानीय जनों के साथ मौजूद रहे। 
राम नवमी इस बार नागरि‍कों के बीच सादगी से जरूर मनायी गयी कि‍न्‍तु आयोध्‍या राम मन्‍दिर वि‍वाद समाप्‍त हो जाने के बाद यह पहला राम से जुडा आयोजन हाने से लोगों मे भारी उत्‍साह था। 
आगरा ही नही समूचे बृज क्षेत्र में बसंत पर्व के साथ धार्मि‍कआयोजनों का सि‍लि‍सला शुरू हो जाता है। आगरा में गणगौर के मले का आयोजन एक परंपरागत वह अवसर होता है जबकि लोग बडी संख्‍या में सहभागी होते हैं। जबकि‍ राम नवमी मन्‍दि‍रों के परि‍सरों और नागरिकों के घरों में होने वाले आयोजन के रूप में ही लि‍या जता है। फोटो :असलम सलीमी।