5 मार्च 2016

ग्रीष्म प्रकोप से पूर्व ही ताज सिटी में जल किल्लत का दौर शुरू

--सिकन्‍दरा जलकल से आपूर्ति दो दिन से ठप

आगरा,जलसंस्‍थान आगरा की सिकन्‍दरा जलकल इकाई से होने वाली जलापूर्त शुक्रवार से बाधित है,
और सोमवार के बाद ही सामान्‍य हो सकने की संभावना है। प्राप्‍त जानकारी के अनुसार यमुना नदी के इंटेक वैल से पानी उठाने वाली लाइन के जहां दो पाइप डैमेज हो गये हैं,वहीं एक पाइप शोधित पानी को शहर की आपूर्ति के लिये डली हुई राइजिंग मेन्‍स का है। शिवरात्रि शिव रात्रि का पर्व सोमवार को होने से जलापूर्ति अगर तब तक सुचारू नहीं की जा सकी तो पानी की किल्‍लत के लिये सबसे बडा दिन  
होगा।

डैमेज पाइपों को बदलने के लिये नये पाइप लाने को कबायदशुरू हो चुकी है, संभवत फरीदाबाद या गाजियाबाद से इनका इंतजाम होगा। चालू वित्‍तीय वर्ष में सिकन्‍दरा इंटेक वैल से सिकन्‍दरा जलकल इकाई तक पाइपलाइन के नाकारा साबित होने की यह चौथी घटनाहै जबकि सिकन्‍दरा जलकल से शोधित पानी शहरी सप्‍लाई को उपलब्‍ध करवाने वाली राइजिंग मेन्‍स पाइप लाइन के लीकेज या डैमेज होने की सार्वजनिक हुई सातवीं घटना है।
सिकन्‍दरा जलकल जल निगम के द्वारा कार्यदायी संस्‍था के रूप में शुरू हुआ था,पूर्व मुख्‍यमंत्री सुश्री मायाबती ने इसका उद्घाटन किया था।तभी से यह जल निगम के द्वारा ही संचालित है। बनकर तैयार करने के बाद जब भी इसको हस्‍तारित करने की बात हुई न तो संयुक्‍त इंस्‍पेक्‍शन की कसौटी पर यह तकनीकि दृष्‍टि से सही साबित हुआ और नहीं जलसंस्‍थान की आर्थक दशा ही इसका अपने स्‍तर से संचालन करने लाइक स्‍टाफ बढाने की हुइ्र।
वर्तमान में इसका संचालन जल निगम के द्वारा अपने निर्देशन में एक निजी कंपनी से करवाया जा रहा है, इस कंपनी अब तक कई करोड राशि जल निगम पर बकायाहो चुकी है।फलस्‍वरूप कंपनी को अपने कर्मचारियों को समय से वेतन देना तक मुश्‍किलहो रहा है।जलसंस्‍थान अपनी वित्‍तीय स्‍थिति का वस्‍ता देकर किसी भी प्रकार का भुगतान करने से हाथ खडे कर चुकी है।वह गंगाजल प्रोजेक्‍ट की फंडिग से ही कपनी के भुगतान की अपेक्षा कर रहा है।
उधर नगर विकास मंत्रालय लगातर आगरा नगर निगम पर जलसंस्‍थान की वसूली बढाने के लिये जलमूल्‍य और जलकर की दरे बढाये जाने के लिये दबाव है,उधर बल्‍क यूजर हो सकने वाले महानगर के सैकडो व्‍यवसायिक प्रतिष्‍ठानों ने अपने वैकल्‍पक एवं सस्‍ते इंतजाम कर जलमूल्‍य की अदायगी से पीछा छुडा रखा है।
यमुना मे पानी की किल्‍लत

जलकल की सिकन्‍दरा ही नहीं जीवनी मंडी इकाई भी यमुना नदी का जलस्‍तर गिरजाने से भारी जल किल्‍लत के दौर में पहुंच गयी है।प्राप्‍त जानकारी के अनुसार हरनाल एस्‍केप से डिस्‍चार्ज को गंगाजल की निर्धारित 150 क्‍यूसिक जलराशि में से 90 क्‍यूसेक भी यमुना में नहीं पहुंचरही है।उधर दिल्‍ली हरियाणा से आने वाला पानी भी अत्‍यधिक प्रदूषित है,फलस्‍वरूप गोकुल बैराज की पौंडिग के जलस्‍तर और भंडारित जलराशि दोनों पर ही नकारात्‍मक असर है। जिसका असर सिकन्‍दरा जलकर के इंटैकवैल की पानी के पंप किये जाने की क्षमता पर पड रहा है। कोई आश्‍चर्य नहीं कि इंटेकवैल की जरूरत को पूरा करने के लिये कैलाश घाट पर भी जीवनी मंडी जलकल के इंटेक वैल के लिये पिछले चार दशकों से उपयोग में लाई जा रही ड्रेजिंग की व्‍यवस्‍था लागू करना पड जाये।