जेनरेटर, मार्बल,जूतों,पेठा, जरी के लिये व्यापक गुंजायिश
आगरा: परिवर्तन से घबराएं नहीं। सफलता के नए आयामों को छूना है तो समय के साथ खुद को
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| (पवन गाडिया एवं मोटीवेशनल स्पीकर पापा सीजे अपने अनुभ्ावों प्रेरित करते हुए) |
बदलें। ऑनलाइन बिजनेस यानि ई-कॉमर्स से रीटेलरों को किसी तरह का कोई खतरा है, इस
भय को हमेशा के लिए दूर कर देना चाहिए। क्योंकि अमेरिका जैसे देशों में भी ऑनलाइन
बिजनेस (रीटेलिंग में) मात्र 10-15 फीसदी है। वर्तमान समय में रीटेलिंग के क्षेत्र
में ऑनलान बिजनेस आपके करियर को नई ऊंचाईयां दे सकता है। पर्यटन नगरी आगरा के
प्रोडक्ट (जेनरेटर, मार्बल, जूतो पेठा, जरी का काम) को दुनिया में पहचान दिला सकता
है। इसके लिए आगरा के व्यवसायियों
को एक मंच पर आकर काम करना चाहिए।
को एक मंच पर आकर काम करना चाहिए।
यह
कहना था फर्न्स एंड पैटल्स के सीईओ पवन गाडिया का। वह एबीएफ (आगरा बिजनेस फोरम) की
होटल डबल ट्री हिल्टन में आयोजित कार्यशाला में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने
अपना उदाहरण पेश करते हुए बताया कि 2002 से किस तरह फूलों की एक दुकान से आज उनका
180 देशों में 120 करोड़ का सालाना (100 करोड़ ऑनलाइन व 120 करोड़ का रीटेल)
कारोबार खुदरा व्यापार के साथ ऑनलाइन बिजनेस के जरिए आगे बढ़ता गया। उन्होंने कहा
कि ऑनलाइन बिजनेस खुदरा व्यापार को कभी प्रभावित नहीं कर सकता। हां खुदरा व्यापार
में यदि ऑनलाइन ऑर्डर को भी शामिल किया जाए तो आपके कैरियर को कहां से कहां पहुंचा
सकता है।
आगरा
युवा व्यवसायियों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति में एक हीरो
है। सकारात्मकता के साथ अपनी खूबियों को पहचाने और अपनी अच्छाईयों व खूबियों के
साथ खुद को सफलता के मार्ग पर बढ़ाएंगे निश्चत तौर पर सफलता मिलेगी। फोरम के
संस्थापक सदस्य राहुल जैन, तरुण अग्रवाल व दीपक राघव ने अतिथियों का स्वागत करते
हुए कहा कि फोरम इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित कराती रहेगी। शारदा ग्रुप
ऑफ इंस्टीट्यूट के वाइस चेयरमैन वाईके गुप्ता ने कहा कि जिन्दगी में बड़ा काम करना
है तो परेशानियां लाजमी है। इसलिए सफलता के लिए कड़ी मेहनत के साथ धैर्य भी बहुत
जरूरी है। उन्होंने भी अपना उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह 160 स्टूडेंस से
शुरू किया गया उनका इंस्टीट्यूट आज बीस हजार विद्यार्थियों को शिक्षा दे रहा है।
उन्होंने कहा कि युवा व्यवसायी ऐसा मौका कभी न छोड़े जहां उन्हें सफल व्यवसायियों
को सुने का मौका मिले। एबीएफ इसके लिए एक बेहतर प्लेटफार्म है।
अतिथियों
का स्वागत फाउन्डर मैम्बर राहुल जैन ने किया। संचालन फाउन्डर मैम्बर दीपक राघव ने
किया। व धन्यवाद ज्ञापन फाउंडर मैम्बर तरुण अग्रवाल ने दिया। इस मौके पर फोरम के
मैम्बर में मुख्य रूप से हेमन्त जैन, विभू बैनारा, रजत अस्थाना, प्रकाश महाजन,
श्वेतांग गर्ग, दीपेन्द्र मोहन, राकेश थॉपर, अमित अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, अंकित
मांगलिक, कपिल मित्तल, मनीष बंसल आदि उपस्थित थे।
लोगों
से प्रतिस्पर्धा नहीं अपनी रुचि और खुशी से करें काम
आगरा।
विश्व प्रसिद्ध कॉमेडियम व मोटिवेशनल स्पीकर पापा सीजे ने अपने हल्के फुल्के अंदाज
में कहा कि अपने करियर को दूसरे की आर्थिक स्थिति पर फोकस करते हुए नहीं बल्कि अपनी
खुशी और रुचि के अनुसार चुने। दूसरों को देखकर नहीं बल्कि खुद से पूछें कि आप क्या
चाहते हैं। हर व्यक्ति के लिए सफलता की परिभाषा अलग है। किसी को शांति भरी जिंदगी
तो किसी को तड़क भड़क। किसी को कला तो किसी को व्यापार। आप अपने करियर में सफलता
तभी पा सकते हैं, जब ऐसा करियर चुने जो आपने मन के विपरीत न हो।
क्या
है एबीएफ
आगरा।
आगरा बिजनेस फोरम, यानि ताजनगरी के युवा व्यवसायियों का एक ऐसा ग्रुप, जिसके जरिए
कोशिश की जा रही है ताजनगरी के व्यवसाय और व्यवसायियों को एक बेहतर मुकाम तक
पहुंचाने की। अपने विचारों और नए-नए आइडिया को शेयर करने एक नई पहल करने की। कुछ
लोगों से शुरू हुए इस फोरम में आज लगभग 100 मैम्बर हैं, जिसमें डॉक्टर, इंजीनियर,
बिल्डर, ज्वैलर्स, होटल व्यवसायी आदि सभी तरह के बिजनेस मैन जुड़े हुए हैं। यह
फोरम का दूसरा कार्यक्रम था जिसमें आगरा के व्यवसायियों को ई-कॉमर्स के प्रति
जागरुक व जानकारी दी गई।
