आगरा: .. दशहरा शोभा यात्रा आयोजन समिति ने 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे एक जागरुकता
रैली निकाल शोभायात्रा मार्ग को साफ सुंदर स्वच्छ रखने के प्रति लोगों को प्रोत्साहित कर भारत स्वच्छ अभियान से जोडने का प्रयास किया । यात्रा मार्ग में अतिक्रमण न कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत करने और अपने दूकान और प्रतिष्ठान पर सजावट
करने की भी आयोजको के द्वारा अपील की गयी है। उल्लेखनीय है
कि जनपद में रामलीला आयोजन विगम दो सौ साल से ही शुरू हुआ माना जाता है किन्तु राम लीला का मंचन और गाजेबाजों के साथ जुलू निकलने की प्रथा इससे कही पुरानी है। श्री रामचंद्र जी महाराज, खातीपाड़ा - जटपुरा से राम बातारात शुरू होकर राजमंडी बाजार से निकलती है। झंकियों और अखाडों का प्रदर्शन नाथ संप्रदाय के साधुओं और अखाडों के आगरा में आकर जमने से बना हुआ है। राजामंडी स्थित बाबा बालक नाथ जी के मन्दिर के बाहर एक म्ेदान सा था (तब आगरा कॉलेज के स्टाफ क्वार्टर नहीं बने हुऐ थे।) वहां रावड को रखा जाता था और आग लगायी जाती थी। उससे पहले बाजार में जुलूस से पहले आगरा के अखाडे बाज और बाबा गोरखनाथ के भक्तो के अखाडों के जुलस निकलते थे ।
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| ((रामलीला कमेटी के सदस्यो ने जुलूस निकालकर नागरिको को सफाई के प्रति किया जागरूक ।) |
करने की भी आयोजको के द्वारा अपील की गयी है। उल्लेखनीय है
कि जनपद में रामलीला आयोजन विगम दो सौ साल से ही शुरू हुआ माना जाता है किन्तु राम लीला का मंचन और गाजेबाजों के साथ जुलू निकलने की प्रथा इससे कही पुरानी है। श्री रामचंद्र जी महाराज, खातीपाड़ा - जटपुरा से राम बातारात शुरू होकर राजमंडी बाजार से निकलती है। झंकियों और अखाडों का प्रदर्शन नाथ संप्रदाय के साधुओं और अखाडों के आगरा में आकर जमने से बना हुआ है। राजामंडी स्थित बाबा बालक नाथ जी के मन्दिर के बाहर एक म्ेदान सा था (तब आगरा कॉलेज के स्टाफ क्वार्टर नहीं बने हुऐ थे।) वहां रावड को रखा जाता था और आग लगायी जाती थी। उससे पहले बाजार में जुलूस से पहले आगरा के अखाडे बाज और बाबा गोरखनाथ के भक्तो के अखाडों के जुलस निकलते थे ।
अब भी श्री रामचंद्र जी महाराज, खातीपाड़ा - जटपुरा, लोहामंडी, आगरा से प्रारंभ होकर न्यू राजामंडी कालोनी, तोता का ताल, आलमगंज, लोहामंडी चौराहा, लोहा बाज़ार , राजा की मंडी रेलवे फाटक, राजा की मंडी बाज़ार, राजा की मंडी चौराहा से होती हुई सेन्ट जोहन्स चौराहा पर रावण दहन का कार्यक्रम के बाद किदवई पार्क, बेसन की बस्ती तिराहा से खातीपाड़ा चौराहा से होती हुई मंदिर श्री रामचंद्र जी महाराज, खातीपाड़ा - जटपुरा, लोहामंडी, आगरा पर समापन होती है ।
