शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि एक स्मार्ट शहर वह है जैसा उसके नागरिक अपने जशहर को बनाना चाहते हैं और शहर स्तर की योजनाओं को उनके साथ व्यापक विचार-विमर्श के आधार पर तैयार किया जाना चाहिए। स्मार्ट शहर की योजनाओं का ऐसे परामर्श और उनके आर्थिक तथा पर्यावरणीय प्रभाव के आधार पर शहर चुनौती प्रतियोगिता के दूसरे चरण में मूल्यांकन किया जाएगा।
वेंकैया नायडू 10 पूर्वोत्तर राज्यों और गुजरात के लिए यहां आयोजित स्मार्ट सिटी क्षेत्रीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे जिसमें स्मार्ट सिटी योजनाओं को तैयार करने और संबंधित
मुद्दों के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जाना है। स्मार्ट सिटीमिशन में शहरों के मेयर, नगरपालिका अध्यक्ष, नगर निगम आयुक्त और इन राज्यों के शहरी विकास के प्रमुख सचिवों के अलावा देशज और वैश्विक तकनीकी एजेंसियों के प्रतिनिधियों, परामर्शदाताओं और बहुस्तरीय लैंडिंग एजेंसियों ने इस कार्यशाला में भाग लिया। भागीदारी राज्यों हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात तथा संघशासित प्रदेशों चंडीगढ़ और दिल्ली के 40 शहरों के नाम 98 स्मार्ट शहरों में शामिल हैं। अभी तक 482 अमृत शहरों में 201 तथा 12 हृदय शहरों में 5 शहरों की पहचान की गई है।
मुद्दों के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जाना है। स्मार्ट सिटीमिशन में शहरों के मेयर, नगरपालिका अध्यक्ष, नगर निगम आयुक्त और इन राज्यों के शहरी विकास के प्रमुख सचिवों के अलावा देशज और वैश्विक तकनीकी एजेंसियों के प्रतिनिधियों, परामर्शदाताओं और बहुस्तरीय लैंडिंग एजेंसियों ने इस कार्यशाला में भाग लिया। भागीदारी राज्यों हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात तथा संघशासित प्रदेशों चंडीगढ़ और दिल्ली के 40 शहरों के नाम 98 स्मार्ट शहरों में शामिल हैं। अभी तक 482 अमृत शहरों में 201 तथा 12 हृदय शहरों में 5 शहरों की पहचान की गई है।
