--जनवरी 2016 से शुरू हो जायेगी स्मार्टी-करण की प्रक्रिया
लखनऊ : उप्र के मुख्य सचिव आलोक रंजन के अनुसार आगरा सहित उप्र के चयनित 12 स्मार्ट सिटी को स्मार्ट बनाने का काम जनवरी 2016 में शुरू होगा। स्मार्ट सिटी एक मौका है, जिससे रियल एस्टेट डेवलपर्स को भी
फायदा होगा। इसके लिए जो भी फंड आएंगे वो ज्यादातर राज्य सरकारें जारी करेंगी। साथ ही री-डेवलपमेंट के जरिए कंपनी को काफी फायदा होगा।
फिहल तीन माह के अंदर चयनित स्मार्ट शहरों को डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट शहरी विकास मंत्रालय को भेजेजाने का दौर चलेगा । इस रिपोर्ट के बाद पहले चरण में 20 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में 200-200 करोड़ रुपये
रिलीज होंगे। इस तरह एक जनवरी से इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा।
रिलीज होंगे। इस तरह एक जनवरी से इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा।
कसौटी स्मार्ट सिटी की
- जमीन का झगड़ा नहीं होगा। वहां मिक्स लैंड यूज के जरिए जमीन का बेहतर और कारगर इस्तेमाल होगा।
-मकानों का आवंटन करते वक्त समाज के हर तबके को बराबर तरजीह दी जाएगी, ताकि लोगों में भाईचारा और समरसता बढ़े।
- ट्रैफिक जाम, प्रदूषण, संसाधनों का दुरुपयोग कम करने के लिए छोटी टाउनशिप बनेंगी, जहां ज्यादातर काम पैदल या साइकिल से किए जा सकें।
-पार्क, खेल के मैदान और खुली जगहों के जरिए प्रकृति से तालमेल बनाया जाएगा, ताकि शहरों में गर्मी का असर कम हो और लोगों का जीवन स्तर बेहतर बने।
- लोगों को घर तक पहुंचने में दिक्कत न आए ऐसा सार्वजनिक परिवहन सिस्टम बनाया जाएगा।
- प्रशासन को नागरिक हितैषी और किफायती बनाया जाएगा। ऑनलाइन सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़े।
- स्वास्थ्य, शिक्षा, कला, संस्कृति, फर्नीचर, होजरी, टेक्सटाइल व डेयरी जैसे कारोबार को शहर की पहचान से जोड़ा जाएगा।
- इंफ्रास्ट्रक्चर और जनसेवाओं को सुधारा जाएगा और इनके बेहतर इस्तेमाल के लिए स्मार्ट सोल्यूशन लागू होंगे। 24 घंटे बिजली मिलेगी तथा लाइन लॉस समाप्त होगा। हर 100 मीटर की दूरी पर कूड़ेदान होगा।
