वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने सार्वजनिक बैंकों (पीएसबी), वित्तीय संस्थानों (एफआई) और बीमा कम्पनियों को वाणिज्यिक निर्णयों, तबादला, पद स्थापन (पोस्टिंग) इत्यादि के मामलों में हस्तक्षेप न करने का आश्वासन दिया। यह संदेश साफ-साफ शब्दों में दिया गया है कि बैंकों/वित्तीय संस्थानों के वाणिज्यिक निर्णयों में सरकार कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी।यह भरोसा दिलाया..
जाता है कि हस्तक्षेप न करने का जो आश्वासन बैंकों/वित्तीय संस्थानों को दिया गया है, उसका इस्तेमाल पूरी तरह सोच-समझकर किया जायेगा। हालांकि, किसी व्यक्ति की ओर से अगर विभाग में इस तरह की शिकायत की जाती है कि ठोस आधार के बगैर और किसी की तरफदारी करने के मकसद से कुछ खास मामलों में अपवाद रखा गया है, तो इस तरह का निर्णय लेने वाला व्यक्ति जवाबदेह होगा।
जाता है कि हस्तक्षेप न करने का जो आश्वासन बैंकों/वित्तीय संस्थानों को दिया गया है, उसका इस्तेमाल पूरी तरह सोच-समझकर किया जायेगा। हालांकि, किसी व्यक्ति की ओर से अगर विभाग में इस तरह की शिकायत की जाती है कि ठोस आधार के बगैर और किसी की तरफदारी करने के मकसद से कुछ खास मामलों में अपवाद रखा गया है, तो इस तरह का निर्णय लेने वाला व्यक्ति जवाबदेह होगा।
