June 22, 2020

इस बार लोग बिना डर के निकले घर से बाहर सूर्य ग्रहण देखने

नई दिल्ली - मजबूत प्रयासों के साथ हालात में बदलाव हुआ और बाद में पड़े सूर्य ग्रहणों के दौरान लोगों की धारणा में व्यापक बदलाव देखने को मिला। इस बार लोगों ने बाहर निकलने और सूर्य ग्रहण के सजीव दर्शन के रोमांच का अनुभव हासिल किया, हालांकि इस दौरान सामाजिक दूरी और सतर्कता उपायों का पूरी तरह पालन किया गया।
दिल्ली में सूर्य ग्रहण 21 जून की  सुबह 10:19:58 पर दिखना शुरू हुआ और दोपहर 01:48:40 बजे तक दिखता रहा। सूर्य ग्रहण दोपहर 12:01:40 बजे सबसे ज्यादा नजर आया। थोड़े बादलों से भरे आसमान के साथ दिल्ली आंशिक ग्रहण की गवाह बनी, क्योंकि दिन काफी हद तक उजला बना रहा। कुंडल के आकार का छल्ला (एनुलर रिंग), जिसे रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है, देश के उत्तरी हिस्सों के साथ ही राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड
के हिस्सों में नजर आया, वहीं अन्य हिस्सों में आंशिक ग्रहण दिखाई दिया। संयोग से 21 जून उत्तरी गोलार्द्ध में वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और इसीलिए इस आकाशीय घटना को स्पष्ट रूप से देखने का अवसर मिला। यह दुर्लभ किस्म का सूर्य ग्रहण ग्रीष्म संक्रांति यानी गर्मियों के पहले दिन से भी मेल खाता है। एक ग्रहण (सूर्य या चंद्र) वैज्ञानिकों को कई वैज्ञानिक प्रयोगों और अध्ययन का एक अवसर देता है। वैज्ञानिकों के लिए यह शानदार आकाशीय घटनाओं के पीछे के विज्ञान के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही ग्रहण के साथ जुड़े मिथकों और कुप्रथाओं को दूर करने तथा वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहन देने का एक अवसर है।