March 15, 2020

काश 'ताज सि‍टी' को मि‍ल भी मि‍ल सके रजतशर्मा जैसा 'पब्‍लि‍क प्रॉजीक्‍यूटर'

कुमायूं वि‍वि‍ के वी सी डा के एस राणा ने रजत शर्मा को प्रदान की मनादि‍ डाक्‍टरेट 
कुमाऊ वि‍ वि‍ के उपकुलपति‍ डा के एस राणा ने इंडि‍या
टी वी के एडीटर इन चीफ 
रजत शर्मा को प्रदान की  डाक्‍टरेट

आगरा: प्रख्‍यात एंकर एवं अपने आप में न्‍यूज एंड टेलीवि‍जन मीडि‍या की अपने आप में अलग पहचान  इंडि‍या टी वी के एडीटर इन चीफ श्री रजत शर्मा को कुमायू वि‍वि‍ के द्वारा मानद् डाक्‍टरेट की उपाधि‍ प्रदान की गयी । वि‍ वि‍ के वाइस चांसलर डा के एस राणा ने उन्‍हें यह सम्‍मान नई दि‍ल्‍ली पहुंच कर उनके स्‍टूडि‍यों में पहुंच कर नवाजा।आधि‍कारि‍क तौर पर प्राप्‍त जानकारी  के अनुसार श्री शर्मा मौसम खराब होने के करण कुमायू वि‍ वि‍ के नैनीताल स्‍थि‍त कैंपस में आयोजि‍त वि‍वि‍ के दीक्षात समारोह में नहीं पहुंच सके थे। डा के एस राणा ने श्री शर्मा की  टीलीवि‍जन प्रसारण के माध्‍यम से राष्‍ट्रीय सरोकारों से देश नागरि‍को को प्रति‍बद्ध कि‍ये जाते रहने के अपने क्रम पर वि‍चार व्‍यक्‍त करते हुए उनके मौलि‍क कार्यक्रम 'आपकी अदालत ' का खास तौर से उल्‍लेख कि‍या।

श्री रजत शर्मा ने कहा कि‍ वह इस सम्‍मान के लि‍ये वि‍वि‍ के आभारी हैं। उन्‍होंने यह भीकहा कि‍ वह नहींजानते कि‍ जो सम्‍मान उन्‍हे दि‍या गया है वह उसके पलायक हैं भी या नहीं कि‍न्‍तु कोशि‍श करेंगे कि‍ इसके योग्‍य बनें।
-- यह सम्‍मान आगरा में रहा चर्चा का मुद्दा
हालांकि‍ मीडि‍या से जुडे प्रख्‍यात पत्रकारों को सम्‍मान दि‍ये जाने के अनेक अवसर आते रहते हैं कि‍न्‍तु यह कार्यक्रम आगरा के लोगों के लि‍ये काफी महत्‍वपूर्ण था। पहला तो यूनिवर्सिटी  के वाइस चांसलर  का आगरा से जुडा होना और पर्यावरण क्षेत्र में राष्‍ट्रीय स्‍तर का वि‍षय वि‍शेषज्ञ होना। दूसरा 'आपकी अदालत ' कार्यक्रम में जनता के वकील की कामयाब भूमि‍का निर्वाहन करना। दरअसल आगरा में लीगल लि‍ट्रेसी यहां के बच्‍चों को घुट्टी में ही मि‍लने लगती है। प्रख्‍यात ताजमहल को लेकर तीन दशक से चल रहा ताज ट्रि‍पेजि‍यम मुकदमा खत्‍म होने का नाम ही नहीं ले रहा। इस मुकदमे में सुप्रीम कोर्ट को लगातार आदेश और र्नि‍देश देने पडते हैं।
उनकी कंप्‍लायि‍स शायद ब्‍यूरोक्रेसी सही प्रकार से अब तक नहीं करवा सकी है। लि‍हाजा अरबों रूपये खर्च हो जाने के बावजूद न तो ताजमहल अब तक सुरक्षि‍त हो सका है और नाही  उससे लगकर बहने वाली यमुना नदी ही गंदगी  मुक्‍त हो सकी है।जब भी कोयी जनता या सरकार की ओर से अदालत में पहुंचा एक न एक ऐसा आदेश लेकर लौटा जि‍सने 'ताज सि‍टी ' के जनजीवन पर नकारात्‍मक असर ही डाला। अब तो इस मुकदमें में होती रही लचर पैरवी और पक्षकारों के तेवर से हालत यह है कि‍ स्‍टेट फारैस्‍ट डि‍पार्टमेंट के नि‍यमों के तहत ,एक पेड़ तक  को तभी हटाया जा सकता है जबकि‍ सर्वोच्‍च  न्‍यायलय से अनुमति‍ हो।
-- कॉलोनि‍यल ग्रीनरी स्‍ट्रटजी पर पर्देदारी
कमाल तो यह है कि‍ हरि‍याली और ताजमहल की पर्यावरण से सुरक्षा के पैरोकार उ प्र सि‍चाई वि‍भाग के रोस्‍टर से संचालि‍त उस वाटर चैनल ( पार्क माईनर ) का अपने मुकदमें में कभी भी स्रुप्रीम कोर्ट के समक्ष उल्‍लेख नहीं कर सके हैं जि‍ससे कभी ताजमहल के आसपास की हरि‍याली के लि‍ये मीठा पानी मि‍ला करता था और ताजमहल के नजदीक स्थित सर्कि‍ट हाऊस व शाहजहां पार्क के चार तालाब भरे जाते थे। पैंतीस साल से इस नहर के ताजमहल के पास के भाग पर प्रभावशाली लोगों   के कब्‍जे हो गये है और आगरा नहर सि‍स्‍टम की 6.5 कि‍ मी की यह नहर बहना बन्‍द हो गयी है। दरअसल इस नहर को प्रख्‍यात हार्टीकल्‍चरि‍स्‍ट एल्‍डन एडवि‍न ग्रीसन ने 1905में ताजमहल के आसपास ऊसर को हराभ्‍रा कर बगीचों में तब्‍दील करने के लि‍ये बनवाया था। बाद में उसे ही दि‍ल्‍ली के लुटि‍यन जोन को हराभरा करने की जि‍म्‍मेदारी दे गयी। खैर अब तो नहर बन्‍द है और तालाब सूखे हैं।और ताजमहल हरि‍याली की कमी व शुष्‍क धूल(एस पी एम) के कड़ों  की मार से जूझ रहा है।
-- ताजमहल और आपकी अदालत
राजीव गुप्‍ता

आगरा का पुराना मौहल्‍ला व बाजार है बेलन गंज में रात को दुकानें  बन्‍द करने के बाद यहां सुधि‍जनों का देर रात तक जमघट लगा करता था ।समय के साथ अब शायद इसका आकार छोटा हो गया हे कि‍न्‍तु चर्चा के मुददे कोयी दावत से लेकर अमेरि‍कन राष्‍ट्रपति‍ का दौरा कुछ भी हो सकता है। जब भी ताजमहल का मामला सुप्रीम कोर्ट में सुनवायी के लि‍ये पहुंचता है तो अनायास ही 'आप की अदालत और उसमे जनता के वकील ' रजत शर्मा चर्चा में आजाते हैं। लोग कहते हैं कि‍ 'भाई जब तक कोयी रजत शर्मा नहीं मि‍लेगा आगरा वालों को तब तक जो हो रहा है वहीं होता रहेगा।बताते हैं कि‍ श्री रजत शर्मा को आगरा का पैरोकार बनाये जाने का वि‍चार अपनी हाजि‍र जबाबी की आदत के धनी चैम्‍बर आगरा   इंडस्‍ट्रीज एंड कामर्स के पूर्व अध्‍यक्ष श्री राजीव गुप्‍ता के द्वारा सबसे पहले व्‍यक्‍त कि‍या गया था। वैसे अब आगरा वासि‍यों की आम राय है कि आपकी अदालत कार्यक्रम 'ताजमहल'  एक महत्‍वपूर्ण प्‍लेटफार्म साबि‍त हो सकता है।