March 20, 2020

कोविड-19 के कारण ईपीएफओ की समस्त सेवाएं ऑनलाइन

नई दिल्ली - कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए, भारत सरकार के दिशानिर्देशों को ध्यान में ऱखते हुए, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने सदस्यों, पेंशनरों और नियोक्ताओं को ईपीएफओ कार्यालय आने से बचने के लिए, ईपीएफओ ​​द्वारा दी जाने वाली विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए अपने घरों से काम करने का परामर्श दिया है।ईपीएफओ की ज्यादातर सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। एक कर्मचारी अपना खुद का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) तैयार कर सकता है, अपने यूएएन को सक्रिय कर सकता है और इसे आधार, पैन, बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर (केवाईसी सीडिंग) से जोड़ सकता है। कर्मचारी नामांकन भी कर सकता है, पासबुक में बैलेंस देख सकता है, उसकी निकासी की तारीख को अपडेट कर सकता है, उसके खाते को छूटे हुए प्रतिष्ठान और इसके खाते से स्थानांतरित
कर सकता है। प्रोविडेंट फंड एडवांस या अंतिम निकासी के लिए ऑनलाइन दावा करने के लिए कर्मचारियों को और सशक्त बनाया गया है; पेंशन या बीमा लाभ (ईडीएलआई) और अपने बैंक खाते में सीधे पीएफ/ पेंशन/ बीमा लाभ का भुगतान प्राप्त करते हैं।

इसी तरह, एक पेंशनभोगी अपने पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) को डाउनलोड कर सकता है या डिजीलॉकर में संरक्षित कर सकता है।  उसका बैंक खाता नंबर या यूएएन और पासबुक की मदद से उसका पीपीओ नंबर पता कर सकता है। पेंशनभोगी जीवन प्रमाण (डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र) को वर्ष के किसी भी समय ऑनलाइन अपडेट कर सकते हैं।

नियोक्ता अपने प्रतिष्ठानों को ईपीएफ और एमपी अधिनियम, 1952 के तहत पंजीकृत कर सकते हैं और स्थापना आईडी प्राप्त कर सकते हैं; आरटीजीएस / एनईएफटी के माध्यम से ईपीएफ और संबद्ध बकाया का भुगतान करें और इलेक्ट्रॉनिक चालान सह रिटर्न (ईसीआर) जमा कर सकते हैं। नियोक्ता को अपने प्रतिष्ठानों के ई-निरीक्षण का लाभ उठाने के लिए भी सुविधा प्रदान की गई है।

यदि कर्मचारियों, नियोक्ताओं और पेंशनरों को कोई शिकायत है, तो वे उन्हें ईपीएफआईजीएमएस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन हल कर सकते हैं। 
ये सुविधाएं भारत सरकार के उमंग ऐप पर भी उपलब्ध हैं। इसलिए कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल से इन ऑनलाइन सेवाओं को उमंग ऐप पर भी एक्सेस कर सकता है।