December 2, 2018

रैन बसेरा शुरू करने के साथ 'शि‍शि‍र' का ताज सि‍टी ने कि‍या आगाज

-- 'श्रीनाथ जल सेवा का उत्‍कृष्‍ठ प्रकल्‍प, सहयोग को आगे आयें '
श्रीनाथ जी जल सेवा के पहले रैन बसेरे का कि‍या गया उद्घाटन , पूरे
शि‍शि‍र काल में रहेगा संचालि‍त:फोटो असलम सलीमी
आगरा:  श्रीनाथ जल सेवा के द्वारा शि‍शि‍र ऋतु का स्‍वागत रैन बसेरे को शुरू करने के साथ कि‍या गया। महात्‍मा गांधी रोड पर संजय प्‍लेस के फुटपाथ पर आयकर भवन के पास  यह रात्रि नि‍वास ' रैन बसेरा' शुरू कि‍या गया है। डा पारि‍क जो कि श्रीनाथ जल सेवा के पहले रैन बसेरे के  उद्घाटन कार्यक्रम को मुख्‍यवक्‍ता के रूप में संबोधि‍त कर रहे थे ने कहाकि समाज के सक्षम वर्ग को सार्वजनि‍क जरूरतें पूरी करने के प्रयासों में उदारता के साथ सहयोग को आगेआना चाहि‍ये।
 डा  पारि‍क ने  श्रीनाथ जल सेवा
के द्वारा रात्रि‍ वि‍श्राम के लि‍ये 'रैन बसेरे' शुरू करने  की परंपरा को महानगर की एक अनि‍वार्य जरूरत बताया । उन्‍होंने कहा कि‍ श्री बांके लाल महेश्‍वरी की जि‍तनी प्रशांसा की जाये कम है, जि‍नके अथक प्रयास ही इसके पीछे मुख्‍य ताकत है। पूर्व में डा ज्ञानी प्रकाश  ने रैन बसेरे का उद्घाटन कि‍या।

 रमेश नागवानी, केशव अग्रवाल (छवि‍ ज्‍वैलर) वि‍शि‍ष्‍ठ अति‍थ्‍य के रूप में उपस्‍थि‍त थे। प्रमुख समाज सेवी दि‍नेश बंसल काति‍ब ने कहा कि‍ जों भी सहयोग संभव होगा होगा वह करेंगे ।यह एक स्‍वस्‍थ्‍य परंपरा है जि‍से नि‍रंतर जारी रहना चाहि‍ये। 
डा आर एस पारि‍क, दि‍नेश कुमार काति‍ब ,डा ज्ञान 
प्रकाश ,श्री बांके लाल महेश्‍वरी  । फोटो :असलम सलीमी
  डा कैलाश चन्‍द सारास्‍वत ने कहा कि‍ रैन बसेरे पुरानी परंपराओं का हि‍स्‍सा हैं। सम्‍मान के साथ रात्रि‍ वि‍श्राम की यह व्‍यवस्‍था श्री नाथ जी जलसेवा का अनुकरणीय प्रकल्‍प है।
श्री बांकेलाल महेश्‍वरी ने कहा कि‍ समाज सेवि‍यों के उदार सहयोगसे ही महानगर के रैनबसेरों को शुरू करना औरसंचालन संभव हो पाता है। दो साल पहले नोटबन्‍दी के दौर में  में उन्‍हें लगा था कि‍ शायद इस बार रैन बसेरे शुरू नहीं कि‍ये जा सकेंगे कि‍न्‍तु समाज सेवि‍यों ने वि‍षम आर्थि‍क कठनाईयों के दौर में भी इस कार्य में पूरी उदारता के साथ भरपूर सहयोग दि‍या।    
पूर्व में ज्ञानी दलजीत सि‍ह उपस्‍थि‍तजनों का स्‍वागत करते हुए आगरा की समरसता-सदभावना से ओतप्रोत तहजीव पर प्रकाश डाला। सर्वश्री एस के मेहरा, अशोक राठी, बृज खंडेलवाल, बसंत गुप्‍ता, लल्‍ला बाबू , अनि‍ल ति‍वारी आदि‍ थे तथा संचालन प्रमुख समाज सेवी हेमंत भोजवानी के द्वारा कि‍या गया।