January 17, 2018

आगरा के सिविल एन्‍कलेव का काम शुरू होने में लगेगा कुछ और वक्‍त

--मौजूदा एन्‍कलेव तक यात्रियों को पहुंचने में  तमाम परेशानिया की गयीं दूर
आगरा एयरपोर्ट की डायरैक्‍टर सुश्री कुसुमदास के साथ सिविल सोसायटी 
के सैकेट्री अनिल शर्मा जर्नलिस्‍ट राजीव सक्‍सेना
आगरा:धनौली में प्रस्‍तावित इंटरनेशनल स्‍तर के सिविल एन्‍कलेव की जमीन  एयरपोर्ट अथार्टी को हस्‍तातरित नहीं हुई हुई है,इसे लेकर सिविल सोसायटीआगरा के द्वारा गंभीर चिंता जतायी गयी है।सोसायटी के जनरल सैकेट्री श्री अनिल  शर्मा ने गत मंगलवार को आगरा एयरपोर्ट की डायरैक्‍टर सुश्री कुसुम दास से उनके कार्यालय में मुलाकात कर  जमीन अधिग्रहण की मौजूदा स्‍थिति की जानकारी लेकर अधिग्रहित जमीन को एयरपोर्ट अथार्टी को हस्‍तातरित करने के मुद्दे पर विस्‍तार से चर्चा की। एयरपोर्ट डायरैक्‍टर ने बताया कि एएआई की भूमिका जमीन मिलजाने के बाद
शुरू होनी है। अभी कुछ जमीनऔर अधिग्रहित की जानी है। इसअवशेष जमीन पर बने मकानों का मुआवजा मुख्‍य मुददा है। प्रशासन इसके लिये अपनी ओर सेप्रयास कर रहा है।
सोसायटी की ओर पूछीएकजानकारी में श्रीमती दास ने बताया कि सभी वायुयान लैंडिंग के बाद  और टेक आफ करने से पहले , सिविल  एयर एन्‍कलेव पर सुविधाजनक तरीके पार्किंगकर सकें  इसके लियेयहजमीन जरूरी है।इसपरश्रीशर्माने चिंताजतायी कि  अधिग्रहण को 4.50 एकड कीजमीन में पेडआदितोनहींखडे हैं जिन्‍हेंहटायेजाने कोलेकर वनविभाग की अनुमति की औपचारिकता को पूरा करना हो। उन्‍हों ने कहा कि महानगर की पेयजल समस्‍या के समाधान  के लिये डाली जा रही पेयजल लाइन को डालने तक के लिये अब तक पेडों के पातन की अनुमति संभव नहीं हो सकी है। जबकि स्‍थानीय जनप्रतिनिधि तक इस जटिल कानूनी प्रक्रिया से निजात के लिये अपने अपने स्‍तर पर पूरा जोर लगा चुके हैं। इस पर श्रमती  दास नेकहाकि एयरपोर्टअथार्टी पेडों को काटने का नहीं उन्‍हें संरक्षित करने का काम करती है। उन्‍हें नहीं लगता कि नई प्रस्‍तावित अधिग्रहित जमीन में एएआई को अपने काम केलिये पेडकाटने की जरूरत पडेगी।
निदेशक ने बताया कि दो हैक्‍टेयर की जो अतरिक्‍त जगह मांगी है,उसके मिल जाने के बाद टर्मिनल पर बडे औरइंटरनेशनल फ्लाइटों केहवाईजहाजोंका पहुंचना सहज होजायेगा। ।इनमें सेअनेक केविंग साठमीटर स्‍पान तक के होते हैं। 
निदेशक ने बताया कि सिविल एयर एन्‍कलेव तक यात्रियों और उनको लाने यालेजाने में सहायता करने वालों को होती रही परेशानियों को काफी हद तक कम करने का प्रयास किया गया है।हाल में ही हुई एयरपोर्ट एडवाईजरी  कमेटी की बैठक में अपेक्षा की उनके द्वारा अपेक्षा की गयी कि नगर परिवहन की दो बसें एन्‍कलेव के परिसर से अजित नगर गेट तक फ्लाइट के समय अनुसार चलवायी जाये।जिससे यात्रियों और उनके सहयोगियों को एन्‍कलेव तकआनेजाने में कोयी परेशानी नहीं हो।
सिविल सोसायटी के जर्नल सैकेट्री ने कहाकि अधिक उपयुक्‍त हो अगर अर्जुन नगर गेट पर यात्रियों और उनके सहयोगियों के लिये टायलैट की स्‍थायी व्‍यवस्‍था रहे।क्‍यों कि जरूरत केसमय वाश रूम के न होने से एयरपोर्ट परिसर में प्रवेश को इंतजार करने वालों को तमाम अप्रिय स्‍थितियों का समाना करना पडता है।निदेशक ने कहा कि वह इस मामले को एडवाईजरी कमेटी के समक्ष मीटिंग में जरूर रखेंगी इस के साथ ही नगर निगम के नगरआयुक्‍त को भी इसके लिये पत्र लिख कर अनुरोध करेंगी। वर्तमान में जो भी एयरलाइंस याकंपनी सिविल टर्मिनल काउपयोग अपनी फ्लाइटों के लिये करती है , उसका अधिक्रत प्रतिनिधि या एजेंट एयरुोर्स स्‍टशन के अर्जुन नगर गेट पर फ्लाइट से काफी पहलेऔर बाद तक मौजूद रहता है और एयरफेर्स के गेटपरतैनात सीक्‍यूरिटीस्‍टाफ को वैरीफाइड पैसिंजरों की टिकट  और एयरलाइंस सेप्रप्‍त लिसट केआधार पर पुष्‍टि कर देता है।जिसके बाद सिविल एन्‍कलेव तक आने जाने में उन्‍हे कोयी परेशानी नहीं होती है। उन्‍होंने कहा कि एयरआप्रेटरों को रहे सकारात्‍मक अनुभवों केआधारपरउम्‍मी की जानी चाहिये कि आने वाले वर्षों में आगरा आने वालों  के लिये एयर कनैक्‍टिविटी  कहीं अधिक हो जायेगी। मुलाकात में श्री शर्मा के साथ पत्रकार राजीव सक्‍सेना भी साथ थे।आगरा : सिविल  एयर एन्कलेव बनाये जाने के लिये उ प्र सरकार अब तक जरूरत की  जमीन एयरपोर्ट अथार्टी को उपलब्ध  क्यों नहीं करवा सकी  है।यह जानकारी  सिविल सोसायटी की अपने समक्ष  विचाराधीन याचिका की  सुनवायी के दौरान इलहाबाद उच्च न्यायालय के  मुख्य न्यायधीष न्यायमूर्ति की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार से बताने को कहा है। उपयुक्‍त जानकारी देनेकेलिये स्‍वयं प्रदेश सरकार के एडवोकेट जनरल से उपस्‍थित होने को कहा है।