September 15, 2017

ताजगंज के गहराते जलस्त्र को थामने में नगर निगम की ‘ना--नुकुर’

--आगरा: ताजगंज क्षेत्र में गि‍रते जलस्तर की समस्या अत्‍यंत गंभीर 
पूर्व वि‍धायक  मेहरा ने लि‍या नहर की बदहाली का जायजा।

आगरा: ताजगंज क्षेत्र में गि‍रते जलस्तर की समस्या अत्‍यंत गंभीर हो गयी है। ताज ट्रि‍पेजि‍यम जोन में
शामि‍ल होने के कारण यूं तो पूरा आगरा ही पर्यावरण की दृष्टि ‍ से अत्यंत संवेदनशील है
कि‍न्तु ताजगंज क्षेत्र इसमें भी खास महत्व पूर्ण है।  सबसे बडी बात यह है कि‍ देश के इस सबसे अधि‍क भूजल दोहि‍त क्षेत्र को नहर पुन: सुचारू करने मात्र से समस्या मुक्त‍ कि‍या जा सकता है।बस इसके लि‍ये रौहता के पास से टर्मि‍नल राजवाह से नि‍कलने वाली पार्क माईनर को फि‍र से शुरू करवाना होगा।प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के डौक्‍यूमेटेशन एवं लाइब्रेरी वि‍भाग के प्रमुख एवं छावनी क्षेत्र के पूर्व वि‍धायक केशो मेहरा ने कहा है कि‍ ताजमहल के आसपास हरि‍याली की बात करने वाले इस अब तक पार्क माईनर के महत्‍व का आंकलन नहीं कर पाये हैं।


श्री मेहरा ने कहा है कि‍ यह उस अल्‍वर्ट एडवर्ड ग्रीसन की ग्रीनरी को लेकर महत्‍वपूर्ण लीगेसी है जि‍सने आगरा में पालीवाल पार्क,वेकर पार्क,वि‍क्‍टोरि‍या पार्क(मोती लाल नेहरू पार्क ही नहीं बनाये दि‍ल्‍ली के लुटि‍यन जोन हराभरा रखने की बृहद योजना बनायी जो अब तक पर्यावरण के लि‍ये उपयोगी साबि‍त हो रही है। कॉलोनि‍यल संरचनाये अगर जनोपयोगी हैं तो उसका आज की परि‍स्‍थि‍ति‍ के अनुकूल बनाकर अनुरक्षण कि‍या जाये न कि‍ खुर्दबुर्द करने जैसे कारनामें कि‍ये जाये।
सात कि‍ मी की इस नहर को नगर नि‍गम के द्वारा 1.5 कि‍ मी भाग में डाले गये पाइपों ने चोक कर दि‍या है। घोषि‍त तौर पर तो ये पाइप नहरी चैनल को नगरीय क्षेत्र में भी सुचारू रखने के लि‍ये डाले गये थे। कि‍न्तु  बाद में ये नहर को ही समाप्त करने वाले साबि‍त हुए। दस साल पूर्व  पाइप नहर में डालने का यह प्रयोग हुआ था।  नगर नि‍गम ने इनकी सफाई करवाते रहने की जि‍म्मेदारी भी ली थी कि‍न्तु‍ फि‍र नगर नि‍गम ने कभी भी सफाई नहीं करवायी  है। इसके लि‍ये नि‍गम के अधि‍कारी अपने अपने तर्क दे रहे हैं ,जबकि‍ स्थलीय हालातों के अनुसार नहर के पटे भाग पर नगर नि‍गम के फील्ड स्टाफ की मि‍लीभग से खोखे, दूकाने आदि‍ के रूप में पूरा  बाजार संचालि‍त हो रहा है।
जलाधि‍कार फाऊंउेशन के नेशनल  सैकेट्री अवधेश उपाध्यााय ने कहा है कि‍ ताजमहल के आसपास हरि‍याली की सघनता को बढाने के लि‍ये इस नहरी पानी की उद्यान वि‍भाग को बेहद जरूरत है। उसके प्रबंधन के चार तालाब पि‍छले दस साल से सूखे पडे हैं।इन तालबों के भरे रहने से सर्कि‍ट हाऊस, शाहजहां पार्क, मोतीलाल नेहरू पार्क और ताज नर्सरी को तो पानी मि‍लता ही था अपि‍तु ताजगंज के जलस्ता्र में गि‍रावट भी नहीं होती थी। श्री उपाध्याय ने कहा कि‍ नगर नि‍गम से चोक पाइप हटवाये जाने को फाऊंडेशन की ओर से आग्रह कि‍या हुआ है। इसके साथ ही यह मामला अध्यक्ष ताज ट्रि‍पेजि‍यम जोन के समक्ष भी उठा दि‍या गया है। प्रदेश के उप मुख्य मंत्री दि‍नेश शर्मा पूर्व मे ही नहर के चोक चैनल को सुचारू करवाने के लि‍ये जि‍लाधि‍कारी को नि‍र्देशि‍त कर चुके हैं।श्री उपाध्याय ने कहा है कि‍ वह मानते हैं कि‍ नहर फि‍र से सुचारू होना चाहि‍ये और थोडे से फेस लि‍फ्ट कर उसका बहाव क्षेत्र ताजगंज का वि‍शि‍ष्ट आकर्षण युक्‍त बनाया जा सकता है ।
--नहर के बन्‍द होने से अति‍दोहन के हालात
ताजगंज के लि‍ये बनी पार्कमाईनर से ताजमहल में हरयाली का वि‍स्ता‍र और अनुरक्षण तो होता ही था साथ ही जलदोहन की स्थि ति‍ अब की सी नहीं थी। हरि‍याली के लि‍ये नहरी पानी तालाबों में नहीं रहने से ट्यूब वैल,सब मर्सेवि‍ल  आधारि‍त सि‍चन तंत्र से सर्कि‍ट हाऊस,गोल्फ  ग्राऊंड, शाहजहां पार्क,मोतीलाल नेहरू पार्क यहां तक कि‍ खाने आलम नर्सरी तक सि‍चि‍त होते है।जाहि‍र हे कि‍ लगातार जलदोहन होने से ताजगंज के वी आई पी होटल कांप्लैक्स  में स्थित कई होटलों को ग्रीन ट्रब्यूनल तक ने जलदोहन को तत्कापल रोकने का आदेश दि‍या हुआ है। जबकि‍ पार्क माईनर के शुरू होते ही जलदोहन तो रूक ही जायेगा साथ ही भूजल के गि‍रे स्तर में भी अप्रत्याशि‍त सुधार होगा। उद्यान वि‍भाग के अधि‍कारि‍यों का कहना है कि‍ भूमि‍गत जल खारा होने से पेडों की बढवार और उनको उनके स्व भावि‍क स्वारूप में रखना आसान नहीं होता। ताजर्गान की गुलाब बाडी तो नहर का पानी बन्द‍ होने के करण ही खत्मल हो चुकी है।गुलाब सहि‍त एक दर्जन पौधे मीठे पानी के बि‍ना पनप ही नहीं सकते हैं।