May 27, 2015

अलग थलग पड गया है ‘आडवाणी क्लब’

--‘प्रभु’ की कृपा से लालजी टंडन ने करवायी लखनऊ रेलवे स्‍टेशन की सफाई,जोशी बनाये गये डि‍स्‍ट्रि‍क्‍ट कमेटी के हैड

--खुद आडवाणी को याद आ रहे हैं इमरजेंसी काल में ट्रांजि‍स्‍टर पर सुने गाने

'चेला शक्‍कर........'
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आगरा, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की सरकार के एक साल पूरे होने पर मनाये जा रहे जश्जा रहे जश्‍नों में ‘आडवाणी क्‍लब’ अपने को एक दम अलग थलग महसूस कर रहा है। सरकार की उपलब्‍धि‍यों में भाजपा के इन हाशि‍ये पर पहुंचे बन्‍धुओं का क्‍या कोई योगदान है यह या तो श्री आडवाणी,मुरली मनोहर जोशी और लालजी टंडन ही जानते होंगे या फि‍र रोज इन्‍हे गुडफील करवते रहने वाले मोदी के नि‍कटस्‍थ केन्‍द्रय गृहमंत्री राजनाथ सि‍ह ही। बारहल जो हो पि‍छले एक महीने से पी एम ओ से इन तीनों का संवाद सामान्‍य सांसदों से भी कही हाशि‍ये वाला ही रहा है। यह बात अलग है कि‍ कहने और कटाक्ष करने वालो का मुंहबंद करने को एक
पद जरूर
दि‍या है जि‍सके तहत श्री जोशी को शहरी विकास के लिए  आईपीडीएस योजना की समीक्षा एवं क्रियान्वन के अनुसरण के लिए सात सदस्यीय जिला विद्युत कमेटी का अध्यक्ष मनोनीत कि‍ये गये हैं। श्रीमती स्‍मृति‍ इसरानी की शि‍रकत वाले केन्‍द्रीय मंत्रि‍मंडल के आला सदस्‍यों की समझ में  फि‍जि‍क्‍स के प्रोफेसर की इससे अधि‍क सार्थक उपयोगि‍ता शायद और कुछ हो ही नहीं सकती थी।
श्री लालजी टंडन को शहरों की सफाई करवाने को खूब शौक रहा है,’प्रभु’ की कृपा से यह बरकरार रखा गया है। उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम ने अलग-अलग कार्यक्रमों के दौरान मंगलवार को रेल यात्री उपभोक्ता पखवारे की शुरुआत की थी, लखनऊ जंक्शन पर शुरू हुई मशीनी सफाई व्‍यवस्‍था की शुरूआत उन्‍हीं स करवायी गयी है।
                    सुब्रहामण्‍यम स्‍वामी के तल्‍ख  अंदाज
‘वैसे गुड डेज और बैड डेज ‘ डील के हैवीच्‍युअल अपने आफेंसि‍बों के कारण जहां ‘आडवाणी क्‍बल’ की खीज से मंत्रमुग्‍ध हैं वहीं ‘सन्‍यासी और स्‍वामि‍यों’ के ब्‍लाक से बेहद आतांकि‍त हैं1खास कर जब 
बात सुब्राहामण्‍यम स्‍वामी की हो।बताया जाता है कि‍ स्‍वामी न तो एम्‍बेस्‍डर बनाना चाहते हैं और नहीं गर्वनर वहीं ‘पार्लि‍यामेंट स्‍ट्रीट’ वाले उन्‍हे कि‍सी भी सूरत में अभी तीन साल और संसद से बाहर रखना चाहते हैं। सरकार अभी डि‍फेंस मि‍नि‍स्‍ट्री की ‘फ्रेंच फाइटरों’ की डील पर ही उनकी तल्‍ख टि‍प्‍पणि‍यों से आहात है ,इसके आगे अगर स्‍वामी का कोप और बढता है तब भाजपा मेंही आंतरि‍क रूप से वह खुलकर शुरू हो जायेगा जि‍सके लि‍ये अक्‍सर वि‍पक्ष की जरूरत होती है।