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July 20, 2017

मोदी के मन की बात कार्यक्रम से 10 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित

आल इंडिया रेडियो ने पिछले दो वर्षों में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के  मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से करीब 10 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है।लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री, कर्नल राज्यवर्धन राठौर ने कहा, 2016-17 के दौरान इस कार्यक्रम की राजस्व में काफी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, इस कार्यक्रम को सभी एआईआर स्टेशनों द्वारा 18 भाषाओं और 33 बोलियों   में प्रसारित किया जा रहा है।उन्होंने कहा, मन की बात, घरेलू श्रोताओं  के लिए नार्मल  ट्रांसमीटरों पर प्रसारित और वैश्विक श्रोताओं के लिए इंटरनेट और शॉर्टवेज़  के माध्यम से प्रसारित किया गया ।

July 19, 2017

नोटबंदी ने 60 लाख आदमियों की रोटी छीनी - सर्वे

मोदी सरकार द्वारा नोटबंदी किये जाने  से  15 लाख लोगों को अपनी नौकरियां गंवानी पड़ी हैं। यह खुलासा सेन्टर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनोमी द्वारा किये गए सर्वे ने किया है। आमतौर पर एक जने की आमदनी पर चार लोगों का जीवन यापन होता है। इस प्रकार  नोटबंदी के फैंसले ने  करीब साथ लाख आदमियों को खाने से वंचित किया है। सीएमआईई के  सर्वे अनुसार नोटबंदी के बाद नौकरियों की संख्या में करीब 1.5 मिलियन अर्थात 15 लाख की कमी आई।

July 18, 2017

जनता को भ्रमित करने के लिए मायावती ने किया त्यागपत्र का नाटक

नई दिल्ली: बी  एस  पी की प्रमुख  मायावती ने  राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने  सहारनपुर में दलित विरोधी हिंसा के मुद्दे पर  पूरी बात कहने की अनुमति नहीं दिये जाने के कुछ ही घंटों बाद राज्य सभा  की सदस्यता से इस्तीफा  दिया।  बी  एस  पी की प्रमुख ने राज्यसभा अध्यक्ष  हामिद अंसारी को अपना त्यागपत्र सौंप दिया।  त्यागपत्र देने के बाद उन्होंने  कहा, ‘मैंने त्यागपत्र  देने  के लिए राजयसभा अध्यक्ष से मुलाकात की और कहा  यह अच्छी बात नहीं है कि मेरे लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में बोलने नहीं दिया गया.. जब मैं बोलने के लिए खड़ी हुई तो सरकार ने मेरी बात पूरी नहीं होने दी. उनके सदस्य खड़े हो गये और हस्तक्षेप करने लगे ' . मायावती ने आगे कहा कि मुझे ऐसी स्थिति में मुझे  इस सदन में रहने का कोई  औचित्य नहीं रहा है। 

July 17, 2017

केवल संवैधानि‍क वाध्यता के भरोसे हैं नि‍कायों के नये चुनाव

-समार्ट सि‍टी कंपनि‍यों के लावि‍स्ट नहीं चाहते जल्दी  हों नये चुनाव 
हेस्‍टि‍ग तक  स्थानीय  स्‍वशासन का था पक्षधर,वहीं  नि‍कायों के 
प्रबंधन में कपनि‍यों की  घुंसपैठ का मार्ग प्रशस्‍त करडाला श्री नायडू ने
 आगरा: उ प्र के शहरी नि‍कायों के नये चुनाव  74 वें संवि‍धान संशोघन की बाध्यता के कारण ही होंगे अन्‍यथा सत्‍तादल की लावी वि‍शेष इन्‍हें यथावत टालते रहने की पक्षधर है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उ प्र की  अफसरशाही के सुर में सुर मि‍लाने का काम तमाम छुटभैया नेताओं के साथ ही भाजपा के कई बडे नेता कर चुके हैं। 
फि‍लहाल चुनाव करवाने में ‘कानूनी दायरे में डि‍ले टैक्टंट्रि‍क्स’ अपनाये जाने की कोशि‍शें शुरू हो चुकी हैं। कोर्ट-कचहरी का भी इसके लि‍ये सहारा लि‍ये जाने के बारे मे सोचा जा रहा है। चुनाव टलवाने के सबल काराणों में इस समय भाजपा की

चौणरी चरण सि‍ह के वि‍चारों में ही नि‍हि‍त है ‘भारत का आर्थि‍क वि‍कास’

--कि‍सानों को खुद की ताकत का अहसास करवाया था चौधरी साहब ने:डा राणा

आगरा :पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह राजनीति‍ में शि‍खर पर पहुंचने वाले एक राजनेता ही नहीं ऐसे चि‍तक भी थे जि‍सके पास खेत खलि‍हान में लगे रहने वाले आम भारतीय की ताकत का सत्ता के केन्द्र तक अहसास करवाने का सुस्पष्ट दर्शन था।  
यह कहना है प्रख्यात पर्यावरणवि‍द् डा के एस राणा का जो कि‍ धौलपुर हाऊस स्थित अपने नि‍वास पर ‘चौधरी चरण सिह विचार मंच’ के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी सुखराम सिंह यादव (सांसद) के द्वारा  पंकज गुप्ता को आगरा में मंच का महानगर अध्यक्ष नियुक्त कि‍ये जाने के