2 जनवरी 2022

बच्चों के लिए COVID-19 टीकाकरण शुरू किया भारत ने

 

नई दिल्ली - देश में 15 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों का COVID-19 टीकाकरण आरम्भ हो चुका  है । अनुमान के मुताबिक, 15-18 आयु वर्ग के लगभग 10 करोड़ बच्चों को इसका लाभ मिलेगा ।बच्चों के लिए वैक्सीन का विकल्प सिर्फ कोवेक्सीन  होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि वे सभी जिनका जन्म वर्ष 2007 या उससे पहले हुआ था , अपना  टीकाकरण करवा सकेंगे ।  टीकाकरण के लिए पंजीकरण 1 जनवरी से शुरू हो चुका है। टीकाकरण के लिए अपॉइंटमेंट ऑनलाइन या वॉक-इन बुक किया जा सकता है। सभी नागरिक  सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर मुफ्त COVID-19 टीकाकरण के हकदार हैं। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के हिस्से के रूप में केंद्र  सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मुफ्त में कोविड  टीके उपलब्ध  कर रही है।


आगरा में नीरज जी की 97 वीं जयंति पर कवियों की सशक्‍त अभिव्‍यक्‍तियां

 "सुना है..वो आजकल गंगा में डुबकी लगता है"

महाकवि नीरज जी 97 वीं जयंती पर उनके बल्‍केश्‍वर निवास पर हुआ स्‍मृति 
"काव्यांजलि", कवि सम्‍मेलन।

 आगरा:  महाकवि पदमभूषण गोपाल दास नीरज के 97 जन्मदिवस के अवसर पर एक "काव्यांजलि" का आयोजनउनके निवास बल्केश्वर पर किया गया । 'गोपाल दास नीरज फाउंडेशन ट्रस्ट' के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्‍यक्षता उघमी डॉ रंजना बंसल ने की जबकि कार्यक्रम के मुख्य अथिति केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री सांसद प्रोफेसर एस पी सिंह बघेल मौजूद थे।

कार्यक्रम में मैनपुरी से आये गीतकार बलराम श्रीवास्तव के गीतों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया..

बेर शबरी के भी अब कसैले मिले

प्रेम के घर मे बारूदी थैले मिले

1 जनवरी 2022

कोविड -19 को बड़ी कलाकारी से दर्शाया मुराल पैन्टेर्स ने शहर की दीवारों पर

 

कोविड -19 से अभी छुटकारा नहीं  मिल सका है। दुनिया के बहुत से शहरों और यहाँ तक कि  मुंबई की दीवारों पर भी  घातक कोरोनावायरस को आर्टिस्टों ने  मुराल पेंटिंग्स के जरिये बड़ी कलाकारी से दर्शाया  है। बांद्रा बाजार के ठीक पहले, परेशानियों को दूर करने वाले भगवान गणेश को  वायरस के साथ  फुटबॉल की तरह खेलते बड़ी कलाकारी से दीवार पर पेंट किया है ।

बहुत सी दीवारों पर उन  डॉक्टरों और पुलिस कर्मचारियों की नकाबपोश वीरता की प्रशंसा  वाली मुराल पेंटिंग्स देखी जा सकती हैं ,जिन्होंने महामारी में  अथक परिश्रम किया था  और सार्वजनिक स्वास्थ्य संदेशों के साथ नागरिकों को कोविड बचाव नियमों  का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया। जब महामारी समाप्त हो जाएगी तो ये सब पेंटिंग्स गायब हो जाएँगी। इसलिए बहुत से लोगों ने इन मुराल को  फोन से शूट करने का फैसला किया।


31 दिसंबर 2021

बीजिंग द्वारा अरुणाचल प्रदेश के कई स्थानों का नामकरण प्रयास

 

नई दिल्ली - चीन के  लंबे समय से भारत के अरुणाचल प्रदेश में 90,000 वर्ग किमी से अधिक क्षेत्र पर दावे को भारत ने  हमेशा  खारिज किया है। बीजिंग ने एक बार फिर से अरुणाचल प्रदेश के लगभग 15 स्थानों का नामकरण किया है, जिसमें  दो नदियाँ, चार पहाड़,  आठ टाउनशिप और  मंदारिन में एक पहाड़ी दर्रा शामिल है। इसके उत्तर के जबाव में  भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि बीजिंग द्वारा स्थानों को आविष्कृत नाम देने  से यह वास्तविकता नहीं बदल जाती है कि  अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है।भारत के अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों पर चीन द्वारा दावा चालू  है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि चीन ने 2017 में भी अरुणाचल प्रदेश राज्य में कई स्थानों के नाम बदलने का प्रयास किया था । उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में स्थानों को नया नाम देने से  तथ्य नहीं बदलता है।


सिंचाई विभाग , बहु उपयोगी पं.दीनदयाल सरोवर तक पर शुरू नहीं करवा सका कार्य

दायित्व के प्रति लापरवाही की जानकारी दी पी एम ओ और मुख्यमंत्री को

नहर कोठी जोधपुर झाल पर चैंबर अध्‍यक्ष मनीष अग्रवाल ,पूर्व अध्‍यक्ष
सीताराम अग्रवाल एवं जर्नलिस्‍ट राजीव सक्‍सेना।(फाइल फोटो)
 

आगरा:भारत सरकार के जल शक्ति मत्रालय की जल संरक्षण नीति के अनुरूप पं.दीन दयाल सरोवर योजना को अनदेखा किये जाने को लेकर नेशनल चैंबर आफ इंडस्ट्रीज एंड कामर्स यू पी आगरा के द्वारा प्रधान मंत्री  नरेन्द्र मोदी एव जलशक्ति मंत्री पत्र लिख कर, सिंचाई विभाग उ प्र के आगरा में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों के रवैये की जानकारी देकर प्रभावी कार्रवाही करवाये जाने की अपेक्षा की गयी है।

भूजल स्तर की गिरवट रोकने और उसकी गुणवत्ता में सुधार लाने की दृष्टि से यह योजना अति महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही ताज ट्रिपेजियम जोन के क्षेत्र में धूलिय कणों को कम कर नम्यता लाये जाने के लिये भी इसकी खास उपयोगिता है ।

चैंबर के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने जलशक्ति मंत्री से अपने स्तर से भी इस प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी प्राप्त करने का आग्रह

देश में अवैध बाघ शिकार को काफी हद तक नियंत्रित किया गया है

 

नई दिल्ली - मीडिया में आई कुछ रिपोर्ट्स में वर्ष 2021 के दौरान हुई बाघों की मौत की खबर को इस तरह से उजागर किया गया है, जो एक तरह से देश में बाघ संरक्षण के बारे में एकतरफा दृष्टिकोण को दर्शाता है।

हालांकि इस बात की सराहना की जाती है कि इन रिपोर्टों में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों का उपयोग किया गया है, लेकिन जिस तरह से इस विवरण को प्रस्तुत किया गया है, वह चेतावनी देने का कारण बनता है और यह भारत सरकार द्वारा निरंतर तकनीकी एवं वित्तीय हस्तक्षेपों के परिणामस्वरूप देश में बाघों की मृत्यु से निपटने तथा बाघ संरक्षण में किए गए प्राकृतिक लाभ के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं की सीमा को महत्व नहीं देता है।

भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रयासों के परिणामस्वरूप बाघों को विलुप्त होने की कगार से लेकर उनकी संख्या में वृद्धि के एक सुनिश्चित पथ पर ले जाया गया है, जो वर्ष 2006, 2010, 2014 और 2018 में प्रत्येक चौथे वर्ष आयोजित होने वाले अखिल भारतीय बाघ गणना के निष्कर्षों में स्पष्ट हुआ है। इन परिणामों में बाघों की सकारात्मक वार्षिक वृद्धि दर 6% पर दर्शाई गई है, जिससे प्राकृतिक रूप से हुए नुकसान की पूर्ति स्पष्ट होती है और भारत के संदर्भ में यह पता चलता है कि बाघों को विचरण के लिए विस्तारित स्तर पर रहने वाले आवास उपलब्ध होते हैं।

30 दिसंबर 2021

फेसलेस अपील की हियरिंग में आयकर दाता को अनिवार्य रूप से सुना जायेगा

 -- नेशनल चैंबर के दो सुझाव आयकर विभाग ने माने 

आगरा:आयकर प्रकरणों  के फसलेस अपील के निस्तारण में यदि अपीलकर्ता चाहता है तो वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से  आयकर आयुक्त (अपील)  के समक्ष स्वयं को व्यक्त करने का मौका जरूर दिया जायेगा। उपरोक्‍त मांग को नेशनल चैंबर के द्वारा  उठाया गया था। जबकि अब तक यह निर्णय (अपीलकर्ता को सुनने या न सुनने ) आयकर आयुक्त (अपील) के स्वयं के विवेक पर निर्भर करता था कि वह अपील करता को सुनने का मौका प्रदान करें या न करें।  किंतु अब नए नोटिफिकेशन के अनुसार आयकर आयुक्त (अपील) को यदि अपील करता ने अनुरोध किया है तो उसे अनिवार्य रूप से सुनना होगा। 

इसी क्रम में एक अन्‍य जानकारी के अनुसार चैंबर की मांग के अनुरूप विभाग  फेसलेस अपीलों के सिस्टम में जब तक मॉडिफिकेशन हो तब तक  विभाग द्वारा डिमांड के लिए दबाव नहीं डालेगा।

 चेंबर अध्यक्ष मनीष अग्रवाल के अनुसार  14 दिसंबर 2021 को चैम्बर द्वारा मुख्य आयकर आयुक्त

29 दिसंबर 2021

गोवा में पुर्तगाली सुपरस्टार फुटबॉलर रोनाल्डो की मूर्ति पर विवाद

 

विश्व के जाने माने फुटबॉल के सुपरस्टार पुर्तगाली फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो की एक नई प्रतिमा ने  गोवा में विवाद खड़ा कर दिया है। गोवा  के लोगों ने भारतीय  खिलाड़ी के बजाय एक पुर्तगाली फुटबॉलर को सम्मानित किए जाने पर आपत्ति जताई है। उधर 

गोवा के  मंत्री माइकल लोबो ने अपने  ट्वीट में लिखा है  कि  रोनाल्डो की प्रतिमा का उद्देश्य फुटबॉल को एक खेल के रूप में बढ़ावा देना और युवाओं को खेल खेलने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि जब लोग फुटबॉल के बारे में बात करते हैं, तो वे क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बारे में बात करते हैं। इसलिए हमने इस प्रतिमा को यहां स्थापित किया है ताकि लड़के और लड़कियां बहुत कम उम्र में इस प्रतिमा से प्रेरणा प्राप्त कर सकें, वे प्रेरित महसूस करें और इसे देखकर उनमें  खेल के लिए प्यार और जुनून बढ़ेगा। 


28 दिसंबर 2021

भारतीय संगीत ही सुनाई देगा भारतीय विमानों और हवाई अड्डों पर

 

नई दिल्ली - हवाई यात्रिओं  को भावनात्मक रूप से देश की परंपराओं से जोड़ने के लिए भारत में  हवाई अड्डों के टर्मिनल परिसर तथा देश में  संचालित होने वाली उड़ानों में भारतीय शास्त्रीय या वाद्य संगीत बजाया जायेगा । इस सम्बन्ध में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने  एक एडवाइजरी जारी कर देश की सभी हवाई कंपनियों  और हवाईअड्डों के संचालकों से कहा कि वे  उड़ानों और टर्मिनल परिसरों में भारतीय संगीत बजाने पर विचार करें। देश के प्रसिद्ध कलाकारों, गायकों और संगीतकारों जिसमें कैलाश खेर, अनु मलिक, मालिनी अवस्थी और सोनल मानसिंह शामिल हैं ने आईसीसीआर के तत्वावधान में यह मांग केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सम्मुख रखी थी। 

भारतीय रेल मंत्रालय द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि भारत में पारंपरिक संगीत की समृद्ध विविधता है। भारत की विशालता और विविधता के कारण, भारतीय संगीत कई किस्मों और रूपों में कई शैलियों को समाहित करता है, जिसमें शास्त्रीय संगीत, लोक, हल्का स्वर, वाद्य संगीत आदि शामिल हैं, इसका इतिहास कई सहस्राब्दियों तक फैला है और उप-महाद्वीप में फैले कई भौगोलिक स्थानों में विकसित हुआ है।


एस टी पी आई आगरा के लिये ' आई टी ' प्रौफेशनल की सैमीनार ' सामायिक जरूरत

 -- चैंबर की तरह ही यूनीवर्सटी  कैंपस से भी प्रोजेक्‍ट शीघ्र पूरा करने को उठेगी आवाज

आगरा कॉलेज इंजीनियरिंग संकाय के कम्‍प्‍यूटर डिपार्टमेंट के हैड डा.अनुराग
 शर्मा 
ने किया एस टी पी आई का अवलोकन , साथ हैं जर्नलिस्‍ट राजीव सक्‍सेना। 
आगरा: साफ्टवेयर टेक्‍नेलाजी पार्क ( एस टी पी आई )आगरा में चालू कलैंडर वर्ष में भले ही पूरा नहीं हो पाया हो किन्‍तु अब इसके पूरा होकर संचालित होने के कार्य में विलंब को यथा संभव कम होगा।              पार्क का प्रकरण अब जहां मंडलीय उद्योग बंधु में लगातर उठेगा,वहीं डा एपी जे अब्‍दुल कलाम (Dr. A.P.J. Abdul Kalam Technical University (AKTU)के माध्‍यम से फेकेल्‍टी सदस्‍य और प्रफेशनल के द्वारा इसे लगातार उठाया जाता रहेगा।

--आगरा कॉलेज कंम्‍प्‍यूटर साइंस हैड का निरीक्षण 

मंगलवार 28दिसम्‍बर को आगरा कालेज के इजीनियरिंग संकाय (Faculty of Engineering & Technology CollegeAgra College, Agra) की कम्‍प्‍यूटर साइंस के विभागध्‍यक्ष डा अनुराग शर्मा

27 दिसंबर 2021

गालिब का शहर आगरा गूंज रहा है उनके शेरों शायरी से

 

आगरा। मिर्ज़ा गालिब उर्दू भाषा के सबसे महान कवियों में से एक के रूप में जाने जाते हैं। मूल रूप से एक तुर्की कुलीन वंश के गालिब ने  10 साल की उम्र में  छंदों की रचना करना शुरू कर दिया था। उन्होंने 1857 तक अंतिम मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर  के लिए उस्ताद  के रूप में कार्य किया था। 

उनका जन्म आगरा में एक सैनिक पृष्ठभूमि वाले परिवार में हुआ था। उन्होने अपने पिता और चाचा को बचपन में ही खो दिया था, ग़ालिब का जीवनयापन मूलत: अपने चाचा के मरणोपरांत मिलने वाले पेंशन से होता था। उनके दादा मिर्ज़ा क़ोबान बेग ख़ान अहमद शाह के शासन काल में समरकंद से भारत आये। उन्होने दिल्ली, लाहौर व जयपुर में काम किया और अन्ततः आगरा में बस गये। उनके दो पुत्र व तीन पुत्रियां थी। मिर्ज़ा अब्दुल्ला बेग ख़ान व मिर्ज़ा नसरुल्ला बेग ख़ान उनके दो पुत्र थे।जब ग़ालिब छोटे थे तो एक नव-मुस्लिम-वर्तित ईरान से दिल्ली आए थे और उनके सान्निध्य में रहकर ग़ालिब ने फ़ारसी सीखी।

भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में उ प्र आगे

 

लखनऊ - उत्तर प्रदेश भारत में नए निवेश केंद्र के रूप में उभरा है, जिसमें कुछ सबसे बड़े व्यवसायी, उद्योगपति और उद्यमीप्रदेश  में निवेश करने में रुचि दिखा रहे हैं। देश के प्रमुख अर्थशास्त्रियों का मानना ​​है कि भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में  उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण स्थान रहेगा ।

निवेशकों के लिए उत्तर प्रदेश का नाम ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (EODB) सूचांक  में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। योगी  सरकार ने निवेश मित्र पोर्टल नाम से सिंगल-विंडो सिस्टम भी लॉन्च किया है, जहां लगभग 20 विभागों की 70 से अधिक सेवाएं हैं। राज्य में  संसाधनों या श्रम की कोई कमी नहीं दिखाई देती है।  उत्तर प्रदेश की आबादी को देखते हुए निवेशकों के पास पहले से ही एक विशाल उपभोक्ता आधार भी है। अगले कुछ वर्षों के लिए प्रदेश में  डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर में 50,000 करोड़ रुपये जैसी और भी  निवेश योजनाएं हैं ।उत्तर प्रदेश कपड़ा क्षेत्र में करीब 6,320 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित कर चुका है।