18 जून 2021

ताजमहल पर सनराइज देखने के लिए पर्यटक फिर से उमड़े

 


आगरा। ताजमहल खुल तो गया है किन्तु एक समय में  650 से ज्यादा लोगों को जाने की अनुमति दी गई  गई है ।केवल ऑनलाइन टिकट के माध्यम से प्रवेश की अनुमति दी जा रही है । भीड़ पर नियमित नजर रखने के लिए टीमें तैनात हैं । बिना मास्क के प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जा रही है ।ताजमहल पर सनराइज देखने के लिए टूरिस्टों ने मंगलवार से ही आना शुरू कर दिया था । मंगलवार को ताजमहल  में तैनात कर्मचारियों को वैक्सीन भी लगाई गई तथा  स्मारक में  सेनेटाइजेशन भी किया गया था । प्रवेश  टिकट के लिए  एक  फोन नंबर से सिर्फ 5 टिकट ही बुक कर सकते हैं।

17 जून 2021

योग से पीठ के निचले हिस्से में पुराने दर्द से पीड़ित रोगियों को राहत मिलती है - मेडिकल रिसर्च

 

नई दिल्ली स्थित एम्स के फिजियोलॉजी विभाग में एडिशनल प्रोफेसर डॉ. रेणु भाटिया ने डॉ. राज कुमार यादव (प्रोफेसर, फिजियोलॉजी विभाग, एम्स, नई दिल्ली) और डॉ. श्री कुमार वी (एसोसिएट प्रोफेसर, फिजिकल मेडिसीन एंड रिहैबिलिटेशन विभाग, एम्स, नई दिल्ली) के साथ मिलकर पीठ के निचले हिस्से में पुराने दर्द (सीएलबीपी) पर योग के प्रभाव को मापने का शोध किया है।

अब तक के अधिकांश योग-आधारित अध्ययन किसी बीमारी से ठीक होने और जीवन की बेहतर गुणवत्ता के संकेतक के रूप में रोगी के अनुभव और दर्द एवं अक्षमता की रेटिंग पर निर्भर रहे हैं। दर्द, दर्द सहने की क्षमता और शरीर के लचीलेपन को मापने वाले शोधकर्ताओं ने पाया है कि योग से पीठ के निचले हिस्से में पुराने दर्द से पीड़ित रोगियों को दर्द से राहत मिलती है, उनमें दर्द सहने की क्षमता बढ़ती है और उनके शरीर के लचीलेपन में सुधार होता है।

14 जून 2021

कांजी बड़े हमेशा याद रहेंगे आगरा वाले बाबा के

 

अखबारों और सोशल मीडिया पर बहुचर्चित आगरा के कांजी बड़े वाले बाबा का निधन हो गया। उनके हाथ के बनाये कांजी बड़ों जैसा स्वाद अब शायद ही मिल सके। सड़क पर  ठेल लगाकर  कांजी बड़ा बेचने  वाले बाबा को फेसबुक और ट्विटर पर विशेष  ख्यति मिली थी। सोशल मीडिया पर 90 साल के नारायण सिंह उर्फ  कांजी बड़ा वाले बाबा का  नाम  जब से वायरल हुआ था तबसे उनके कांजी बड़े खाने के लिए  दूर-दूर से आये टूरिस्ट तक उनकी ठेल तक पहुँचने लगे थे । किन्तु  दुर्भाग्य से  कैंसर की बीमारी ने  बाबा को छीन लिया। आगरा के डीएम और मेयर भी बाबा के काजी बड़े खाने आया करते थे। बताया जाता है कि बाबा को काफ़ी समय से कैंसर था।  कांजी बड़े बेचकर वह अपना  परिवार चलते थे। वायरस फैलने के कारण करीब  चार महीने से बाबा का ठेला  लगना भी बंद हो गया था।आर्थिक तंगी तथा बीमारी से  बाबा आखिर  हार गए। 


गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं अखिलेश यादव - सुरेश खन्ना

 

( उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना )
राज्य की राजनीतिक अर्थव्यवस्था से अनभिज्ञ होने के कारण उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं। यह कहना था उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का। 

प्रदेश वित्त मंत्री ने कहा कि श्री  यादव केवल स्थानीय समाचार पत्रों में अपना नाम और फोटो देखने के लिए यह आदत बना ली है। खन्ना ने कहा कि वह  मुद्दे को समझे बिना बयान देते हैं। आगे उन्होंने कहा कि  योगी आदित्यनाथ सरकार ने डब्ल्यूएचओ और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों से वैश्विक प्रशंसा अर्जित की है।

सुरेश खन्ना ने दावा किया कि हमारी प्रदेश  सरकार ने असंगठित क्षेत्र के छोटे व्यापारियों, फुटपाथ के फेरीवालों और कारोबारियों के हितों की रक्षा के लिए विशेष कदम उठाए तथा  जीवन और आजीविका के बीच संतुलन बनाने के लिए, राज्य सरकार ने तालाबंदी के बजाय केवल आंशिक कोविड कर्फ्यू ही लगाया था ।