27 अप्रैल 2021

होम आईसोलेशन के मरीजों को भी आक्सीजन दी जाए

 

आगरा। समाज सेवी श्री नरेश पारस पिछले चार दिनों से आगरा के पांच तथा  मथुरा के तीन आक्सीजन प्लांटों से लोगों को आक्सीजन दिलवा रहे थे । आज भी मथुरा से आगरा के लिए 190 सिलेंडर रिफिल हुए किन्तु  शाम को मना कर दिया गया कहा गया कि केवल मथुरा के लोगों को ही आक्सीजन मिलेगी। आगरा में आज एक ही प्लांट से आक्सीजन लोगों को मिल सकी।आक्सीजन के लिए  रात में भी लोगों की भीड़ लगी हुई है। आज पूरे दिन में श्री पारस के पास  689 काॅल आए। जिनमें से 410 काॅल रिसीव किए तथा 279 काॅल पर बात नहीं हो सकी। ऑक्सीजन  की किल्लत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। समाज सेवी श्री नरेश पारस ने  आगरा प्रशासन से अपील की है कि हालात बिगड़ रहे हैं, आगरा के सभी प्लांट जल्द  चालू किए जाएं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि  होम आईसोलेशन के मरीजों को भी  आक्सीजन दी जाए। 

26 अप्रैल 2021

कोविड की दूसरी लहर अधिक खतरनाक,लोगों में लक्षण नहीं दिखते

 

उत्तर प्रदेश के 22  जिलों में रिकवरी  ज्यादा बढ़ी है। पिछले 24 घंटों में, यूपी में 33,574 नए कोविड केस  दर्ज किए गए, जबकि 26,791 मरीज ठीक  हुए हैं । उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, श्री  अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि वायरस की  दूसरी लहर अधिक खतरनाक है क्योंकि अधिकांश प्रभावित लोगों में लक्षण नहीं दिखाई देते  हैं। उन्होंने कहा कि सभी को वायरस से बचाने के लिए मास्क हर हालत में पहनना चाहिए। प्रदेश में पिछले 24 घंटों में मौतों की संख्या 249 रही। श्री प्रसाद ने कहा कि  उत्तर प्रदेश  में सक्रिय मामले अब 3,04,199 हैं और इनमें से 2,49,406 घर में हैं। मरने वालों की संख्या 11,414 पहुँच  गई है।

भगत हलवाई कोविड मुफ्त खाना में भिजवा रहे हैं गरीब मरीजों को

 

आगरा। कोविड ने देश को हिला कर रख दिया है। इस वक्त एकजुट हो कर ही हम इस बीमारी से लड़ सकते हैं। एकजुटता का विशेष उदाहरण आगरे के भगत हलवाई ने  पेश किया है। भगत हलवाई सुबह शाम भोजन के पैकेट बनबाकर कोबिड के उन मरीजों को मुफ्त में भिजवा रहे हैं जो अपने अपने घरों में रह कर इलाज कर रहे हैं, जिनके घरों के चूल्हे नहीं  सुलग  रहे हैं । शिवान भगत ने स्वयं सेवी संस्थाओं से अपील की है वे ऐसे नौजवानों को उसके साथ जोड़ें ताकि अधिक से अधिक लोगों की सेवा वह कर सके। इस हलवाई की इंसानियत पर दूसरे शहरों के लोगों को भी फक्र है। 

फिरोजाबाद के विधायक मनीष असीजा ने पिछले दस दिनों में मजदूरों की तरह काम कर एक आक्सीजन प्लांट खड़ा कर दिया ।  आगरा के भगत हलवाई और विधायक मनीष असीजा जैसे तमाम लोगों  से 'जीवन के मायने' समझने का अच्छा उदाहरण है। 

25 अप्रैल 2021

टीकाकरण अस्पताल में भर्ती होने से बचा सकता है - डॉ आरके धीमान

 

( SGPGIMS  निदेशक डॉ आरके धीमान )
कोविड वेक्सीन लगवाना हम सबके  लिए बहुत महत्वपूर्ण है, यह कहना था  संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज  के निदेशक डॉ आरके धीमान का। उन्होंने  कहा कि हम टीकाकरण करवाकर  अस्पताल में भर्ती होने से बच सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा इतना ही नहीं  नहीं, टीकाकरण से मृत्यु दर भी घटती है। अपने व्यक्तिगत अनुभव से बात करते हुए डॉक्टर  धीमान ने कहा कि मैं और मेरी पत्नी होली के  से तीन दिन पहले ही नकारात्मक हो गए थे। टीकाकरण के कारण  संक्रमण हल्का था और इसका हम पर ज्यादा असर नहीं हुआ। 

उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री ने 18+ युवाओं का टीकाकरण के लिए 50 लाख कोविशिल्ड और कोवाक्सिन की खुराकें खरीदने का आदेश दिया है। कोवाक्सिन भारत बायोटेक लिमिटेड द्वारा तथा कोविशिल्ड वैक्सीन भारत के सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा निर्मित की जाती  है।

24 अप्रैल 2021

ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने पिछले 24 घंटों में लगभग 150 टन ऑक्सीजन पहुंचाई

 

भारतीय रेल कोविड -19 के खिलाफ अपनी लड़ाई के क्रम में ऑक्सीजन एक्सप्रेस चला रहा है।क्रमशः महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के लिए लिक्विड चिकित्सा ऑक्सीजन (एलएमओ) से भरे टैंकरों को लेकर ये ऑक्सीजन एक्सप्रेस रेलगाड़ियां नासिक और लखनऊ पहुंच गई हैं।

इन क्षेत्रों में एलएमओ की आपूर्ति करने के क्रम में कुछ कंटेनरों को नागपुर और वाराणसी में अनलोड किया गया। साथ ही, तीसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने आज सुबह लखनऊ से अपनी यात्रा शुरू की।आंध्र प्रदेश, दिल्ली जैसे राज्य ऐसी और अधिक रेलगाड़ियां चलाने के लिए रेलवे के साथ परामर्श कर रहे हैं।यहां इस बात पर गौर किया जा सकता है कि विशाखापत्तनम और बोकारो में भरे गये इन एलएमओ टैंकरों को वर्तमान में भारतीय रेल की रो-रो सेवा के जरिए ले जाया जा रहा है।

23 अप्रैल 2021

23 मोबाइल ऑक्सीजन उत्पादन सयंत्रों का आयात जर्मनी से

 

नई दिल्ली - सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) ने देश भर में कोवि़ड-19 की दूसरी लहर के दौरान अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के बीच, जर्मनी से ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों और कंटेनरों को आयात करने का फैसला किया है। जर्मनी से 23 मोबाइल ऑक्सीजन उत्पादन सयंत्र एयरलिफ्ट किए जा रहे हैं, जिन्हें उन एएफएमएस अस्पतालों में लगाया जाएगा जो कोवि़ड रोगियों की देखभाल कर रहे हैं।

प्रत्येक संयंत्र में प्रति मिनट 40 लीटर ऑक्सीजन और 2,400 लीटर प्रति घंटे की उत्पादन करने की क्षमता है। इस दर पर यह सयंत्र 24 घंटे में 20 से 25 मरीजों को ऑक्सीजन प्रदान कर सकता है। इन सयंत्रों का लाभ यह है कि वे आसानी से रखे जा सकते हैं। भारत में एक सप्ताह के भीतर इनके आने की उम्मीद है।

22 अप्रैल 2021

रेमडेसिविर फेफड़े के संक्रमण में अधिक प्रभावी नहीं - डॉ. वीएन अग्रवाल

 

( वरिष्ठ चेस्ट फिजीशियन डॉ. वीएन अग्रवाल )
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आईएमए के सचिव और वरिष्ठ चेस्ट फिजीशियन डॉ. वीएन अग्रवाल ने रेमडेसिविर के बारे में बताते हुए कहा कि यह दवा मात्र एंटी वायरल है,इससे कोविड मरीजों के जीवन की रक्षा नहीं की जा सकती है। डॉ अग्रवाल ने कहा कि लोगों का मानना है कि रेमडेसिविर दवा कोरोना पर काम कर रही है इसीलिए ही इसकी कीमत महंगी हो गयी है। आगे उन्होंने कहा नये रिसर्च में देखा गया है कि यह दवा मृत्यु दर को कम करने में अक्षम है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि इस इंजेक्शन को पहले इबोला वायरस के मामलों में इस्तेमाल किया जाता था। उन्होंने कहा पहली बार जब कोविड वायरस आया, कुछ रिसर्च में यह पता चला कि इसका कुछ असर कोविड में है,लेकिन कितना कोविड में प्रभावी है यह पता नहीं चल सका। वरिष्ठ चेस्ट फिजीशियन का मानना है कि मरीज सीरियस हो रहा हो तो उसे रेमडेसिविर की जगह स्टेरॉयड और डेक्सोना दी जा सकती है।