आजकल पूरे भारत में सफाई का जबरदस्त अभियान चल रहा है। बड़ी ख़ुशी की बात है किन्तु मुझे पुरे भारत में किसी भी शहर के रेलवे स्टेशन आने से पूर्वे कुछ किलोमीटरों के बीच पटरिओं के दोनों तरफ एतिहासिक गंदगी देखकर सबसे जयादा दुख होता है। चाहें आगरा हो या दिल्ली या बम्बई , सब रेलवे ट्रेक्स का एकसा ही हाल है। जब विदेशी पर्यटक, स्टेशन पहुंचने से पूर्व ट्रेन की खिड़कियों से बहार देखते हैं तो उन्हें सुंदरता तथा हरयाली की जगह गंदगी, प्लास्टिक बैग्स तथा खुले नालों के ही दर्शन होते हैं। इस गंदगी को जड़ से उड़ाने में हम सबको भी थोड़ा सहयोग देना चाहिए।कम से कम हमें ट्रेन की खिड़कियों से कूड़ा बाहर न फेंक कर अपने देश की सफाई के प्रति दायित्व निभाना चाहिए। मेरा सुझाव है कि खिड़कियों से बहार कूड़ा फेकने से पूर्व जरा सोचें कि अपना देश कूड़ा दान तो नहीं है।
