January 18, 2020

राजनीति का मतलब समाज को धर्म, जाति और पंथ के आधार बाँटना नहीं - मुलायम

लखनऊ - सपा  संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने कहा कि देश को समाजवादी पार्टी  जैसे युवा राजनीतिक दल की आवश्यकता है। वह अखिलेश यादव द्वारा आयोजित समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। मुलायम की  उपस्थिति से  इस बात की पुष्टि का आभास होता है   कि सपा संरक्षक  अपने बेटे के साथ हैं और अपने भाई शिवपाल सिंह यादव को त्याग दिया सा लगता है। जिन्होंने सपा  से निकाले जाने के बाद एक नया राजनीतिक संगठन बनाया था । मुलायम सिंह यादव ने  भाजपा  पर हमला करते हुए  कहा कि  कुछ लोग राजनीति का मतलब समाज को धर्म, जाति और पंथ के आधार पर विभाजित करना समझते हैं । उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि आपको उन बुरी ताकतों से लड़ना होगा जो समाज को विभाजित कर रही हैं और केवल सपा ही ऐसा कर सकती है क्योंकि यह युवाओं की पार्टी है।

गांधीवादी नेता कृष्‍णचन्‍द्र सहायक को आगरा वासि‍यों की श्रद्धांजलि‍

-- श्री  सहाय का नि‍धन 5जनवरी 2020 को जयपुर में  हो गया था
(स्‍व कृष्‍णचन्‍द्र सहाय )
आगरा:प्रख्‍यात गांधीवादी स्‍व कृष्‍णचन्‍द्र सहाय के नमन एवं पुण्य आत्मा की सद्गति व शांति हेतु श्रद्धाजलि सभा का सर्वोदय सत्संग मण्डल, गाँधी शांति प्रतिष्ठान, सर्वोदय चरखा मण्डल, चम्बल घाटी शांति मिशन, नववर्ष महोत्सव कमेटी व आचार्य कुल उ.प्र. के  संयुक्‍त तत्‍वावधान में   श्रद्धाजलि‍ देने के लि‍ये एक कार्यक्रम का आयोजन 19 जनवरी 2020 दिन रविवार को समय सांय 3.30 से 4.30 स्थान - शिरोमणि हॉस्पीटल 19 लता कुँज, अजमेर रोड, बालूगंज आगरा पर किया गया है। 
सत्ता व संपत्ति से दूर रहने वाले चम्बल घाटी शांति मिशन को समर्पित गाँधीवादी, स्वतंत्रता सेनानी श्री कृष्ण चन्द्र सहाय का निधन 05 जनवरी 2020 को जयपुर में हो गया था। आगरा उनकी कर्मभूमि‍ थी,गांधीवादी कार्यकर्त्‍ता के रूप में जीवन पर्यंत उनका यहं से जुडाव रहा।
 आयोजक रामजीलाल सुमन (पूर्व मंत्री),रानी सरोज गौरिहार, शशि शिरोमणि, डाॅ. अशोक शिरोमणि, डा. मधु भारद्वाज, वत्सला प्रभाकर, सर्वज्ञ शेखर गुप्ता, हरीश ‘चिमटी’ ने श्री सहाय

January 17, 2020

सभी राज्य सरकारों को नया नागरिकता कानून लागू करना आवश्यक - ओम बिरला

( लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला )
नई दिल्ली - नागरिकता (संशोधन) अधिनियम  के  विवाद के सम्बन्ध में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया  कि भारतीय संविधान अनुसार  नागरिकता का मुद्दा  केंद्र का विषय था और सभी राज्य सरकारों को दिसंबर 2019 में संसद के दोनों सदनों से पारित इस  नए नागरिकता कानून को लागू करना होगा। 
उधर केरल और पंजाब  की  विधानसभाओं ने सीएए के कार्यान्वयन के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए हैं। साथ ही  अन्य विपक्षी शासित प्रदेशों की सरकारों  ने घोषणा की है कि वे नए नागरिकता कानून को लागू नहीं करेंगे।
यहाँ बता दें कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम  पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आये  हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई जैसे उत्पीड़ित अल्पसंख्यक समुदायों को नागरिकता लेने का अधिकार देता  है। इन तीन देशों के मुसलमानों को इससे अलग रखना  विवाद और देशव्यापी विरोध का कारण बना।

January 16, 2020

एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने इमरान आ सकते हैं भारत

नई दिल्ली - भारत पहली बार एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा  है। भारत और पाकिस्तान इस संघठन में 2017 में शमिल हुए थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को भी इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।  इमरान खान का  एससीओ बैठक में भाग लेने के बारे में  अंतिम निर्णय इस्लामाबाद द्वारा किया जाना है। कई देश  देशों ने  पहले  देश  के प्रमुखों के बजाय अपने विदेश मंत्रियों को भी  भेजा है।2001 में स्थापित इस संघठन  के 8 सदस्य हैं। जिसमें  भारत , कज़ाकिस्तान चीन,किर्गिज़ रिपब्लिक, पाकिस्तान, रूस ,ताजिकिस्तान और उज्जबेकिस्तान शामिल हैं।यदि प्रधानमंत्री  खान ने  इसमें भाग लेने  का फैसला किया, तो  पाकिस्तान  प्रधानमंत्री के रूप में उनकी पहली भारत यात्रा होगी, भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के लिए मंच तैयार करने का अवसर मिल सकता है। ।

January 13, 2020

उ प्र में 32,000 से अधिक शरणार्थियों की पहचान

उत्तर प्रदेश ने  भारतीय नागरिकता पाने के  पात्र  शरणार्थियों की पहचान शुरू कर दी  है। बतादें नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 को लागू करने वाला यह पहला प्रदेश है। सहारनपुर, गोरखपुर, अलीगढ़, रामपुर, प्रतापगढ़, पीलीभीत, लखनऊ, वर्णासी, बहराइच, लखीमपुर, रामपुर, मेरठ, आगरा  में पहली सूची बनाई गई है। उत्तर प्रदेश में अबतक 21 जिलों में 32,000 से अधिक लोगों  की पहचान की जा चुकी है। बांग्लादेश से आए 37,000 शरणार्थियों की पहचान प्रारंभिक सर्वेक्षण में की गई थी , जिनके  नाम राज्य सरकार को भेज दिए गए थे। बताया जाता है कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के कार्यान्वयन के नियमों को अभी तक पूरी तरह  तैयार नहीं हुए हैं ।

उच्‍च शिक्षा संस्‍थानों को राजनीति का अखाड़ा न बनने दिया जाए - निशंक

जेएनयू के फीस संबंधित मामले को संस्थान के विद्यार्थियों और शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की चर्चाओं के बाद सुलझा लिया गया है। मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने आंदोलनकारी जेएनयू विद्यार्थियों से मुलाकात के दौरान मामले को देखने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद श्री पोखरियाल के मार्गदर्शन में मंत्रालय ने एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। समिति के सदस्‍यों में विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग के पूर्व अध्‍यक्ष श्री वी.एस.चौहान, एआईसीटीई के अध्‍यक्ष श्री अनिल सहस्रबुद्धे और विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव श्री रजनीश जैन शामिल थे।

इस उच्चस्तरीय कमेटी ने जेएनयू में सामान्य कामकाज को बहाल करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को सभी हितधारकों के साथ बातचीत करके समाधान निकालने की सलाह दी थी। उच्‍चाधिकार समिति की सिफारिशों और विद्यार्थियों व जेएनयू प्रशासन के प्रति‍निधियों के साथ मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव

January 12, 2020

छपाक का जर्मनी के 18 सिनेमाघरों के पर्दों पर छपाका

फॉक्स स्टूडियोज़ इंडिया  ने   दीपिका पादुकोण की फिल्म "छपाक" को उत्तरी अमेरिका के 100 जगहों तक पहुंचा दिया   है,  साथ ही  यू.के, यूएई, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी के सिनेमाघरों में पर्दों पर है । जर्मनी में  यह  फिल्म 18 सिनेमाघरों में  प्रदर्शित की जा रही है।  फिल्म छपाक  राजस्थान में कर-मुक्त घोषित की गई है । यह फिल्म छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी कर-मुक्त है। बतादें  यह फिल्म  एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी के वास्तविक जीवन पर आधारित है, जिसे 15 साल की उम्र में कथित तौर पर 2005 में एक कथित प्रेमी द्वारा हमला किया गया था। फिल्म का निर्देशन मेघना गुलज़ार द्वारा किया गया  है, जो  अपनी  ब्लॉकबस्टर हिट राजी  में  उत्कृष्ट काम के लिए जानी जाती हैं। फिल्म को  दीपिका और फॉक्स स्टार स्टूडियोज द्वारा सह-निर्मित किया गया है। 

January 11, 2020

100 वर्ष पुराने हावड़ा ब्रिज को प्रधानमंत्री ने दी नई रोशनी और आवाज

टाटा की विरासत का हिस्सा था यह ब्रिज 


705 मीटर लम्बा हावड़ा ब्रिज अब साउंड एंड लाइट का आकर्षण बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र  मोदी ने  लाइट एंड साउंड शो का भी उद्घाटन किया। साउंड एंड लाइट शो के जरिये 20 बीं शताब्दी के इस ऐतिहासिक पल की यादें ताज़ा करते रहेंगे।
इसका निर्माण कार्य 1936 में शुरू हुआ था तथा  निर्माण में करीब  6 साल लगे थे । यह ब्रिज  1943 में  जनता के लिए खोल दिया गया था । यह ब्रिज दुनिया का सबसे व्यस्त कैंटिलीवर ब्रिज हो सकता है, जिसपर  हर दिन लगभग 100,000 वाहनों और 150,000 से अधिक पैदल यात्री गुजरते हैं ।                                                                                                                                                                        निर्माण के समय यह दुनिआ का  सबसे लंबा तीसरा पुल था किंत वर्तमान में यह दुनिया का छटा सबसे लंबा कैंटिलीवर पुल माना जाता है।हावड़ा ब्रिज का इतिहास भी टाटा की विरासत का हिस्सा है, क्योंकि इसने परियोजना के लिए 23,000 टन स्टील की आपूर्ति की। मजे की बात यह है कि संरचना में कोई नट और बोल्ट नहीं हैं, क्योंकि बिल्डरों ने इसके बजाय स्टील राइविंग का उपयोग किया था।