Showing posts with label प्रवासी भारतीय. Show all posts
Showing posts with label प्रवासी भारतीय. Show all posts

February 1, 2020

प्रवासी भारतीयों के लिए सरकार ने बढ़ाई मुश्किलें

एनआरआई अपना स्टेटस तक खो सकते हैं


नई दिल्ली - भारतीय वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक परिपत्र ने आयकर  के सन्दर्भ में  ( प्रवासी भारतीय) की स्थिति के बारे में चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसके अनुसार   एनआरआई अपना स्टेटस खो सकते हैं, अगर वह 180 दिनों की मौजूदा निर्धारित  अवधि  के बदले 120 दिनों के लिए लगातार भारत में रहते हैं।
परिपत्र में कहा गया है कि कोई भी भारतीय प्रवासी - नौकरियों और अन्य कारणों से देश के बाहर रहता  है और जो 120 दिनों या उससे अधिक समय तक भारत में रहता है - भारत में करों का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है।एनआरआई समुदाय  में इस बात को लेकर भी चिंता बढ़ रही है कि क्या भारत उन्हें भी शामिल  कर टैक्स नेट को  और विस्तरित  करने की कोशिश कर रहा है।  क्योंकि एक नया प्रावधान  कहता है कि

December 27, 2015

एनआरआई दिवस : प्रवासी भारतीय कुछ गांवों को ले सकते हैं गोदी

आगरा: एनआरआई दिवस पर प्रवासी भारतीय कुछ  गांवों को विकास के लिए  गोदी ले सकते हैं । जनवरी के शुरू में उत्तर प्रदेश की पहली एनआरआई दिवस के लिए आने वाले एनआरआई मेहमान आगरा और दूसरे जिलों के कुछ खास गावों के  विकास  की जिम्मेदारी ले सकते हैं ।

 आगरा और अन्य जिलों से उन गांवों, जो पर्यटकों का आकर्षण केंद्र बन सकते हैं, जहाँ  सड़क संपर्क है और वहां की  साफ-सफाई और स्वच्छता के मुद्दों के बारे में पता करते हुए उन्हें  शॉर्टलिस्ट किया जा सकता है ।

अतीत में दो अमेरिकी राष्ट्रपतियों  ने  आगरा जिले के दो  गांवों, बिल क्लिंटन ने  2000 में बरारा और 1959 में राष्ट्रपति  आइजनहावर ने लरामदा गॉव को  विकास के लिए गोदी लिया था।  

एनआरआई दिवस 04-06 जनवरी तक ताज नगरी  के एक होटल में आयोजित किया जा रहा है।  25 देशों से  करीब 150 आगंतुकों के  भाग लेने की उम्मीद है ।