Showing posts with label अखिलेश यादव. Show all posts
Showing posts with label अखिलेश यादव. Show all posts

October 31, 2017

भाजपा पर लोग भरोसा न करें - अखिलेश यादव

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लोगों से  कहा कि भाजपा झूठ बोलने वाली राजनैतिक पार्टी है। जनता को उसपर विश्वास नहीं करना चाहिए। यह वक्तव्य  अखिलेश ने  नगर निकाय चुनावों  सरगर्मियों के अवसर पर दिया । समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि  केंद्र और  प्रदेश की  दोनों सरकारों  ने कोई महत्वपूर्ण फैसला नहीं लिया।यादव ने कहा कि कुछ ताकतें अपने स्वार्थ के लिए देश को तोड़ना चाहती हैं और वे सिर्फ  सत्ता में बने रहने के लिए झूठ बोलती हैं। उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि भाजपा हमारी सपा सरकार  द्वारा किए गए कामों  का मुकाबला शायद  ही कर सके

October 23, 2017

गुजरात चुनाव में अखिलेश यादव और राहुल रहेंगे साथ साथ

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि हमारी  पार्टी गुजरात विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का समर्थन करेगी। अखिलेश यादव ने आज दोपहर लखनऊ में पत्रकारों  से बात करते हुए कहा कि सपा गुजरात में केवल पांच विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और शेष पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ता कांग्रेस को समर्थन देंगे।जब उनसे पूछा गया  कि वह खुद पार्टी में उम्मीदवार और कांग्रेस के उम्मीदवारों के लिए राज्य में प्रचार करेंगे, क्या उत्तर प्रदेश में आगामी लोकल बॉडी पोल में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन जारी रहेगा या नहीं, उन्होंने इस  सवालों  का जवाब नहीं दिया।

October 22, 2017

सपा अध्यक्ष अखिलेश की योगी को ताजमहल के सामने फोटो खिंचवाने की सलाह

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री अखिलेश यादव कहा कि भाजपा को विश्व  धरोहर   ताजमहल से खास चिढ़ है। उन्होंने सलाह दी कि मुख्यमंत्री योगी 26 अक्टूबर को आगरा दौरे के वक्त ताजमहल की सामने खड़े होकर अपना फोटो अवश्य खिंचवाएं।  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि विश्व के  सबसे शक्तशाली  देश के राष्ट्रपति ने भी आगरा आकर ताजमहल के सामने फोटो खिंचवाई। अखिलेश ने कहा कि यदि योगीजी  भी ताज के सामने अपना  फोटो खिंचवाएंगे तो उसे  दुनिया देखेगी और सबसे ज्यादा ख़ुशी हमारी पार्टी  को होगी, क्योंकि हमें ताजमहल से विशेष  लगाव है। 

October 16, 2017

सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित,मुलायम सिंह को कोई स्थान नहीं

सपा की घोषित 55 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी  में संस्थापक मुलायम सिंह यादव का नाम नदारत है। कार्यकारिणी की घोषणा अखिलेश यादव ने की। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में  नरेश अग्रवाल, आजम खां ,इंद्रजीत सरोज समेत दस  महासचिव, संजय सेठ कोषाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, कमाल अख्तर और अभिषेक मिश्र समेत दस  सचिव, जया बच्चन, अहमद हसन तथा रामगोविन्द चौधरी समेत 25 सदस्य तथा छह विशेष आमंत्रित सदस्यों के नाम  हैं। साथ ही किरणमय नंदा को उपाध्यक्ष बनाये रखा गया है। मुलायम सिंह के बारे में पार्टी  के प्रांतीय प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि इस बारे में वह कुछ नहीं कह सकते। राजेंद्र चौधरी बताया  इतना जरूर है कि हमारी पार्टी के संविधान में संस्थापक पद का कोई प्रावधान नहीं है। 

October 8, 2017

काफी समय बाद अखिलेश और मुलायम एक साथ बैठे दिखाई दिए

सपा संरक्षक  मुलायम सिंह यादव पार्टी के राष्ट्रीय सम्मलेन में तो नहीं आये थे किन्तु उनके पुत्र अखिलेश यादव  सपा के फिर से  अध्यक्ष बनने के बाद लखनऊ में अपने पिता से  मिले। अब तक दोनों के बीच  सम्बन्ध ठन्डे चल रहे थे। किन्तु अखिलेश ने अपने पिता से इस मीटिंग का फोटो ट्विटर पर साझा भी  किया।  ट्विटर पर साझा की गई  इस फोटो से ऐसा लग रहा है कि अब पार्टी में सब कुछ ठीक होने जा रहा है। बताया जाता है कि  तीन महीने बाद अखिलेश और मुलायम सिंह एक साथ बैठे दिखाई दिए हैं । मुलायम के आगरा में आयोजित  राष्ट्रीय अधिवेशन में आने की पूरी उम्मीद  थी लेकिन अंतिम समय पर  उनका मूड बदल गया ।

October 6, 2017

अखिलेश यादव ने परिवार के साथ ताजमहल की चमकी का मज़ा लिया

आगरा। पांच वर्ष के लिए फिर से  सपा के राष्ट्रीय अध्य्क्ष चुने जाने के बाद अखिलेश  यादव अपनी पत्नी डिंपल और बच्चों के साथ गुरुवार देर शाम आगरा के ताजमहल का दीदार करने पहुंचे।  शरद पू्र्णिमा पर देर रात ताज देखने का खास आकर्षण है। ताज की सुंदरता का आनंद उठाने के लिए  पूर्णिमा के दो दिन पहले और दो दिन बाद में ताजमहल 8.30 से रात 12.30 बजे तक टूरिस्टों  के लिए खुला रहता  है। इस अवसर पर ताजमहल देखने के लिए सभी आठों स्लाट पहले  रिज़र्व  थे। जिन टूरिस्टों को  ताज के अंदर जाने का मौका  नहीं मिला  उन्होंने मेहताब बाग से ये दृ्श्य देखा। 

October 5, 2017

समाजवादी पार्टी - अखिलेश की फिर ताजपोशी पांच साल के लिए

आगरा में समाजवादी पार्टी  के दसवें राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान अखिलेश यादव  को  पार्टी का  एक बार  फिर अध्यक्ष चुना गया. इसकी औपचारिक घोषणा सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने  की. यह  उल्लेखनीय  है  कि इस  मौके  पर मुलायम सिंह यादव और अखिलेश के चाचा शिवपाल यादव मौजूद नहीं थे.इससे पहले जनवरी, 2017  में हुए पार्टी  के  राष्ट्रीय अधिवेशन में अखिलेश यादव  को मुलायम सिंह यादव के स्थान पर सपा का अध्यक्ष बनाया गया था. उनका कार्यकाल पांच वर्ष का होगा. इस प्रकार आगामी   लोकसभा चुनाव और 2022 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा जाना तय हो गया है. आगरा में  आयोजित  सपा के 10वें राष्ट्रीय अधिवेशन से पहले आज पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई जिसमें अध्यक्ष के कार्यकाल की अवधि मौजूदा तीन वर्ष से बढ़ाकर पांच साल कर दिया गया. सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर से पार्टी के करीब 15,000 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. यह माना जा  रहा है कि मुलायम सिंह  बेटे को अपरोक्ष तरीके से साथ दे रहे हैं और शिवपाल यादव अलग - थलग पड़े दिखायी देते हैं.

September 29, 2017

अखिलेश मनाने में लगे हैं मुलायम को, दिख सकते हैं एक साथ मंच पर आगरा में

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने  अपने पिता मुलायम सिंह यादव को  सपा की  आगरा में आयोजित  राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में आमंत्रित किया है । सपा के एमएलसी, सुनील सिंह साजन ने कहा कि हमें  पूरी उम्मीद है कि नेताजी इस बैठक में अवश्य  शामिल होंगे। । यदि मुलायम सिंह ने अखिलेश का  निमंत्रण स्वीकार कर लिया है, तो शायद यह पहली बार हो सकता है जब  मुलायम सिंह और अखिलेश दोनों एक साथ  मंच पर दिखाई दें। 25 राज्यों के लगभग 15,000  कार्यकर्ताओं के राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में भाग  लेने की उम्मीद की जा रही है। इस बैठक में अखिलेश यादव को अगले पांच सालों तक सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाएगा। मार्च में आयोजित  विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद, उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय प्रमुख की अवधि तीन वर्ष  से बढ़ाकर  पांच वर्ष  संशोधित की थी।

September 21, 2017

मुलायम ने अखिलेश को दिया एक और झटका, रामगोपाल को हटाया लोहिया ट्रस्ट से

समाजवादी  पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह ने  रामगोपाल यादव को लोहिया ट्रस्ट के सचिव पद से हटाकर अपने पुत्र अखिलेश यादव को एक और झटका दे डाला। पारवारिक कलह का कोई अंत नहीं नज़र आ रहा है। दोनों ही एक दूसरे को झटके पर झटका देने में कोई कसर  नहीं छोड़ रहे हैं। रामगोपाल यादव के स्थान पर मुलायम  ने अब अपने विश्वस्त शिवपाल यादव को यह पद दिया है। लोहिया ट्रस्ट के अध्यक्ष खुद  मुलायम सिंह यादव हैं और यह ट्रस्ट  एक गैर राजनीतिक संस्था है। लोहिया ट्रस्ट की मीटिंग में  अखिलेश और रामगोपाल यादव दोनों ही गैर हाज़िर थे। 

September 11, 2017

पांच अक्टूबर को आगरा में चुना जायेगा सपा का राष्ट्रिय अध्य्क्ष

समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन पांच अक्टूबर को आगरा में आयोजित किया गया है। इससे पूर्व प्रदेश अधिवेशन २३ सितम्बर को लखनऊ में होग।  जिसमें  हर जिले के सपा नेता भाग लेंगे। राष्ट्रिय अधिवेशन में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रिय  अध्यक्ष का चुनाव भी किया जायेगा। यह सूचना सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री नंदा ने दी। इससे पूर्व जनवरी में अखिलेश यादव को  राष्ट्रिय अध्यक्ष और उनके पिता मुलायम  सिंह को सपा का राष्ट्रिय संरक्षक बनाया गया था। 

April 15, 2017

सपा और बसपा,भाजपा के विरुद्ध कर सकती हैं गठबंधन

लखनऊ। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा की उन्हें  इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन पर विश्वास नहीं है। अखिलेश ने कहा की उन्हें बैलट पर ही भरोसा है। जनता को धोखा देकर प्रदेश में सरकार बनाने का  उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया। पूर्व मुख्य मंत्री का आरोप कि उत्तर प्रदेश में  चुनाव धर्म और जाति के आधार पर लोगों के बीच नफरत की बात  फैलाकर लड़ा गया था। वोट की पकड़ के लिए  धर्म और जाति के आधार पर जनता को लाभ देने की बात कही गई थी। भाजपा के झूठ के खिलाफ अखिलेश यादव दूसरी पार्टियों के साथ  गठबंधन के लिए  भी तैयार हैं। बसपा प्रमुख मायावती  पहले ही   गठबंधन की बात कह चुकी हैं। लगता है समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी  भाजपा के विरुद्ध  गठबंधन बना  सकती हैं। 

April 1, 2017

मुलायम का अखिलेश के प्रति गुस्सा कम नहीं हुआ

मुलायम सिंह यादव ने अपने पुत्र पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ बयान में  कहा कि जो बेटा अपने पिता का नहीं हो सकता है, वह आपका क्या होगा। वह मैनपुरी में लोगों को संबोधित कर रहे थे। लगता है आंतरिक झगड़ा अभी समाप्त नहीं हुआ है। मुलायम ने जो अपमान महसूस किया उसकी गर्मी अभी नहीं उतरी है। उनकी नाराज़गी अभी भी जारी  है। क्योंकि उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों  में मेरा इतना बड़ा  अपमान नहीं हुआ। उन्होंने पार्टी की आंतरिक लड़ाई को अखिलेश की हार का जिम्मेदार बताया।  

February 24, 2017

2019 में नरेंद्र मोदी को मतदाता बापस नहीं भेजेंगे - अखिलेश

समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री पर निशाना लगाते हुए कहा कि मोदी का नोट-बंदी का फैंसला जनता ने देख लिया। नरेन्द्र मोदी की पराजय की शुरुआत  उत्तर प्रदेश से ही होगी।  मुख्‍यमंत्री अखिलेश  यादव ने कहा कि  2019 में नरेंद्र मोदी को  मतदाता  बापस दिल्ली  नहीं भेजेंगे। वह फैजाबाद में एक  चुनावी रैली में बोल रहे थे।  बसपा प्रमुख मायावती पर हमला करने से वह नहीं चूके और कहा  कि  पिछली बार मायावती ने अपना सारा वोट भाजपा को ट्रांसफर कर दिया था। अखिलेश ने आगे कहा कि  बसपा चुनाव में भाजपा से नहीं लड़ना चाहती, बल्कि सपा को रोकने में पूरी ताकत लगा रही है। अखिलेश ने कहा कि किसान बीमा हमने  1 लाख से 5 लाख  किया और  अब हम इसे 7.5 लाख करेंगे। 

February 3, 2017

अखिलेश और राहुल के आगरा रोड शो का क्या निकलेगा परिणाम

अखिलेश यादव और राहुल गांधी ने एकसाथ आगरा में  रोड  शो  कर अपनी पूरी ताकत दिखाने की कोशिश की। बताया जाता है रोड शो में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की संख्या ज्यादा देखी गई। राहुल गाँधी और अखिलेश यादव बस पर  एक साथ खड़े होकर  अपनी मुस्कान से आगरा की जनता का दिल जीतने में लगे हैं। इस रोडशो के कारण  रोड शो के रास्ते से इलेक्ट्रिक   तारों को हटाया गया।   राहुल अखिलेश की बस की  उसकी ऊंचाई काफी है।  लखनऊ में दोनों ने पहले ही   झुक-झुक कर बिजली के तारों को पार किया था। उधर मेरठ में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने  कहा कि इन दोनों शहजादों ने उत्तर प्रदेश  को लूटा है। यह वक्त है जनता को इसका  जवाब देना चाहिए। देखना है  राहुल अखिलेश इन  आरोपों का जवाब में क्या कहते हैं। 

December 29, 2016

सपा की जीत के बाद भी क्या अखिलेश फिर से मुख्यमंत्री बन पाएंगे

मुलायम  कह चुके हैं कि उम्मीदवारों की लिस्ट में कोई भी बदलाव नहीं होगा। जारी की गई लिस्ट ही फाइनल है। उधर अखिलेश के लिए परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। उनके गुट के सारे मुलायम और शिवपाल से   नाराज़  नेता इंतज़ार में हैं कि वो कुछ न कुछ करें। सपा के भीतर  शिवपाल की ताकत बढ़ती जा रही है। यदि सपा उत्तर प्रदेश चुनावों में जीतती है तो सवाल उठता है कि क्या अखिलेश यादव फिर से मुख्यमंत्री बन पाएंगे। बात साफ है अखिलेश की तुलना में शिवपाल के ज्यादा विधायक होंगे। एक बार दोनों फिर से आमने सामने  खड़े  हुए हैं। अखिलेश नोजवान हैं। नरेद्र मोदी की तरह उत्तर  प्रदेश को डिजटल प्रदेश बना सकते हैं। प्रदेश के युवाओं को उनसे काफी उम्मीदें हैं। देखना है कि वह अपने समर्थकों के साथ क्या निर्णय लेते हैं। 

August 23, 2016

अखिलेश यादव अब भी मुख्यमंत्री पद के सबसे मज़बूत उम्मीदवार

लखनऊ : अपनी  पार्टी में  घटती लोकप्रियता के बावजूद अखिलेश यादव अब भी मुख्यमंत्री पद के सबसे मज़बूत उम्मीदवार का स्थान कायम किये हुए हैं। हाल ही में किये एक  सर्वे में  ऐसा कहा गया है। सपा में उनकी घटती लोकप्रियता का कारण आंतरिक झगडे हो सकते हैं। बताया जाता है शिवपाल की उनसे नाराज़गी अब भी  बरक़रार है, उधर अमर  सिंह भी उनसे किन्हीं कारणों से  नाराज हो गये हैं। मुलायम  सिंह अभी कुछ समय पहले ही  अमर सिंह को पार्टी में  वापस  लेकर आये हैं। बताया जाता है मुलायम के अलावा कोई नहीं चाहता था कि अमर सिंह  राज्यसभा सदस्य बनें। 

May 28, 2016

जल्दबाज़ी में शराबबंदी पर कोई भी निर्णय नहीं - अखिलेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव  ने कहा  कि प्रदेश में शराबबंदी पर कोई भी उचित  निर्णय इतनी जल्दी लेना बहुत कठिन है क्योंकि इस उद्योग से  लाखों लोगों की रोजी-रोटी जुडी हुई है। गन्ना किसान, हजारों दुकानें  आदि का  इससे सीधा सम्बन्ध है। जल्दबाज़ी में कोई भी निर्णय नहीं लिया जा सकता है। मेँ लोगों से इतना अवश्य कहूंगा कि शराब का सेवन कम करें। 

April 17, 2016

मुलायम सिंह यादव को देश का अगला पी एम चुना जाये : अखिलेश


लखनऊ:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को देश का  अगला प्रधानमंत्री चुने जाने की इच्छा व्यक्त की। अखिलेश की इच्छा  है कि देश का अगला प्रधानमंत्री समाजवादी हो। ये विचार उन्होंने ‘स्पीच्स इन पार्लियामेंट बाई चंद्रशेखर’ किताब के  विमोचन के समय कहे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश  सरकार द्वारा किये विकास कार्यों का कोई मुकाबला नहीं कर सकता। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती के अवसर  पर कहा कि उन्होंने समाजवाद को हमेशा  आगे बढ़ाया और इसको  मजबूती प्रदान की।
उल्‍लेखनीय है कि गत दिवस ही सपा मुखिया के

March 19, 2016

सपा के वोट घटने से अफसरों को उठानी पड़ेगी परेशानी - अखिलेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि हम अधिकारिओं के साथ प्यार से काम लेना चाहते हैं। आईएएस सप्ताह समारोह में बोलते हुए अखिलेश यादव ने यह चेतावनी दी कि  यदि हमारी वोट संख्या घटेगी  तो अधिकारियों  को भी परेशानी होगी। अधिकारियों पर कार्रवाई से जनता खुश होती है और हमारे वोटों में  बृद्धि होती   है। विपक्ष द्वारा यू पी की  कानून-व्यवस्था  ख़राब होने के आरोपों का जबाब देते हुए उन्होंने  कहा कि इस सम्बन्ध में कई प्रदेशों के आंकड़े देखने से मैने यह पाया कि हमारे प्रदेश में अपराधों की संख्या कम  है। उन्होंने कहा कि मैं  आलोचनाओं को पसंद करता हूँ , इसी के साहरे अपनी कमियां दूर करने का अवसर प्राप्त होता है। 

January 4, 2016

अखिलेश यादव ने किया 3 नेताओं को सपा से बर्खास्त

लखनऊ।  उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण गोरखपुर इकाई के पूर्व जिला अध्यक्ष राममिलन यादव, पूर्व उपाध्यक्ष कुंवर प्रताप सिंह और  जिला कार्रकारिणी सदस्य मुख्तार अहमद खान को पार्टी द्वारा   बर्खास्त कर दिया है। निष्कासित किए गए तीनों पदाधिकारी  गोरखपुर की लोकल  राजनीति में खास पकड़  रखते हैं। यह  जानकारी  पार्टी के...