January 2, 2019

पत्रकारि‍ता को संगठि‍त क्षेत्र मे लाकर दुश्‍वारि‍यों दूर करवायेंगे

सेवा की सुनि‍श्‍चि‍त्ता और सुरक्षा पत्रकारों की अहम जरूरत: चौ. उदयभान
नव वर्ष  पर वि‍धायक चौ उदयभान सि‍ंह ने पत्रकारि‍ता को
संगठि‍त क्षेत्र लाने के का  प्रयास संकल्‍प जताया। फोटो:असलम सलीमी
आगरा: वि‍धायक उदयभान सिंह ने कह है कि‍ पत्रकारि‍ता एक सम्मानजनक  पेशा है और इसके असंगठि‍त रूप को संगठि‍त स्‍वरूप प्रदान करने के लि‍ये जो भी अपेक्षायें उनसे की जायेंगी वह उसके लि‍ये हरभरसक प्रयास करेंगे। वह सि‍रकी मंडी स्‍थि‍त अपने नि‍वास पर सृष्‍टि‍ के पहले रि‍पोर्टर 'नारदजी प्रकट्य दि‍वस' पर आयोजि‍त पत्रकार सम्‍मान समारोह को संबोधि‍त कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि‍ पत्रकार की स्‍वतंत्रता तभी संभव है जबकि‍ उसकी सेवा की सुनि‍श्‍चि‍त्‍ता और सुरक्षा प्रभावि‍त करने के कारण खत्‍म हों। एक समय में अध्‍यापकों के समक्ष भी पत्रकारों के समान ही हालात थे।उनसे नि‍पटने को जो संघर्ष कि‍ये उनके अनुभवों का लाभ पत्रकारों के पेशे से जुडी अनि‍श्‍चि‍त्ता
को समाप्‍त करने को भी मि‍ल सके। भाजपा वि‍धायक ने नौकरशाही की नि‍रंकुश स्‍थि‍ति‍ पर कडा प्राहर करते हुए कहा जनप्रति‍नि‍धि‍यों तक नहीं बख्‍शते आम जनता को कि‍न स्‍थि‍ति‍यों को कि‍स प्रकार की स्‍थि‍ति‍यों का सामना करना पडता रहा होगा , इसे वह सहज समझते हैं कि‍न्‍तु मौजूदा सरकार पहले जैसे हालात नहीं रहने देगी। उन्‍होंने मीडि‍या के मि‍त्रों से भी कहा कि‍ जनप्रति‍नि‍धि‍यों का पक्ष भी जरूर अपनी खबर में शामि‍ल करें। उन्‍होंने कहा कि‍ उनके बारे में एक समाचार हाल में ही सोशल मीडि‍या पर वायरल कर प्रि‍ट और इलैक्‍ट्रानि‍क मीडि‍या को पास आऊट कर दि‍या। लगभग 400 चैनलों पर देश भर में यह कई दि‍न तक चलता रह।कि‍न्‍तु कि‍सी ने भी यह जानने की कोशि‍श नहीं की कि‍ आखि‍र यह अप्रि‍य स्‍थि‍ति‍ क्‍यों बनी ।
वि‍धायक उदयभान सि‍ंह और पूर्व वि‍धायक छोटेलाल वर्मा ने पत्रकारों
को सम्‍मानि‍‍‍‍त कर चर्चा की मीडि‍या में आ रहे बदलाव पर। 
पत्रकार राजीव सक्‍सेना ने कहा कि पेशावर  पत्रकारों का कोयी डाटाबेस नहीं है, सरकारों को इस सम्‍बन्‍ध में दायि‍त्‍वबोध कर अन्‍य पेशों की तरह नवीनीकृत सूचनायें संग्रि‍हि‍त करनी चाहि‍ये, मेडिकल पेशेवरों और वकीलों की तरह ही उनके पंजीकरण करने को न्‍यामक नि‍काय होना चाहि‍ये। सरकारी मान्‍यता केवल सरकारों की जरूरत को ही पूरा करती है,जबकि‍ पंजीकरण नि‍काये इस पेशे को ही जीवि‍कोपर्जन करने वालों के लि‍ये पेशागत पहचान की जरूरत।
अमर उजाला के सि‍टी चीफ चन्‍द्र मोहन शर्मा ने कहा कि‍ पत्रकारिता  के प्रति‍ प्रति‍बद्ध  पत्रकार का लक्ष्‍य हमेशा समाज को आईना दि‍खाने का ही रहा है, वही अब भी कर रहा है।हां जहां पहले उसके पास सीमि‍त व्‍यवस्‍थायें होती थी वहीं अब उसके पास अधि‍क संसाधन होते है।उन्‍होने कहा कि‍ अगर कि‍सी को शीशे में दि‍खने वाली अपनी शक्‍ल में कुछ खामी नजर आये तो उसे सुधारे न कि‍ शीशे को दोष दे। सी न्‍यूजपेपर के एडीटर राजीव दधीचि एवं अशोक लवानि‍यां ने भी वि‍चार व्‍यक्‍त कि‍ये।
 अमर उजाला के सि‍टी चीफ चन्‍द्र मोहन शर्मा, दैनि‍क जागरण के सि‍टी चीफ संजय रस्‍तोगी, अमि‍त कुमार शर्मा, नीरज शर्मा, सुशील शर्मा, वि‍द्याराम नरवार, राजेन्‍द्र शुक्‍ला, शमीम सिद्दकी, महावीर सिंह वर्मा, राजश शर्मा, ओम प्रकाश सवि‍ता, नीरज शुक्‍ला आदि‍ को वि‍धायक उदयभान सिंह , चौधरी देवेन्‍द्र सिंह दीपू, और अरवि‍द चौधरी आशु ने  उनकी कलम प्रति‍बद्धता के लि‍ये सम्‍मानि‍त कि‍या।
कार्यक्रम का संचालन वरि‍ष्‍ठ पत्रकार डा भनुप्रताप सिंह और श्री मनीष थापक के द्वारा कि‍या गया।इस अवसर पर डा संजीव पाल सिं‍ह, पूर्व वि‍धायक छोटे लाल वर्मा, अशोक लवानि‍यां, डा धर्मवीर सिंह, श्‍याम वीर सिंह बजरंगी,वि‍जय आदि‍ भी मौजूद रहे।