June 29, 2018

' गुडमार्निंग आगरा ' कमिटिड 'ग्रीनरी कीपर' को निशुल्‍क पेड उपलब्‍ध करवायेगी

डा राहुल साहय ने मां की स्‍मृति में पेड रौंप हरियाली बढाने को किया आव्हान
श्री के सी जैन अपने गुड मार्निंग आगरा के सदस्‍यों के साथ
 ( इन्‍सेट में)डा राहुल सहाय दम्‍पत्‍ति पौध रोपण करते हुए।
आगरा: पालीवाल पार्क किया बृक्षारोपण आगरा: महानगर को हराभरा रखने की हसरत रखने वाले अपने बुजुर्गों की पुण्यतिथि पर उनकी स्मृति में पौधारोपण करें, यह अपील आज पालीवाल पार्क ‘विशाल वाटिका’ में ' गुड मार्निंग आगरा ' के सुधि सदस्‍यों के द्वारा की गयी। अवसर था आगरा के प्रख्‍यात प्लास्टिक सर्जन डॉ0 राहुल सहाय द्वारा अपनी पत्नी कल्पना सहाय व गुड मॉर्निंग आगरा के सदस्यों के साथ अपनी स्वर्गीय माँ की स्मृति में किये पौध रोपण का। डा दम्‍पतति ने 'एलेस्टोनिया' के 10 पौधे लगाये जबकि  गुड मॉर्निंग आगरा संस्था द्वारा भी अपनी ओर से कैथ, सीता अशोक, सेमल व केसिया अलाटा के 10 पौधों को रोपित किया गया। 
गुड मॉर्निंग आगरा 
गुड मॉर्निंग आगरा के संरक्षक के0सी0 जैन द्वारा इस वर्षा ऋतु में बड़े स्तर पर आगरा शहर में
पौधारोपण करने की अपील की गई और उनकी ओर से रियायती दर पर भी पौधों को उपलब्ध कराने की बात रखी। श्री जैन द्वारा यह भी कहा गया कि यदि पौध रोपण के बाद आगे भी उनकी देखभाल करने के प्रति प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त करता है  तो उसको  निःशुल्क भी पौधे उपलब्‍ध  करवाये जायेंगे।
इस अवसर पर आगरा के डेण्टल सर्जन डॉ0 राघवेन्द्र दुबे द्वारा भी पौधारोपण किया गया एवं सावन व भादों के महीनों में पौधारोपण की बात रखी गई। वायु में धूल के कणों को घटाने के लिए भी पौधारोपण के महत्व को उन्होंने रखा। गुड मॉर्निंग आगरा द्वारा पालीवाल पार्क में 3100 पौधे इस वर्षा ऋतु में लगाये जाने की घोषणा की गई, जिनको कि संस्था द्वारा पार्क में कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाओं को दिया जायेगा।
ग्रीसन की देन है पालीवाल पार्क
उल्‍लेखनीय है कि कॉलोनियल 'ग्रीनरी स्‍ट्रैटजी' के तहत पालीवाल पार्क ब्रटिश इंडिया का पहला पार्क था जहां लौड स्‍कैपिंग का प्रयोग किया गया । यमुना नदी के खादारी क्षेत्र के रूप में पहचान रखने वाले इस क्षेत्र को पहले सर जोह्न प्रेसकोट हीविट की स्‍मृति में हीविट पार्क के रूप मे विकसित किया गया। जो कि भारतीय जंगलों से अगाध लगाव रखते थे तथा  यूनाइटिड प्रौविंस आगरा एड अवध के 1जनवरी 1907 से 15 सितमबर 1912 तक लैफ्टीनेट गर्वानर रहे थे।  बाद में आगरा नगर महापलिका के द्वारा इस पार्क का नाम अपने समय के कद्दावर राजनीतिज्ञ एवं स्‍वतंत्रता सेनानी स्‍व.कृष्‍ण दत्‍त पालीवाल पार्क कर दिया गया। स्‍व पालीवाल स्‍वयं इस पार्क से बेहद लगावरखते थे तथा जब भी आगरा में होते यहां सुबह की हवाखोरी के लिये जरूर आते थे। वैसे खादरी क्षेत्र को  पार्क की कल्‍पना को साकार करने का काम प्रख्‍यात उध्‍यानविद एडविन ढल्‍ड्रिन ग्रीसन को है। जनकी इस पार्क को लेकर थीम थी 'ग्रीनरी विद् वाइल्‍डरनैस '। पार्क को बारहमासी हराभरा रखने के लिये उन्‍होंने सिकन्‍दरा राजवाह( 1973 तक  भगवान टाकीज होकर यमुना नदी तक जाता था)  से पार्क तक एक नहरी गूल भी बनवाया था ।( अबतो पानी का यह इंतजाम पूरी तरह से खुर्दबुर्द हो चुका है।