February 14, 2018

रियूमैटिक बुखार के उपचार की विशेषज्ञ सेवाये अब आगरा में भी

--शरीर पर सूजनआना मुख्‍य लक्षण, बच्‍चों के लिये खास घातक
डा मनीशा चक्रवर्ती: ' बच्‍चों केप्रति खास सतर्कता बरतें '
आगरा,: नई दिल्ली के प्रख्‍यात मल्‍टी स्‍पेशलिटी इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के विशेषज्ञों ने  पुष्‍पांजलि अस्‍पताल में कैंप कर  रियूमैटिक बुखार  के कारणों,बाचाव और उपचार के उपायों की विस्‍तार से जानकारी दी।
टीम की लीडर एवं 'अपोलो ' हॉस्‍पिटल  की सीनियर कंसलटैंट(पैडियेट्रिक कॉर्डियोलॉजी )   डा मनीशा चक्रवर्ती ने कहा कि रियामैटिक फीवर मुख्‍य रूप से  स्ट्रेटोकोक्‍कस-बैक्टीरियम के कारण होता
है  और यह स्ट्रिप गले से जुड़े जटिलताओं में से एक है। यदि प्रारंभिक लक्षण पाये जाने पर भी उपचार नहीं करवाया जातातो यह हृदय, मस्तिष्क और त्वचा को भी प्रभावित कर सकता है, बच्चों केलियेतो बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। । मरीज के शरीर पर सूजन आना शुरू होना बीमारी के आधार भूतल क्षणों में से मुख्‍य  है। हालांकि यह रोग किसी को भी हो सकता है किन्‍तु महिलाओं, बच्चों और युवाओं को अधिक ग्रसित करता है।
डा चकृबर्ती ने कहा कि अगर रोग के लक्षण दिखें तो बच्‍चे को तुरंत एक्‍सपर्ट के पास ले जाना चाहिये।।कुछ ब्‍लड टैस्‍टों से इस रोग की पहचान सहजता के साथ हो जाती हैऔर नियमित उपचार से मरीज पूरी तरह से स्‍वस्‍थ्‍य हो जाता है ।एक प्रश्‍न केउत्‍तर में  डा चकृवर्ती ने कहा कि मरीजों को उपचारके लिये कई प्रकार से हॉस्‍पिटल भी सुविधाये और रियायतें प्रदान करता है  किन्‍तु मरीजों में जो  विपन्‍न वर्ग से आते हैं उनकी आर्थिक मददको सरकार कोऔरअधिक उदारता से आगे आना चाहिये।
हर दूसरे बुद्धवार को  आगरा में कैंप
 आगरा में रियूमैटि कफीवर के उपचार की व्‍यवस्‍था है,सीनियर पीड्रियाटिक कॉड्रियलाजिस्‍ट के रूप में  डा मनीषा चक्रवर्ती स्‍वयं महीने के हर दूसरे बुद्धवार (वैडन्‍सडे) को स्‍वयं आगरा में दिल्ली गेट के नजदीक स्‍थित पुष्‍पांलि हॅस्‍पिटल में कैंप करती है।फलस्‍वरूप ताजसिटी और आसपास के लोग  महानगर में ही मरीज का उपचार करवा सकते हैं।
 अपोलो अस्पताल 
 इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल, दिल्ली सरकार और अपोलो हॉस्पिटल एंटरप्राइज लिमिटेड के बीच एक संयुक्त उद्यम एवं भारत का पहला जेसीआई मान्यता प्राप्त अस्पताल है। जुलाई 1996 में यह अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप द्वारा स्थापित तीसरा सुपर-स्पेशियलिटी तृतीयक देखभाल अस्पताल है ,।15 एकड़ में फैली, इसमें 300 से अधिक विशेषज्ञों और 700 से अधिक परिचालन वाले बेड, 19 ऑपरेशन थिएटर, 138 आईसीयू बेड, राउंड-द-घड़ी फार्मेसी, एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएं, 24 घंटे की आपातकालीन सेवाओं और एक सक्रिय एयर एम्बुलेंस की उपलब्‍धता इसकी विशेषताएं हैं।
 अपोलो हॉस्पिटल्स दिल्ली में देश में किडनी और वयस्‍क लीवर ट्रांसप्‍लांटेशन   इसकी सेवाये विशिष्‍ठ सेवाओं में शामिल है। भारत में पहले पैड्रियोट्रिक और वयस्क यकृत प्रत्यारोपण इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में किये गये थे। अस्पताल चिकित्सा प्रौद्योगिकी और विशेषज्ञता के मामले में सबसे आगे है यह अपने रोगियों की देखभाल के लिए नवीनतम नैदानिक, चिकित्सा और शल्य चिकित्सा सुविधाओं की एक पूरी श्रृंखला प्रदान करता है अस्पताल ने 64 स्‍लाइट सीटी और 3 टेसला एमआरआई, नोवालिस टीएक्स और एकीकृत पीईटी सुइट की शुरूआत के साथ भारत को सबसे परिष्कृत इमेजिंग तकनीक पेश की है।   स्वास्थ्य जांच कार्यक्रमों की अवधारणा की पहल के लिये भी हॉस्‍पिटल की अपनी पहचान है। इंद्रप्रस्थ अपोलो ने दशकों से संतुष्ट ग्राहक आधार तैयार किया है। पिछले कुछ सालों से द वीक सर्वेक्षण द्वारा भारत में लगातार अस्पताल को सर्वोत्तम 10 अस्पतालों में स्थान दिया गया है।